क्रांतिकारी विचारों वाले थे मदन लाल धींगरा : सेनानी उत्तराधिकारियों ने क्रान्तिकारी मदन लाल धींगरा को किया नमन
Kunwar Diwakar Singh
Thu, Sep 18, 2025
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में सेनानी उत्तराधिकारियों ने क्रांतिकारी मदन लाल धींगरा की जन्म तिथि मनायी। उपस्थित जनों ने 26 वर्ष की छोटी उम्र में विदेशी धरती पर देश के स्वाभिमान के लिए फांसी पर चढ़ने के लिए उनको शत् शत् नमन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन संरक्षक एवं पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी ने कहा कि मदन लाल धींगरा का जन्म 18 सितंबर 1883 को अमृतसर में हुआ था। धींगरा बचपन से ही क्रांतिकारी विचारों वाले थे। अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि धींगरा की गिरफ्तारी की गई, और 17 अगस्त 1909 को लंदन की पेंटन विले जेल में उन्हें फांसी दी गई। उन्होंने खुले शब्दों में कहा कि वे देश के लिए अपना जीवन समर्पित करके गर्व महसूस करते हैं। संगठन के उपाध्यक्ष रामदीन गौतम ने कहा कि मदन लाल धींगरा ने कर्जन वायली को भारत में ब्रिटिश शासन द्वारा भारतीयों पर किये जा रहे अत्याचारों का बदला लेने और देश के सम्मान के लिए मारा। अन्त में उपस्थित सभी जनों ने उनकी शहादत के लिए उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कार्यक्रम समाप्त किया। कार्यक्रम में भानु प्रताप द्विवेदी एडवोकेट, राम सागर आर्य, जाबिर अली, नदीम खान सहित तमाम देश भक्त मौजूद रहे।
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