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: बसंतकालीन गन्ना बुवाई में किसान नई प्रजातियों का करें चयन

गोष्ठी में किसानों को दी गई जानकारियां
किसान वैज्ञानिक तरीका अपनाते हुए अधिक से अधिक क्षेत्रफल में करें गन्ना बुवाई
परसेण्डी, बहराइच। क्षेत्र में पारले कंपनी द्वारा बृहद स्तर पर गन्ना बुवाई के लिए गोष्ठियों के माध्यम से किसान जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को पारले कंपनी द्वारा क्षेत्र के ग्राम सिरौला में एक बसंत कालीन गन्ना बुवाई किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में 147 किसानों ने हिस्सा लिया। गोष्ठी का संचालन उप गन्ना प्रबंधक सूबेदार सिंह ने किया। गोष्ठी में आये हुये किसानों को संबोधित करते हुए पारले के एसोसिएट मुख्य गन्ना प्रबंधक संजीव राठी ने कहा कि इस समय बसंतकालीन गन्ना बुवाई का शुरुआत हो चुकी है। जिन किसानों के खेत खाली है वह सभी खेत तैयार कर गन्ना बुवाई शुरू कर दे। इस समय पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले खेत की तैयारी अच्छी प्रकार से करें। तैयारी के समय ट्राइकोडर्मा का प्रयोग जैविक खाद में मिलाकर जरूर करें। गन्ने की प्रजातियों में 0238, 0118, 15023, 14201 अधिक से अधिक क्षेत्रफल में लगाए। बीज शोधन हेक्सा टॉप, इमिडा, यूरिया से जरूर करें। इससे जमाव अच्छा होगा और कीड़े, बीमारियों का प्रकोप बिल्कुल नहीं होगा। ट्रेंच द्वारा 4 फीट लाइन से लाइन की दूरी रखे। जिससे पेड़ी की पैदावार बहुत ही अच्छी होगी और प्रति एकड़ औसत पैदावार 500 कुंतल अवश्य होगी। गन्ना विकास की कुंजी है इसलिए वैज्ञानिक तरीके अपनाते हुए अधिक से अधिक क्षेत्रफल में बुवाई करें। इसके अलावा कंपनी को साफ, ताजा गन्ना ही मिल गेट एवं क्रय केन्द्रो पर भेजे। गोष्ठी में पूर्व चेयरमैन सरदार सिंह बहराइच समिति एवं पारले के अन्य अधिकारीगण अमरेंद्र, अमर अशोक, प्रवेश, दिलीप, शैलेन्द्र, सूर्य प्रताप, नागेंद्र मौजूद रहे।

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