किसान ट्राइकोडर्मा का प्रयोग जरूर करे, जिससे रेड रॉट बीमारी ना आये : 10 जुलाई तक हर हाल में यूरिया की आखिरी टापड्रेसिंग गन्ना फसल में कर दे किसान
Kunwar Diwakar Singh
Sun, Jul 6, 2025
फखरपुर, बहराइच। पारले कंपनी के उप मुख्य गन्ना प्रबंधक संजीव राठी द्वारा नंदवल, बदरौली, कैसरगंज क्षेत्र का दौरा कर फसल का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि यूरिया की दूसरी मात्रा प्रति एकड़ 50 किलो तथा 10 किलो आर्गेनिक अमिनोज एक साथ मिलाकर लाइन में डाले। साथ ही सभी किसान अपनी गन्ना फसल में मिट्टी जरूर चढ़ा दे। मिट्टी चढाने से पूर्व 3 बैग आर्गेनिक पोटाश तथा 10 किलो गन्ना स्पेशल लाइन में प्रति एकड़ प्रयोग करे। उसके बाद मिट्टी चढ़ा दे। इससे खरपतवार नियंत्रण प्रभावी ढंग से होगा। सभी पोषक तत्वों का अवशोषण भी फसल अच्छी तरह से कर पायेगी। जल निकास भी आसानी से होगा और गन्ना उपज में भारी इजाफा होगा। बरसात में फसल बढ़वार भी अच्छी होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अपनी फसल का लगातार निरीक्षण करते रहे। 0238 प्रजाति की पैदावार बहुत अधिक है इसलिए इस प्रजाति को बचाये रखे। जिनके पास 0238 गन्ना लगा है वह सभी किसान 10 किलो ट्राइकोडर्मा को जैविक खाद में मिलाकर जड़ो के पास प्रयोग करे। जिससे रेड रॉट बीमारी से बचाव हो सके। गन्ना एक नगदी फसल है। गन्ने का क्षेत्रफल और उत्पादन बढ़ाये जो कि पडोसी जनपद से काफी कम है। खेती को वैज्ञानिक तरीके से करने की जरुरत है। इस मौके पर काफी संख्या में किसान और कंपनी के अन्य अधिकारी आदर्श, दीपक, भूपेंद्र मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन