: गन्ने के अच्छे जमाव के लिए भूमि व बीज शोधन जरूर करे किसान
Admin
Sat, Oct 19, 2024
शरद कालीन गन्ना बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त समय
फखरपुर, बहराइच। पारले कंपनी निरंतर अपने किसानों के साथ मीटिंग कर शरद कालीन गन्ना बुवाई एवं वैज्ञानिक खेती के बारे में चर्चा कर रही है। इसी क्रम में शनिवार को पदमपिछौरा क्षेत्र के किसानों के साथ कंपनी परिसर में मीटिंग हुई। जिसमे पारले के एसोसिएट मुख्य गन्ना प्रबंधक संजीव राठी द्वारा बताया गया कि यह समय शरदकालीन बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त है। इसलिए अधिक से अधिक क्षेत्रफल में किसान गन्ना बुवाई करें। इस समय जमाव और उत्पादन भी काफी अच्छा होगा। सबसे पहले खेत की तैयारी एमबी पुलाव से करे। जिससे ट्रेंच गहराई तक नाली बना सके। कम से कम एक फीट की गहराई पर गन्ना बुवाई करे। खेत की तैयारी के समय ट्राइकोडर्मा का प्रयोग पारले जैविक खाद में मिलाकर करे। स्वस्थ प्लाट से बीज ले। ताजा बीज एवं 2 आँख का टुकड़ा ही बुवाई में प्रयोग करे। बुवाई से पूर्व लाइन में पारले ऑर्गेनिक पोटाश एवं पारले गन्ना स्पेशल माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का प्रयोग करें। आर्गेनिक एवं जैविक खाद, बायोफर्टिलजर्स पर भारी छूट पारले कंपनी अपने किसानो को दे रही है। बीज शोधन फफूंदी नाशक दवा हेक्सा टॉप, एमिडा क्लोरप्रिड, यूरिया से करे। बुवाई के बाद केवल 2 इंच मिट्टी ही टुकड़ो पर डाले। किसान का प्रति एकड़ उत्पादन लक्ष्य 500 कुंतल कम से कम होना चाहिए। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी और तेजी से विकास होगा। अधिक उत्पादन देने वाली प्रजातियां 15023, 0118, 14201, 13235 की ही किसान बुवाई करे। उन्होंने किसानों को यह भी बताया कि कंपनी क्षेत्र में गन्ना क्षेत्रफल एवं उत्पादन काफी कम है। इसे किसानों को बढ़ाने की जरूरत है। आप सभी अवगत है कि पारले कंपनी का भुगतान एवं गन्ना विकास कार्य उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। कंपनी की क्षमता के अनुसार गन्ना मिलना चाहिए। इसलिए गन्ना क्षेत्रफल एवं उत्पादन बढ़ाए। पारले कंपनी द्वारा हमेशा किसानों के हितों को ध्यान में रखा गया है। इसलिए कंपनी को क्षमता के अनुसार पेराई योग्य गन्ना मिले यह सभी किसानों की कंपनी के प्रति नैतिक जिम्मेदारी बनती है। वैज्ञानिक और व्यापारिक खेती को बढ़ावा दे। गन्ने के साथ सहफसल भी ले। इस अवसर पर प्रगतिशील किसान एवं पारले के अन्य अधिकारी सूबेदार, अमरेंद्र, प्रवेश मौजूद रहे।
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