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भारत की आध्यात्मिकता एवं अखण्डता का प्रतीक है ‘‘वंदेमातरम‘‘ः सांसद : इन्दिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित हुआ वंदेमातरम का सामूहिक गान

Kunwar Diwakar Singh

Mon, Nov 10, 2025

बहराइच। देश के स्वतन्त्रता आन्दोलन की चेतना का प्रतीक राष्ट्रवाद के अग्रदूत बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा वर्ष 1875 में रचित राष्ट्रगीत वंदेमातरम के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इन्दिरा गांधी स्टेडियम में सांसद बहराइच डॉ. आनन्द कुमार गोंड, विधायक नानपारा राम निवास वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय, सदर विधायक अनुपमा जायसवाल के प्रतिनिधि शिवम् जायसवाल सहित अन्य गणमान्य व संभ्रान्तजन, मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र व अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में वंदेमातरम का सामूहिक गान सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी राज कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ संजय कुमार, पीडी डीआरडीए मनीष कुमार, जिला कृषि अधिकारी डॉ सूबेदार यादव, डीएसओ नरेन्द्र तिवारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी सुश्री प्राची पंवार, क्रीड़ाधिकारी आनन्द कुमार श्रीवास्तव, डीएचईआईओ बृजेश सिंह सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी, महराज सिंह इण्टर कालेज सहित विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के छात्र, शिक्षक-शिक्षिकाएं, खिलाड़ी व खेल प्रेमी, पुलिस कार्मिक सहित बड़ी संख्या में आमजन ने वंदेमातरम के सामूहिक गान में सहभागिता की। वंदेमारत का सामूहिक गायन स्टेडियम में मौजूद लोगों के बीच राष्ट्रीय भावना का संचार करने में सफल रहा। इस अवसर पर सांसद डॉ. गोंड ने भारत के राष्ट्रगीत वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर सभी नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि वंदेमातरम भारत की आध्यात्मिकता, अखण्डता और अपनत्व का प्रतीक है। इससे पूर्व मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र ने समारोह में शामिल सभी लोगों का स्वागत करते हुए देश के स्वतन्त्रता संग्राम में राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान की भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला। श्री चन्द्र ने कहा कि राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान ने सम्पूर्ण देशवासियों को एक सूत्र में पिरो कर दमनकारी अंग्रेज़ों के विरूद्ध सीसा पिलाई दीवार बन कर खड़े होने का हौंसला प्रदान किया, जिससे अंग्रेज शासकों के दांत खट्टे हो गये। सीडीओ ने कहा कि आज़ादी की प्रेरणा देने वाले इन्ही गीतों के गाने पर आज़ादी के जाने अनजाने कितने मतवालों को मुकदमों का सामना करना पड़ा। आज उन्ही के बलिदान का नतीज़ा है कि हम खुले मैदान में चौड़ी छाती के साथ राष्ट्रगान के कार्यक्रम में शामिल हैं।

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