: भारतीय नागरिकों की बर्बादी का सबब बन रहे कैसीनो
Admin
Thu, Sep 14, 2023नेपाल में लगभग ढाई दर्जन स्थानों पर चल रहा कैसीनो का गेम
भारतीय जुआरियों का होता है भव्य स्वागत
कैसीनों में हारे हुए लोगो को कर्ज देने के लिए भी भारी ब्याज पर तैयार बैठे रहते हैं लोग
कैसीनों में जमा पूंजी हारने वाले लोग अधिक, जीतकर आने वाले लोग बहुत कम होते हैं
रूपईडीहा, बहराइच। भारत के पड़ोसी देश नेपाल के बांके जिले के मुख्यालय नेपालगंज में धड़ल्ले से चल रहे कैसीनो भारतीयों के लिए बर्बादी का सबब बन रहे हैं। लखनऊ, सीतापुर, बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, कानपुर, लखीमपुर, शाहजहांपुर, श्रावस्ती, नवाबगंज व नानपारा सहित कई अन्य जिलों के साथ रूपईडीहा कस्बे के कई परिवारों के सदस्य कैसीनो की जुए की लत में पड़कर कर्ज में डूब गए हैं या फिर कंगाली की कगार पर आ गए है। कोरोना काल में कैसीनो बंद होने से कई भारतीय परिवारों राहत की सांस ली थी। लेकिन इधर कोविड के मद्देनजर स्थितियां सामान्य होने से फिर कैसीनो खुल गए हैं। जो भारतीय नागरिकों की बर्बादी का सबब बन चुके हैं। बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से कैसीनों में जुआ खेलने के लिए बड़ी-बड़ी गाड़ियों से कस्बे में लोग आते हुए दिखाई देते हैं। वहीं शाम ढलते ही नशे में सराबोर और हारी हुई शक्ल लिए हुए गाड़ियों से घर वापस चले जाते हैं। अगली सुबह फिर से नेपालगंज कैसीनो में भारतीयों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। भारत नेपाल सीमा पार कर बड़ी संख्या में आखिर पैसा नेपालगंज कैसे पहुंच जाता है यह बड़ा सवाल है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो भारतीयों की जिंदगी तबाह व बर्बाद हो जाएगी।
सिर्फ भारतीयों को ही मिलता है प्रवेश
कैसीनो में जारी नियम कानून से पता चलता है कि उनके रडार पर सिर्फ भारतीय हैं। आधार कार्ड व निर्वाचन कार्ड दिखाकर कैसीनो में सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही प्रवेश दिया जाता है। कैसीनो में भारतीय व नेपाल की मुद्रा स्वीकार की जाती है। नेपाली नागरिकों को कैसीनो में प्रवेश की अनुमति नहीं है।
मुफ्त में परोसी जाती है बियर व शराब
कैसीनो में भारतीयों को मुफ्त की शराब व बियर परोसी जाती है। भारतीय क्षेत्र के कई लोग पहले तो मुफ्त शराब व चखने की लालच में कैसीनो में इंट्री करते हैं। फिर नशा होने पर वह जुए की लत में फंसकर अपनी रकम गवां देते हैं। यही नही इन कैसीनों में नेपाली बालाओं के अर्धनग्न नृत्य भी होते रहते हैं।
जारी हुए हैं वीआइपी पास
नियमति व प्रति माह पांच लाख से अधिक की रकम का जुआ खेलने वाले भारतीयों के लिए कैसीनो संचालकों ने वीआइपी पास जारी किए हैं। इसके अलावा भारतीयों को गुमराह कर कैसीनों में लाने वाले दलालों को मोटा कमीशन भी दिया जाता है।
भारतीय सीमा से सटे शहरों में नेपाल सरकार ने दिए लाइसेंस
नेपाल सरकार ने नेपाली नागरिकों का प्रवेश वर्जित कर कैसीनों में सिर्फ विदेशी नागरिकों को ही प्रवेश की अनुमति दी है। अब चीन, जापान, अमेरिका से तो कैसीनों में लोग आएंगे नही। सिर्फ भारतीय नागरिक ही कैसीनों में जुआ खेलने पहुंच रहे हैं।
भारतीय सीमा से सटे नेपाली महानगरों में संचालित है कैसीनों
उत्तर प्रदेश से सटे नेपाली महानगर महेंद्र नगर में 3, भैरहवा में 4, नेपालगंज में 7 कैसीनों चल रहे हैं। इसी प्रकार काठमांडू में 12 व बिहार से सटे नेपाली महानगर जनकपुर में 3, वीरगंज में 1 व विराटनगर में 3 कैसिनों संचालित हैं। नेपालगंज में हैप्पी हावर, बेलिस, लकी स्टार, जैकपॉट, महजोंग सहित 2 और कैसीनों संचालित हैं।
जमुनहा में सभी कैसीनों के खुले है कार्यालय
रुपईडीहा से सटे नेपाली थाना जमुनहा पर सभी 7 कैसीनों के कार्यालय खुले हुए हैं। यहां भारतीय जुआरियों का भव्य स्वागत होता है। यहीं से यह कैसीनों की वातानुकूलित गाड़ियों में कैसीनों पहुंचते हैं। रुपईडीहा में बाहर से आने वाले संपन्न लोगो के वाहनों का कस्टम के सामने स्टैंड भी बन गया है।
कैसीनों में होता है भारतीय पांच सौ के नोटों का लेनदेन
नेपाल सरकार ने एक सौ रुपया भारतीय के अतिरिक्त दो सौ व पांच सौ के भारतीय नोट बैंड कर दिए हैं। परंतु इन कैसीनों में दो सौ, पांच सौ के नोट भी खुलेआम चल रहे हैं। नेपाल सरकार के आदेश का खुला उलंघन इन कैसीनों में हो रहा है। परंतु रुपईडीहा से लोग 20 से 50 हजार ही लेकर जाते हैं।
हुंडी से होता है लाखो का लेनदेन
गुप्त रूप से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय क्षेत्र से जो धनाढ्य लोग कैसीनों जाते हैं वह अपना लाखो रुपया रुपईडीहा में ही जमा कर देते हैं। उन्हें एक नेपाली नोट का नम्बर एलॉट कर दे दिया जाता है। कैसीनों में उन लोगो को भारतीय मुद्रा मिल जाती है। इसी प्रकार कैसीनों से लौट कर रुपईडीहा आने वाले लोगो को इसी सिस्टम से भारतीय मुद्रा वापस मिल जाती है। इस लेनदेन में 2 प्रतिशत धन रुपईडीहा में जमा होता है। जीतने वाले को 2 प्रतिशत काटकर रुपईडीहा में ही धन प्राप्त हो जाता है।
क्या कहते हैं समाजसेवी
उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति के जिला संयोजक समाजसेवी शेर सिंह कसौधन का कहना है रुपईडीहा में प्रतिदिन लगभग सैकड़ो गाड़ियां चार पहिया वाहन से लोग आते हैं और रुपईडीहा में गाड़ी खड़ी करके नेपाल जमुना में पहुंचते ही कृष्ण से चार पांच गाड़ियां लेने चली जाती है और उन्हें कैसीनो में ले जाकर पहले उनकी पूरी व्यवस्था करते हैं खाने-पीने की फिर बाद में उन्हें जुआ खेलने का टोकन देते हैं। भारतीय नागरिक करोड़ों रूपये हारकर वापस भारत अपने घर चले जाते हैं इस पर शासन प्रशासन को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। रुपईडीहा के प्रतिष्ठित व्यापारी व एडवोकेट विपिन कुमार अग्रवाल बताते हैं कि कैसीनों के बाहर लिखा रहता है कि सिर्फ विदेशियों का प्रवेश, नेपाली नागरिकों का प्रवेश वर्जित है। इसलिए भारतीय जुआरी ही कैसिनों में जाकर लुट रहे हैं। भाजपा जिला कार्यकारिणी के सदस्य व रुपईडीहा निवासी रतन कुमार अग्रवाल बताते हैं कि लोग हंसते हुए जाते हैं व नेपालगंज से रोते हुए लौटते हैं। कुछ लोगो के पास तो जेब मे कुछ नही बचता। भाजपा मंडल चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ सनत कुमार शर्मा ने बताया कि रुपईडीहा के ही कुछ बड़े लोग अपनी जमा पूंजी हार गए। जीत कर आने वाले लोग बहुत कम होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नवाबगंज, चरदा, जमोग व जैसपुर के लोग कैसीनों में हारे हुए लोगो को कर्ज देने के लिए भी भारी ब्याज पर तैयार बैठे रहते हैं।
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