: हर्षोल्लास के साथ मनाया गया सशस्त्र सीमा बल का 60वां स्थापना दिवस
Admin
Thu, Dec 21, 2023
रुपईडीहा, बहराइच। 42वीं वाहिनी द्वारा सशस्त्र सीमा बल का 60वां स्थापना दिवस बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान वाहिनी परिसर में बड़े खाने का आयोजन हुआ। जिसमें वाहिनी के सभी अधिकारीगण, अधीनस्थ अधिकारीगण एवं बल के सभी कार्मिक व उनके परिवारजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट पार्थ सारथी राय द्वारा महानिदेशक सशस्त्र सीमा बल से प्राप्त बल के 60वें स्थापना दिवस के बधाई संदेश को सभी कार्मिकों को पढ़कर सुनाया गया। तत्पश्चात सभी अधिकारीगणों ने जवानों के साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया। इस अवसर पर वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट पार्थ सारथी रॉय द्वारा बल के जिन कार्मिकों द्वारा प्रशंसनीय कार्य किए गए उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जिससे कि वे भविष्य में इसी प्रकार बल की उन्नति एवं प्रगति हेतु कार्यरत रहें। इसके उपरांत 42वीं वाहिनी एवं 59 वीं वाहिनी द्वारा संयुक रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं खेल कूद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे दोनो वाहिनियों के समस्त अधिकारीगण, अधीनस्थ अधिकारीगण व बल कार्मिक उपस्थित रहे। 42वीं एवं 59वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में परिवारजनों के छोटे-छोटे बच्चों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया तथा विजेता प्रतिभागियों को मेडल व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। खेलकूद प्रतियोगिता में 42वीं वाहिनी व 59वीं वाहिनी के जवानों के बीच रस्सा-कसी का मैच हुआ। जिसमें 42वीं वाहिनी की टीम विजेता रही। बल कार्मिकों द्वारा फूड स्टॉल भी लगाए गए जिसमें विभिन्न प्रकार के व्यंजन शामिल किए गए। जिसका सभी कार्मिकों व परिवारजनों ने लुफ्त उठाया। अंत में 42वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट एवं 59वीं वाहिनी के कमांडेंट द्वारा सभी बल कार्मिकों को सशस्त्र सीमा बल के 60वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया। वहीं 59 वाहिनी सशत्र सीमा बल नानपारा के प्रांगण व सीमा चौकियों में 60वीं स्थापन दिवस हों उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शक्ति सिंह ठाकुर कार्यवाहक कमांडेंट 59 वाहिनी ने द्वीप प्रज्वलित कर किया। कार्यवाहक कमांडेंट द्वारा वाहिनी के सभी बल कर्मियों एवं उनके परिवारजनो को बल के स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनायें दी और बताया गया कि सेवा सुरक्षा और बंधुत्व के ध्येय वाक्य के साथ देश की सेवा सुरक्षा में लगे एस.एस.बी. का गौरवशाली इतिहास रहा है। वर्ष 1962 के भारत चीन युद्ध के पश्चात 1963 में एस.एस.बी. का स्पेशल सर्विस ब्यूरो के रूप में गठन किया गया। युद्ध से उपजी विकट परिस्थियों में एस.एस.बी. ने सीमावर्ती जनता के मन में एक नई उर्जा का संचार किया और उनके मनोबल को बढ़ाकर उनके मन में सुरक्षा की भावना पैदा की। एस.एस.बी. ने सीमावर्ती क्षेत्रो में लाखो स्वयंसेवको को तैयार किया और देश की सरहदों को सुदृद्ध करने के अपने मिशन को जिम्मेदारी एवं पूरी दक्षता के साथ पूरा किया। वर्ष 2001 में एस.एस.बी. को केन्द्रीय पुलिस बल का दर्जा देते हुए गृह मंत्रालय के अधीन लाया गया। वर्ष 2001 में एस.एस.बी. को भारत-नेपाल और वर्ष 2004 में भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौपी गयी एवं सीमा सुरक्षा के दायित्यो के साथ आन्तरिक सुरक्षा ड्यूटी, चुनाव ड्यूटी, नागरिक कल्याण कार्यक्रमों का आयोजन पूरी दक्षता के साथ निर्वहन करते है। तदोपरांत 59 व 42 वाहिनी के बलकर्मियों बीच मित्रतापूर्ण खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। साथ दोनों वाहिनी के बलकर्मियों, संदीक्षा सदस्यों एवं बच्चो द्वारा संस्कृतिक कार्यक्रम का मनमोहक प्रस्तुति प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान हिमांशु दुबे उप-कमांडेंट, डा. विकास कुमार सिंह उप कमांडेंट (पशु चिकित्सा अधिकारी), गौतम शर्मा, सहायक कमांडेंट, रमेश चन्द्र, सहायक कमांडेंट निरीक्षक (सामान्य) विपिन कुमार, संदीक्षा सदस्य एवं वाहिनी के समस्त अधीनस्थ अधिकारी एवं अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।
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