: अमर शहीद खुदीराम बोस की 134वीं जयंती मनाई गई
Admin
Sun, Dec 3, 2023
सेनानी उत्तराधिकारियों ने खुदीराम बोस के जीवन वृत्त से सीख लेने का लिया संकल्प
बहराइच। सेनानी भवन में प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को सुबह दस बजे दस मिनट अपने पूर्वजों शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में एवं उनके उत्तराधिकारियों के अस्तित्व की रक्षा के लिए अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन ने अमर शहीद खुदीराम बोस की 134वीं जयंती मनाई। संगठन संरक्षक अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में खुदीराम बोस सबसे कम उम्र के फांसी पर चढ़ने वाले शहीद थे। उनका जन्म 03 दिसंबर 1889 को पश्चिम बंगाल के मेदनीपुर जिले में हुआ था। 18 वर्ष की आयु में वह स्वतंत्रता की बलि वेदी पर समर्पित हुए। संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि खुदीराम बोस ने कक्षा नौवीं के बाद ही पढ़ाई छोड़ दी और स्वदेशी आंदोलन में कूद पड़े। वह रिवांल्मूशनरी पार्टी के सदस्य बने और वंदेमातरम पम्पलेट वितरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में चलाए गए आन्दोलन में उन्होंने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। संगठन के ब्लाक अध्यक्ष विशेश्वरगंज अवधराज सिंह ने कहा कि खुदीराम बोस के क्रांतिकारी कदम विशेष कर अंग्रेजी न्यायिक अधिकारियों के विरुद्ध थे और जब वह देश में क्रांति का आगाज कर रहे थे तब शहीद-ए-आजम भगतसिंह की उम्र मात्र 01 वर्ष थी। खुदीराम बोस की शहादत ने देश के युवाओं को क्रांतिकारी विचार धारा को अपनाने के लिए प्रेरित किया। अन्त में उपस्थित सभी सेनानी उत्तराधिकारियों ने खुदीराम बोस के जीवन वृत्त से सीख लेने का संकल्प लिया और कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर दया शंकर गिरि, ननकऊ, रंगई यादव, दुःखहरन, बदलूराम गौतम, दोस्त मोहम्मद आदि देशभक्त मौजूद रहे।
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