: ई.ओ. के नेतृत्व में नगर सफाई महाभियान का हुआ शुभारम्भ
Fri, Jul 14, 2023
बहराइच। वर्षा ऋतु में नगर की साफ-सफाई को बेहतर करने, सभी पूजा स्थलों, स्मारकों, सार्वजनिक स्थलों, पर्यटन स्थलों पर समुचित सफाई, कूड़ा स्थलों एवं गन्दे स्थानों को साफ सुथरा कर पौध रोपण करने तथा नगर वासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से प्रदेश के मंत्री नगर विकास एवं ऊर्जाए.के. शर्मा के आहवान पर 14 से 21 जुलाई तक नगर में संचालित किये जा रहे नगर सफाई महाभियान के प्रथम दिन नवागंतुक न.पा.परि. बहराइच की अधिशासी अधिकारी श्रीमती प्रमीता सिंह के नेतृत्व में स्व. ठाकुर हुकुम सिंह किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय से गोलवाघाट की ओर साफ-सफाई अभियान चलाया गया। जिसमें स्वास्थ्य अनुभाग तथा सफाई निरीक्षकों के नेतृत्व में सफाई कार्मिकों द्वारा विभिन्न गतिविधियां संचालित की गई। अधिशासी अधिकारी ने नगरवासियों से अपील की है कि इस सफाई अभियान में अधिक से अधिक भागीदार बनकर अपने नगर एवं आस-पास के क्षेत्रों को साफ-सुथरा बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। उन्होंने सभी सभासदों से अपील की है कि महाभियान में नगरवासियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें सफाई व स्वच्छता के लिए प्रेरित किया जाय।
: हरियाली रिसार्ट में आयोजित हुआ किसान मेला कृषि प्रदर्शनी
Fri, Jul 14, 2023
जिलाधिकारी मोनिका रानी ने जनपद के कृषक उत्पादक संगठनों को कलस्टर में खेती कर आय अर्जित करने के दिये सुझाव
बहराइच। कृषि विभाग बहराइच के तत्वावधान में हरियाली रिसार्ट लखनऊ रोड पर आयोजित 01 दिवसीय जनपदीय मिलेट्स/खरीफ खाद्यान्न उत्पादकता गोष्ठी एवं किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी का डीएम मोनिका रानी ने फीता काटकर शुभारम्भ किया। इसके पश्चात् मेले में लगाये गये कृषि, उद्यान, मत्स्य, रेशम तथा निजी कम्पनियों तथा किसानों द्वारा लगाये गये स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके उत्पाद को अच्छी मार्केटिंग से जोड़कर आय वृद्धि को बढ़ाया सकता है। उन्होंने एफपीओ के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि जनपद में गठित कराये गये एफपीओ द्वारा बड़े पैमाने पर कलस्टर लेबल पर फार्मिंग को ही अपनाकर अच्छी आय वृद्धि की जा सकती है। एफपीओ प्रत्येक नई तकनीकी से जुड़े तथा कलस्टर में खेती करेंगे तो बड़ी-बड़ी कम्पनियां स्वयं उनके दरवाजे पर आकर अच्छा मूल्य देकर उनकी आय में वृद्धि सम्भावित है वरना एफपीओ गठन का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। उन्होंने जनपद के कृषकों को प्राकृतिक खेती से जुड़ने पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा यह अपेक्षा की कि नदियों के किनारे बसने वाले सभी किसान प्राकृतिक खेती करें क्योकि नेचुरल फार्मिंग भूमि व जल को स्वस्थ्य बनाये रखती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसान अधिक उपज प्राप्त करने के चक्कर में गुणवत्ताहीन खाद्यान्न उत्पादन करता है जो मानव एवं पर्यावरण के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि हाईब्रिड फसले तो अधिक उत्पादन देती है परन्तु उनमें उचित न्यूट्रिऐन्ट नहीं पाया जाता है। कृषकों द्वारा दलहनी फसलों को छुट्टा जानवरों से बचाव के लिए शासन स्तर पर घेरवाड़ की योजना लागू करने पर चर्चा की जा रही है उम्मीद है कि शीघ्र ही जनपद के ऐसे किसानों को लाभ मिलेगा जिनकी दलहनी फसले छुट्टा जानवर से नहीं बच पाती है। उन्होंने कटान, बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में बैम्बो(बांस) का पौधरोपण कराने का वन विभाग को निर्देशित किया। जनपद में मिहींपुरवा विकास खण्ड में सब्जियों के साथ हल्दी की खेती की जा रही है उन्होंने अपेक्षा की कि शहरों के आस-पास निवास करने वाले किसान भाई भी सब्जी एवं हल्दी की खेती कर अधिक आय अर्जित करें। उन्होंने कहा कि मैं भी एक किसान परिवार से हूॅ शीघ्र ही मैं आपके खेतों में आपके साथ निरीक्षण करूॅगी। खेती में महिला कृषकों का प्रतिशत 50-50 रहता है। इस किसान मेले में महिला कृषकों की उपस्थिति प्रशंस्नीय है। उन्होंने किसानों को स्वास्थ्य बनाये रखने हेतु श्री अन्न (मिलेट्स)-ज्वार, बाजरा, कोदो, सांवा आदि की खेती करने पर भी जोर दिया तथा बताया कि शहरों में अब पैसे वाले लोग ज्वार, बाजरा, कोदो, सांवा से बने उत्पाद को अत्यधिक पसन्द कर रहे है। मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना ने किसान मेले में उपस्थित किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि पहले हमारे पूर्वज ज्वार, बाजरा, कोदो, सांवा से बने भोजन करने हेतु प्रेरित करते थे तब हमे श्री अन्न का महत्व नहीं पता था आज हमारे जीवन में श्री अन्न का अत्यन्त महत्व है। इसी लिए इसे सुपरफूड भी कहते है। अध्यक्ष जिला पंचायत मंजू सिंह के प्रतिनिधि करनवीर सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि जब हम उच्च शिक्षा प्राप्त कर घर आये तो सामने समस्या यह आ रही थी कि रोज-रोज के खर्चो को किससे प्राप्त किया जाय। हमारे पास खेती उपलब्ध थी जिसमें धान, गन्ना, मछली पालन की खेती करना प्रारम्भ किया। उन्होंने किसानों से अपेक्षा की कि वे अपनी खेती स्वयं करें तथा अपने आस-पास के किसानों को भी यही राय दे। उन्होंने कहा कि 01 रूपये का सागौन का पौधा मिलता है जो 20 वर्ष में 50 हजार रू. का हो जाता है। वृक्ष वातावरण के लिए जरूरी है। जब किसान रहेंगे तभी जय रहेंगे तथा जवान रहेंगे। कम या अधिक खेत मायने नहीं रखता है। तकनीकी खेती करें तथा सागौन, साखू के वृक्ष लगाये जो उनके बुढ़ापे का सहारा बनेगा। डीडी एग्री कल्चर टी.पी. शाही ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा विभिन्न योजनाएं जैसे प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सोलरपम्प योजना, कृषि यंत्रीकरण योजना तथा प्रमाणित एवं संकर बीज वितरण की योजना के साथ मिलेट्स की योजना संचालित की जा रही है। जनपद के कृषक उत्पादक संगठनो तथा प्रगतिशील किसानों के माध्यम से ज्वार, बाजरा, कोदो, सांवा (श्री अन्न) का बीज मिनीकिट किसानों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है जिससे जनपद में मोटे अनाजों का अच्छादन बढ़ रहा है। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी एवं अन्य अतिथियों तथा अधिकारियों के साथ कृषि एवं एलाइड क्षेत्रों में अच्छा कार्य कर रही प्रगतिशील महिलाओं, औद्यानिक समितियों को फार्ममशीनरी बैंक तथा कम्बाईन हार्वेस्टर यंत्रो के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र तथा स्वीकृति पत्र प्रदान किया तथा 60 किसानों को कोदो, सांवा, उर्द आदि बीज मिनीकिट का वितरण भी किया। तत्पश्चात् जिलाधिकारी ने विभिन्न कृषि यंत्रों में रीपर कम्बाईन्डर, कम्बाईन हार्वेस्टर तथा औद्यानिक समितियों को अनुदान पर उपलब्ध कराये गये फार्म मशीनरी बैंक के अन्तर्गत ट्रैक्टर कृषि यंत्र को मुख्य विकास अधिकारी व अन्य के साथ हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। किसान मेला/किसान गोष्ठी में प्रभारी अधिकारी के.बी.के. के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ के.एम. सिंह, जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पाण्डेय द्वारा भी किसानों को कृषि निवेश उपलब्धता तथा वर्तमान खरीफ फसल उत्पादन के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। इस अवसर पर भूमि संरक्षण अधिकारी डा. सौरभ वर्मा, एसडीओ सदर उदयशंकर सिंह, कृषि रक्षा अधिकारी प्रियानन्दा, लघु सिंचाई के सहा.अभि. मंशाराम सहित कृषि एवं एलायड विभागों के अधिकारी कर्मचारी, कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरूण राजभर, डॉ. नन्दन सिंह, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. पी.के. सिंह, श्रीमती प्रिया सिंह, जितेन्द्र कुमार शुक्ल, कुलदीप वर्मा, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, लालता प्रसाद गुप्ता, शिव शंकर सिंह, श्रीमती ज्योति तुलसीयान, श्रीमती किरन वैश्य, पार्वती देवी, श्रीदेवी सहित सैकड़ों की संख्या में महिला प्रगतिशील कृषक तथा अन्य कृषक मौजूद रहे।
: ग्रामों में उपस्थिति के लिए लेखपालों का निर्धारित होगा रोस्टर
Fri, Jul 14, 2023
डीएम की अध्यक्षता में राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न
बहराइच। राजस्व कार्यो की मासिक समीक्षा कें लिए वृहस्पतिवार को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी मोनिका रानी ने उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लेखपालों का ग्रामवार उपस्थिति का रोस्टर निर्धारित कर दिया जाए ताकि सम्बन्धित लेखपाल उक्त दिवस में प्रातः 10 बजे से अपरान्ह 02 बजे तक सम्बन्धित ग्राम में उपस्थित रहकर आमजन की समस्याओं का निस्तारण करें। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि रोस्टर की प्रति उनके कार्यालय को भी उपलब्ध करा दी जाए ताकि रोस्टर के अनुसार ग्राम में मौजूद लेखपाल से वीडियो कालिंग कर जनता दर्शन में आने वाली फरियादियों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण कराया जा सके। बैठक के दौरान समस्त पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अभियान संचालित कर 05 वर्ष या उससे अधिक अवधि के लम्बित वादों का शत-प्रतिशत तथा 03 वर्ष से अधिक अवधि के लम्बित वादों का कम से कम 50 प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। समस्त पीठासीन अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वादों का निस्तारण किसी भी दशा में दायरा से कम नहीं होना चाहिए। एसडीएम को निर्देश दिया गया कि आई.जी.आर.एस. सन्दर्भों की भांति वादों के निस्तारण की भी समीक्षा की जाय साथ ही राजस्व विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की समीक्षा के लिए साप्ताहिक रोस्टर तैयार कर तद्नुसार कार्यों की प्रभावी समीक्षा करते रहें। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि बार-बार आने वाले प्रकरणों का स्वयं एसडीएम मौके पर जाकर निस्तारण कराएं। तहसीलों को यह भी निर्देश दिया गया कि विभिन्न परियोजनाओं हेतु भूमि की मांग से सम्बन्धित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण कराएं तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आयोजित होने वाले राहत जागरूकता शिविर हेतु सभी तैयारियां समय से कर ली जाएं। डीएम ने निर्वाचन जैसे चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में त्रुटि रहित मतदाता सूची सबसे महत्वपूर्ण अभिलेख है। इसलिए सभी अधिकारी पुनरीक्षण के दौरान अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी संजीदगी के साथ करेंगे। तहसीलों को निर्देश दिया गया विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त कराई गई आर.सी. का मिलान कराकर प्रभावी वसूली की कार्यवाही की जाय। डीएम ने कहा कि लम्बित सीलिंग वादों के निस्तारण हेतु प्रति शपथ पत्र दाखिल करने के साथ प्रभावी पैरवी के साथ-साथ शासकीय अधिवक्ताओं को सक्षम स्तर से पत्राचार भी कराएं। वादों के त्वरित निस्तारण के सम्बन्ध में डीएम ने तहसीलों को सुझाव दिया कि लम्बित वादों में से शीघ्र निस्तारित हो सकने वाले वादों को चिन्हित कर सर्वप्रथम उनका निस्तारण करें इससे लम्बित वादों की संख्या में कमी आयेगी। तहसीलों को निर्देश दिया गया कि मतदान केन्द्रों का शत-प्रतिशत निरीक्षण कर लें, निरीक्षण में पायी गई कमियों को दुरूस्त कराने के लिए खण्ड विकास अधिकारियों को पत्र भेज दिया जाय। डीएम ने तहसीलों को यह भी निर्देश दिया कि पुनरीक्षण अभियान की सफलता के लिए बी.एल.ओ. के साथ बैठक कर ली जाय। डीएम ने कहा कि पुनरीक्षण कार्य में मतदाता सूची की अशुद्धियों को दूर करने के साथ-साथ पुनरीक्षण अभियान के दौरान 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवक-युवतियों तथा महिलाओं के नामों को सम्मिलित करने पर विशेष फोकस किया जाय। ताकि जेण्डर रेशियों का मानक भी मेनटेन हो सके। डीएम ने इस बात की भी हिदायत की पुनरीक्षण के दौरान कोई एक परिवार अलग-अलग बूथों पर पृथक नहीं होना चाहिए। ऐसी त्रुटियों को गम्भीरता से लिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य राजस्व अधिकारी अवधेश कुमार मिश्र, नगर मजिस्ट्रेट शालिनी प्रभाकर, उप जिलाधिकारी सदर पूजा चौधरी, नानपारा के अजित परेश, कैसरगंज के पंकज दीक्षित, महसी के राकेश कुमार मौर्या, मिहींपुरवा (मोतीपुर) के संजय कुमार, पयागपुर के दिनेश कुमार, डिप्टी कलेक्टर डॉ. पूजा यादव, प्रशिक्षु पी.सी.एस. प्रिन्स वर्मा सहित तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा कलेक्ट्रेट के पटल सहायक मौजूद रहे।