: गैर इरादतन हत्या का वांछित अभियुक्त गिरफ्तार
Wed, Nov 15, 2023
बहराइच। थाना फखरपुर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल रवाना किया। पुलिस अधीक्षक प्रशान्त वर्मा द्वारा अपराध की रोकथाम व अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाये गए अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नगर कुंवर ज्ञानंजय सिंह व सीओ कैसरगंज कमलेश कुमार सिंह के निर्देशन में थानाध्यक्ष फखरपुर अनुज त्रिपाठी द्वारा गठित टीम ने मुखबिर की सूचना पर मुअसं. 545/2023 धारा 323, 504, 506, 308 भादवि से सम्बन्धित वंाछित अभियुक्त विनोद पुत्र बच्चूलाल निवासी टेड़वा महंथ थाना फखरपुर को ग्राम टेड़वा महंथ से गिरफ्तार किया गया। विधिक कार्रवाई कर अभियुक्त को जेल रवाना किया ग या। गिरफ्तारी टीम में उप निरीक्षक घरभरन यादव, उप निरीक्षक राम जियावन शामिल रहे।
: आमजन को सस्ती दर पर उपलब्ध कराये गए प्याज
Wed, Nov 15, 2023
लखनऊ से आयी गाड़ियों द्वारा ग्राहकों को 25 रूपये प्रति किलो की दर से बेचा गया प्याज
बहराइच। प्याज की आसमान छूती कीमतों को देखते हुए आमजन को सस्ता प्याज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को शहर में सस्ती दरों पर प्याज की बिक्री की गई। भारत सरकार के उपभोक्ता विभाग द्वारा बुधवार को शहर में लखनऊ से छह प्याज के लदे लोडर वाहन भेजे गए। इन पर तैनात कर्मचारियों द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गाड़िया लगाकर आम लोगों को 25 रूपये प्रति किलो की दर से प्याज की बिक्री की गई। प्रति ग्राहक को दो किलो के हिसाब से प्याज बेचा गया। शहर के कचेहरी रोड, घण्टाघर पार्क, दरगाह सहित अन्य क्षेत्रों में प्याज की बिक्री की गई। आम लोगों ने सस्ता प्याज बिकता देखकर प्याज की खरीददारी की। गौरतलब हो कि बीते कुछ दिनों से प्याज की कीमतों में अचानक बृद्धि हुई है। फुटकर बाजार में प्याज 60 से 70 रूपये प्रति किलो तक बिक रहा है। जिसके चलते आम लोगों की थाली से प्याज दूर होता दिख रहा है। पहले जहां लोग अधिक मात्रा में प्याज खरीदते थे वहीं अब कम मात्रा में खरीदकर अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहे है। सरकार द्वारा भी प्याज की बढती कीमतों को देखकर आम लोगों को 25 रूपये प्रति किलो की दर से प्याज मुहैया कराया जा रहा है। बीते दिनों जरवलरोड में भी सरकारी दरों पर लोगों को प्याज की बिक्री की गई थी।
: भाईयों को तिलक कर बहनों ने की खुशहाली की कामना
Wed, Nov 15, 2023
हर्षोल्लास के साथ मनाया गया भैया दूज पर्व
बहराइच। भाई और बहन के पवित्र बंधन का प्रतीक भैया दूज का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने अपने भाईयों के माथे पर तिलक कर मुंह मीठा कराया। दिवाली के तीन दिन बाद आने वाला भैया दूज ऐसा पर्व है जो भाई के प्रति बहन के स्नेह को अभिव्यक्त करता है एवं बहनें अपने भाई की खुशहाली के लिए कामना करती है। भाईदूज में हर बहन रोली एवं अक्षत से अपने भाई का तिलक कर उसके उज्जवल भविष्य के लिए आशीष देती है। भाई अपनी बहन को कुछ उपहार या दक्षिणा देता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाए जाने वाले इस इस त्यौहा को यमद्वितीया भी कहते है। त्यौहार के पीछे एक किंवदंती यह है कि यम देवता ने अपनी बहन यमी को इसी दिन दर्शन दिया था। जो बहुत समय से उससे मिलने के लिए व्याकुल थी। अपने घर में भाई यम के आगमन पर यमुना ने प्रफुल्लित मन से उसकी आवभगत की। यम ने प्रसन्न होकर उसे वरदान दिया कि इस दिन यदि भाई बहन दोनों एक साथ यमुना नदी में स्नान करेगे तो उनकी मुक्ति हो जायेगी। इसी कारण इस दिन यमुना नदी में भाई-बहन के एक साथ स्नान करने का बड़ा महत्व है। इसके अलावा यमी ने अपने भाई से यह भी वचन लिया कि जिस प्रकार आज के दिन उसका भाई यम उसके घर आया है। हर भाई अपनी बहन के घर जाये। तभी से भाईदूज मनाने की प्रथा चली आ रही है। जिनकी बहनें दूर रहती है वे भाई अपनी बहनों से मिलने भाईदूज पर अवश्य जाते है और उनसे टीका कराकर उपहार आदि देते है। वहीं कायस्थ समाज में इसी दिन अपने आराध्य देव चित्रगुप्त की पूजा की जाती है। कायस्थ लोग स्वर्ग में धर्मराज का लेखा जोखा रखने वाले चित्रगुप्त का पूजन सामूहिक रूप से तस्वीरों अथवा मूर्तियों के माध्यम से करते है। वे इस दिन कारोबारी बहीखातों की पूजा भी करते है। शास्त्रों के अनुसार भैयादूज अथवा यम द्वितीया को मृत्यु के देवता यमराज का पूजन किया जाता है। इस दिन बहनें भाई को अपने घर आमंत्रित कर अथवा सायं उनके घर जाकर उन्हें तिलक करती है और भोजन कराती है। ब्रजमंडल में इस दिन बहनें भाई के साथ यमुना स्नान करती है। जिसका विशेष महत्व बताया गया है। भाई के कल्याण और वृद्धि की इच्छा से बहने इस दिन कुछ अन्य मांगलिक विधान भी करती है। पौराणिक कथा के अनुसार इस दिन भगवान यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने जाते है। उन्हीं का अनुकरण करते हुए भारतीय भ्रातृ परम्परा अपनी बहनों से मिलती है और उनका सम्मान पूजनादि कर उनसे आर्शीर्वाद प्राप्त कर कृतकृत्य होती है।