: बाग में बकरी चले जाने को लेकर दो समुदाय में मारपीट, दर्जनों घायल
Tue, Jul 23, 2024
कैसरगंज, बहराइच। बाग में बकरी चले जाने को लेकर दो समुदायों में मारपीट हो गई। जिसमें दर्जनों लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना थाना कैसरगंज अंतर्गत हंसना जलालपुर की है। कैसरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत हंसना जलालपुर गांव निवासी समुदाय विशेष के व्यक्ति की बकरी बहुसंख्यक समाज के ग्रामीण के बाग में सोमवार शाम को चली गई। इसको लेकर कहासुनी शुरू हो गई। कहासुनी के बाद विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट होने लगी। मारपीट में एक पक्ष से खुशबू तिवारी, राहुल अवस्थी, बबलू, विमल कुमार तिवारी, शिवम तिवारी, किरण कुमार, प्रशांत तिवारी, राजकुमार, मनोज कुमार, ओम प्रकाश और दूसरे पक्ष से असद खान, शमशाद, शाहजहां, मेहर बानो, हनीफ जाकिर सहित कई लोगों को चोटें आयी हैं। सभी आसपास के लोगों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज भेजा गया। जंहा प्राथमिक इलाज के बाद सभी अपने घर चले गये हैं। इस मारपीट में 13 लोगों को गंभीर रूप से घायल हैं। जिनका इलाज चल रहा है। मारपीट की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्ष के लोगों को थाने बुलाया। दोनों पक्ष के लोगों ने एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए तहरीर दी। पुलिस ने दोनो तरफ से मिली तहरीर के आधार पर विशेष समुदाय के बीस व हिन्दू समुदाय के दस लोगों के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत किया है। प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह ने बताया कि सोमवार की देर श्याम ननकू की बकरी पुत्ती तिवारी के बाग में चली गई थी। इसी को लेकर विवाद हुआ। जिसमें दोनों पक्षों के लोग एकत्रित हो गए तथा मारपीट होने लगी। सभी का मेडिकल कराया गया। दोनों पक्षों की ओर से तहरीर मिली है। जिसमे विशेष समुदाय के 20 लोगों व हिन्दू समुदाय के दस लोगों व दस अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है। नामजद की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।
: एएनएम जान जोखिम में डाल लगा रहीं जिंदगी का टीका
Tue, Jul 23, 2024
नैया पार ले चलो खेवैया, टीकाकरण को जाना है
बहराइच। जानलेवा बीमारियों से बचाव में टीका बेहद अहम माना जाता है। जनपद के बाढ़ग्रस्त इलाकों के दूरस्थ गांवों में टीकाकरण करना आसान नहीं है। भानमती यादव और पुष्पा देवी जैसी स्वास्थ्यकर्मी जान जोखिम में डालकर महिलाओं, किशोरियों एवं बच्चों को टीका लगा रही हैं। कहीं विषैले जानवरों का डर है तो कहीं गहरे पानी में फंसने का, लेकिन इनके उत्साह में कोई कमी नहीं है। भारत-नेपाल सीमा से सटे बहराइच जिले के 232 गांव ऐसे हैं जहां पहुंचने के लिए नदी-नालों को पार करना पड़ता है। वर्षाकाल में जल भराव के कारण पानी से ढके फिसलन भरे कच्चे रास्तों, नदी-नालों, जंगल-झाड़ियों और विकट पगडंडियों से होकर हेल्थवर्कर गांवों तक पहुंच रहे हैं। जिला मुख्यालय से 55 किमी दूर चौकसाहार और बेलामकन गांव जाने के लिए सीएचसी शिवपुर से 7 से 8 किमी का रास्ता नदी पार कर तय करना पड़ता है। बाढ़ग्रस्त इन इलाकों में एएनएम भानमती यादव और पुष्पा देवी टीकाकरण के लिए कई बार जा चुकी हैं। पुष्पा देवी बीती 14 जुलाई को सुबह आठ बजे रवाना हुईं। चौकसाहार से एक किमी पहले नदी पार करने के बाद कच्चे रास्ते पर जल भराव के कारण सड़क बंद थी। ऐसे में जैसे-तैसे रास्ता पार कर 18 बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीका लगाया। पुष्पा बताती हैं कि हर साल बाढ़ के कारण गांव के कई परिवार दूर-दूर छोटी-छोटी बस्तियों में बस गए हैं। ऐसे में बरसात के मौसम में कच्चे और कीचड़ वाले रास्तों से उन तक पहुंचना और भी कठिन हो जाता है। घर और खेत सैलाब में कट जाने की वजह से ग्रामीणों को वैक्सीनेशन के लिए राजी करना थोड़ा मुश्किल होता है। जानकारी के मुताबिक चौकसाहार गांव में टीकाकरण के लिए एएनएम पुष्पा देवी अपनी दो बेटियों से दूर रहती है एक बेटी नाना-नानी के साथ मऊ जिले के मधुबन गांव में रहती हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ संजय कुमार शर्मा ने बताया कि डीएम मोनिका रानी के निर्देश पर जनपद में संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों अन्तर्गत 07 ब्लाकों के 232 गांवों में अब तक 1132 गर्भवती महिलाओं और 2300 बच्चों का टीकाकरण कर 90 फीसदी से अधिक लक्ष्य हासिल किया जा चुका है। साथ ही इन इलाकों की सभी गर्भवती महिलाओं की संभावित प्रसव तिथि भी अंकित कर ली गई है ताकि सही समय से सुविधाएँ मुहैया कराकर अस्पताल में प्रसव कराया जा सके। सीएमओं ने बताया कि स्वास्थ्य टीमों को टीकाकरण के लिए बाढ़ ग्रस्त स्थानों पर भी जाना पड़ रहा है, जहां पहुंचने के लिए सुरक्षित रास्ते तक नहीं हैं। हेल्थवर्कर के प्रयासों का ही परिणाम है कि हम अपने लक्ष्यों को पूरा कर रहे है।