: नहर में नहाते समय तीन बच्चे डूबे, एक बालिका लापता
Wed, May 1, 2024
नानपारा के गिरधरपुर गांव की घटना
नानपारा, बहराइच। भीषण गर्मी से निजात पाने के लिए किशोर व किशोरियों का नहर का स्नान उनकी जिंदगी के लिए काल बन गया। गहरे पानी में चले जाने के चलते सभी डूब गए। जिसमें से तीन के शव ग्रामीणों ने बरामद कर लिये हैं। जबकि अभी भी एक बालिका लापता बताई जा रही है। घटना नानपारा कोतवाली के गिरधरपुर गांव की है। जहां स्थित नहर में बुधवार को गांव की किशोरियां और किशोर स्नान कर रहे थे। स्नान करते समय सभी डूब गए। इनमें बालिकाओं समेत तीन लोगों की पानी में डूब कर मौत हो गई। जबकि एक किशोरी लापता है। उसकी तलाश की जा रही है। हादसे की जानकारी होते ही एसडीएम और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। कोतवाली नानपारा अंतर्गत गिरधरपुर गांव के ठीक सामने नहर स्थित है। गर्मी अधिक होने पर नहर में गांव निवासी आंचल 12 पुत्री शोभाराम, चोइनी 10 पुत्र श्रवण, राहुल 13 पुत्र सागर और माही 14 पुत्र सदबरन स्नान करने के गए। दोपहर 12 बजे सभी स्नान कर रहे थे। इसी दौरान स्नान करते समय पैर फिसलने से सभी बच्चे पानी में डूब गए। कुछ देर बाद परिवार के लोगों ने खोजबीन शुरू की तो नहर के निकट कपड़े और चप्पल मिले। जिस पर सभी ने नहर में खोजबीन शुरू की। ग्रामीणों की मदद से नहर से आंचल, चोईनी और राहुल का शव बरामद कर लिया गया। जबकि माही का कुछ पता नहीं चल सका है। उसकी खोजबीन की जा रही है। हादसे की जानकारी होने पर एसडीएम अश्विनी पांडेय, सीओ राहुल पांडेय और कोतवाल आरके सिंह, तहसीलदार गांव पहुंचे। सभी ने जांच कर बयान दर्ज किया। कोतवाल ने बताया कि तीन बालकों की डूबकर मौत हुई है। किशोरी की तलाश की जा रही है।
: धधकती आग से जंगली पेड़ों व वन्य जीवों पर गहराया संकट
Tue, Apr 30, 2024
दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों के अस्तित्व पर भी खतरा मडराने लगा
जंगली क्षेत्र में बढ़ रही आगजनी की घटनाओं से पर्यावरण विद चिन्तित
जंगलों की सुरक्षा आग से कैसे हो यह यक्ष प्रश्न बना
विभागीय कर्मी संसाधन के अभाव में आग पर त्वरित काबू पाने में अपने को असहाय पा रहे
शेर सिंह कसौधन
रुपईडीहा, बहराइच। तराई इलाकों में धधकती अग्नि ज्वाला की चपेट में आकर असंख्य जंगली वृक्ष के साथ ही नवजात वृक्षों का विनास भी तेजी से हो रहा है। साथ ही यहाँ के जंगलों में पायें जाने वाले दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों के जीवन पर भी खतरा मंडराने लगा है। विभागीय कर्मियों के तमाम मुस्तैदी के बावजूद आये दिन जंगली क्षेत्र में बढ़ रही आगजनी की घटनाओं से पर्यावरण विद चिन्तित नजर आ रहे हैं वहीं विभाग के उच्चाधिकारी पर्याप्त संसाधन अनुपलब्धता से हताश हैं। ऐसे में तराई के जंगलों की अग्नि से सुरक्षा पर सवालिया निशान लगने शुरू हो गये हैं। जंगलों की सुरक्षा आग से कैसे हो यह यक्ष प्रश्न बन गया है। जनपद के भारत नेपाल सीमावर्ती इलाकों में शताब्दियों से बेशकीमती जंगली क्षेत्र बहुतायत में पाया जाता रहा है। बहराइच वन प्रभाग अन्तर्गत अब्दुल्लागंज, चकिया, रुपईडीहा वन्य क्षेत्र का दायरा लगभग पचीस सौ हेक्टेयर में फैला हुआ है। जिसमे दुर्लभ प्राय के साखू, साल, सागौन, समेत जामुन, अर्जुन, सिरसा, कंज, पाकड़, दुडैल आदि प्रजाति के रोहनी बहुतायत में पाये जाते हैं। इन इलाकों में हिरन, सांभर, बारासिंघा, जंगली सुअर समेत तमाम दुर्लभ प्राय के वन्यजीव भी पाए जाते हैं लेकिन गर्मी के शुरुआती दौर से ही यहाँ लगातार आगजनी की बढ़ रही घटनाओं से पर्यावरण विद जहां चिन्तित नजर आ रहे हैं वहीं विभागीय कर्मी संसाधन के अभाव में आग पर त्वरित काबू पाने में अपने को असहाय पा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्रीय ग्रामीण अज्ञानता में नए चारा, खर व जंगली फल कटरवा, गरजुवा की ज्यादा फसल उगने के मंसूबे में वन्य क्षेत्र में आग लगा देते हैं साथ ही आसपास के इलाकों में पराली में भी आग लगाते हैं जिसका फैलाव जंगली क्षेत्र में हो जाता है। इससे काफी हद तक जंगली क्षेत्र में आगजनी की घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है। बढ़ रही आगजनी की घटनाओं से चिंतित पर्यावरण विद राकेश चन्द्र श्रीवास्तव व धीरेन्द्र शर्मा का कहना है कि वन्य क्षेत्र में फैलाव के लिये प्रतिवर्ष स्थानीय जनसहयोग से तमाम पेंड लगायें जा रहे हैं। वन विभाग की ओर से भी लगभग करोड़ों रुपए खर्च किये जाते हैं बावजूद इसके बढ़ रही आगजनी की घटनाओं के चलते वन्य क्षेत्र का संकुचन हो रहा है साथ ही दुर्लभ प्रजाति के पाये जाने वाले वन प्राणियों के अस्तित्व पर भी संकट गहरा रहा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना हैं कि आगजनी की बढ़ रही घटनाओं पर प्रभावी अंकुश के लिये वन्यक्षेत्र से जुड़े ग्रामीण इलाकों में लगातार जन जागरण अभियान चलाया जाना चाहिए तभी वन्य क्षेत्र के इलाकों में आगजनी पर प्रभावी अंकुश पाया जा सकेगा। प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच संजीव कुमार का कहना है कि वन्य क्षेत्र के खाली पड़े स्थानों पर स्थायी जलभरवाय के लिए तालाब खुदवाये जाने के लिये उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। साथ ही जंगली इलाकों में नालियां व चौक डैम्प बनावाकर वन्य इलाके के कंपार्टमेन्ट में वाटर सिस्टम रेजिंग की दूरगामी व्यवस्था हेतु भी पत्राचार किया गया है ताकि आगजनी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। ग्रामीण इलाकों में अग्नि की घटनाओं पर काबू पाने के लिए जन जागरण अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि वन्य क्षेत्र व वन्य जीव की सुरक्षा हो सके।
: थ्रेसर की चपेट में आने से मासूम का हाथ कटा
Tue, Apr 30, 2024
बहराइच। गेहूं मडाई के दौरान थ्रेसर मशीन की चपेट में आने से मासूम का हाथ कट कर अलग हो गया। घटना थाना ’रामगाव के खसहा मोहम्मदपुर की है। जहा के निवासी 10 वर्षीय मासूम अमित’ का थ्रेसर मशीन में गेंहू मडाई के दौरान हाथ कटकर अलग हो गया। मासूम को परिजनों द्वारा इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे लखनऊ रिफर कर दिया। 10 वर्षीय मासूम अमित की हालत चिंताजनक’ बनी हुई है।
बाइकों की आमने-सामने हुई भिड़ंत में सवार घायल
बहराइच। बाइकों की हुई आमने-सामने की भिडंत में दोनों बाइक सवार घायल हो गए हैं। घटना शहर के बहराइच-नानपारा मार्ग की है। भिड़ंत इतनी तेज थी कि दोनों बाइको के परखच्चे उड़ गए। दोनों बाइकों पर सवार युवकों को गंभीर चोटें आई है, जिन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। शहर के दरगाह थाना क्षेत्र के बहराइच-नानपारा मार्ग के काजीकटरा मोहल्ले के पास आमने सामने दो बाइको की भिड़ंत हो गयी। भिड़ंत इतनी तेज थी कि दोनों बाइकों के परख्च्चे उड़ गए। वही मौके पर मौजूद लोगों ने बाइक सवारो को शहर के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। जहाँ उनका इलाज चल रहा है। रामगांव थाना क्षेत्र के कालेपुरवा चौपाल सागर निवासी रामू ने बताया कि वह बहराइच के छावनी बाजार अपने घर से सोमवार रात को आ रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही बाइक से भिड़ंत हो गयी। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल बना रहा। इस मामले में दरगाह थाने के प्रभारी निरीक्षक हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि अभी तक कोई तहरीर नही मिली है। अगर कोई शिकायती पत्र मिलता है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।