: घुटनों तक गड्ढे, गड्ढो में भरा पानी, उसमें डाल दी गई मिट्टी
Fri, Sep 13, 2024
विकास भवन शेखदहीर मार्ग की कुछ यही है कहानी
मिट्टी डालने से मार्ग पर लोगों का निकलना हुआ दूभर
बहराइच। एक कहावत है एक तो करेला दूसरे नीम चढ़ा। यह कहावत विकास भवन शेखदहीर माधवरेती मार्ग पर सटीक बैठ रही है। एक तो पहले से मार्ग पर घुटनों घुटनों गड्ढे हैं। उसमें पानी भरा है उन गड्ढों भरे पानी में विभाग द्वारा ऊपर से मिट्टी डलवा दी गई है। जिससे चलना तो दूर अब तो निकलना भी मुश्किल हो गया है। ज्ञातव्य हो कि विकास भवन से शेखदहीर मार्ग की दयनीय दशा को देखते हुए मीडिया द्वारा अखबारों में खबरों का प्रकाशन किया गया था। स्थानीय लोगों द्वारा भी सीएम पोर्टल पर भी शिकायत की गई थी। जिसके बाद आनन फानन में गड्ढों भरे पानी में मिट्टी डालकर सड़क का बेड़ा गर्क कर दिया गया है। ज्ञातव्य हो कि शहर के डीएम आवास के बगल से माधवरेती शेखदहीर मार्ग गुजरता है। जो कि कई गांवों का मुख्य सम्पर्क मार्ग है। प्रतिदिन इस पर हजारों लोगों का आवागमन रहता है। बच्चे स्कूल जाते है पर सड़क की हालत इस तरह दयनीय हो गई है कि इस पर चलना दूभर हो गया है। लोग प्रतिदिन गिरकर चोटिल हो रहे है। बावजूद इसके न तो प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और न ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इस सड़क की दयनीय हालत पर तरस आता है। विभागीय अधिकारियों की हीला हवाली से पिछले कई वर्षो से सड़क की मरम्मत नही हो सकी है। जिस पर कुछ क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर सड़क मरम्मत की मांग की थी। जिस पर जिलाधिकारी द्वारा मामले को संज्ञान मे लेते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था पर मामला ढाक के तीन पात ही रहा। न तो सडक की मरम्मत हो पायी और न ही किसी अधिकारी ने उसको संज्ञान ही लिया। अब गड्ढो भरे पानी में सड़क पर मिट्टी डालकर लोगों का चलना दूभर किया जा रहा है।
: समस्याओं को लेकर अनुदेशकों ने बीएसए को सौपा ज्ञापन
Fri, Sep 13, 2024
बहराइच। पूर्व माध्यमिक अनुदेशक कल्याण समिति बहराइच के बैनर तले प्रान्तीय नेतृत्व के आह्वान पर शुक्रवार को ज्ञापन का कार्यक्रम जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। जिसमे बेसिक शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया। जिलाध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि हम अनुदेशक 11 वर्षों से निरंतर निष्ठा पूर्वक शिक्षण कार्य कर रहे हैं लेकिन सरकार हमें अभी भी उपेक्षित कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार हमारी मांगों पर जल्द विचार करें। जिला महामंत्री प्रमोद कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार हम सबको विभाग के मुख्य धारा में लाने का कार्य करें। उन्होंने सभी का आह्वान करते हुए कहा कि 29 सितम्बर तक हम सबकी मांग पूरी नही की जाती है तो हम सभी 30 सितंबर को लखनऊ की धरती पर विशाल धरना प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे। त्रिपुरेश उपाध्याय वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने कहा कि अनुदेशको को शीघ्र न्याय मिले। विशाल श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा है कि सरकार हमें विवश न करें लखनऊ की धरती पर ऐतिहासिक धरना प्रदर्शन के लिए आना पड़े। इस अवसर पर नीतिश गुप्ता, अरविंद द्विवेदी, बंदिनी वर्मा, सोनिया, संजय मिश्रा, अजय सरोज, मनीष मिश्रा, आशीष मद्धेशिया, अजय मौयार्, श्याम सुंदर, आशुतोष मेहता, जयप्रकाश चौधरी, विजय यादव, रईस अहमद, पंकज शुक्ला, पंकज चतुर्वेदी, सलमान सहित सैकड़ों अनुदेशक उपस्थित रहे।
: 50 वाहनों का किया गया चालान
Fri, Sep 13, 2024
बहराइच। जिलाधिकारी मोनिका रानी व पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला द्वारा दिए गए निर्देश के अनुपालन में शुक्रवार को परिवहन व पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से अवैध संचालित वाहनों के विरूद्ध अभियान चलाया गया। जिसके अन्तर्गत 50 वाहनों के विरूद्ध चालान/बंदी की कार्रवाई की गई। उक्त अभियान नियमित रूप से संचालित किया जायेगा। जिससे अवैध संचालित वाहनों पर पूर्णतया अंकुश लगाया जा सके।
मारपीट में सगे भाईयों को 14 वर्ष बाद हुई सजा
खेत में बकरे चरने पर की थी पिटाई
बहराइच। मारपीट के आरोपी दो सगे भाइयों को न्यायालय द्वारा 10-10 वर्ष की सजा सुनाई गई है। साथ ही आरोपियों पर 11,600 रूपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मामला 14 वर्ष पुराना है। बीते 1 फरवरी 2010 को थाना खैरीघाट अन्तर्गत बख्तावरपुरवा दलजीतपुरवा निवासी जगसेन सिंह पुत्र नगेसर सिंह के धनियां के खेत में ओंकार सिंह व त्रिभुवन सिंह तथा दलबीर सिंह के बकरे चर रहे थे। जिस पर नगेसर सिंह द्वारा विरोध जताया गया। जिसके चलते आरोपियों ने उनकी लाठी, डण्डों से पिटाई करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। मामले में जगसेन सिंह द्वारा दी गई तहरीर पर थाना खैरीघाट में मुअसं. 159/10 धारा 323, 504, 506 के तहत ओंकार सिंह, त्रिभुवन सिंह व दलबीर सिंह के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया था। विवेचना उपरान्त धारा 304 की बढ़ोत्तरी की गई थी। मुकदमा न्यायालय एसएसजे तृतीय की अदालत में विचाराधीन था। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय द्वारा आरोपी ओकार सिंह व त्रिभुवन सिंह पुत्रगण दलबीर सिंह को 10-10 वर्ष की कारावास की सजा सुनाते हुए 11,600 रूपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना न अदा करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।