: चीनी मिल का बॉयलर खुलने से दो कर्मचारी झुलसे
Wed, May 24, 2023
गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय में भर्ती
बहराइच। पारले चीनी मिल परसेंडी में मिल का बॉयलर अचानक खुल गया। जिसकी चपेट में आकर मिल के दो कर्मचारी झुलस गए। दोनों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। कैसरगंज तहसील क्षेत्र के परसेंडी में पारले चीनी मिल का संचालन होता है। मिल में हुजूरपुर थाना क्षेत्र के भूपानी गांव निवासी सत्यम सिंह 32 पुत्र अरुण प्रताप व अनुराग प्रताप सिंह 35 पुत्र नरसिंह बहादुर काम करते हैं। मंगलवार रात को दोनों कर्मचारी काम कर रहे थे। तभी मिल के डिस्टेलरी प्लांट का बॉयलर खुल गया। जिससे बॉयलर से गर्म भाप निकलने लगा। जिसकी चपेट में आने से दोनों कर्मचारी झुलस गए। आनन-फानन में दोनों कर्मचारियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज में भर्ती कराया गया। जहां हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। ईएमओ डॉक्टर अंकित पांडेय ने बताया कि मिलकर्मी ज्यादा झुलस गये है। उधर घटना की जानकारी होने पर परिवार के लोग जिला अस्पताल पहुंच गए हैं।
: किसान अधिक उत्पादन देने वाली गन्ना प्रजातियों का करे चयन
Tue, May 23, 2023
किसान वैज्ञानिक खेती को अपनाये तो प्रति एकड़ गन्ने का उत्पादन 500 कुंतल से कम नहीं होगा
किसान गन्ने का सर्वे खेत पर रहकर जरूर कराये
फखरपुर, बहराइच। पारले कंपनी के एसोसिएट मुख्य गन्ना प्रबंधक संजीव राठी द्वारा ग्राम पदमपिछौरा में गोष्ठी की गई। जिसमे किसानो को सम्बोधित करते हुवे उन्होंने कहा की यदि किसान वैज्ञानिक खेती को शत-प्रतिशत अपनाये तो प्रति एकड़ गन्ने का उत्पादन 500 कुंतल से कम नहीं होगा। अभी औसत उत्पादन केवल 200 कुंतल ही है इसे बढाने की जरुरत है। जिससे किसानो की आय में बढ़ोतरी हो सके। आज प्रति एकड़ किसान की लागत भी प्रति एकड़ 200 कुंतल उपज के बराबर है। उन्होंने कहा कि उत्पादन में मुख्य भूमिका जमीन उपजाऊ है या नहीं जमीन में आर्गेनिक कार्बन का स्तर निरंतर गिर रहा है जो लगभग औसत आधा प्रतिशत से भी कम है जो एक प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए। इसके लिए फसलों के अवशेष बिल्कुल ना जलाये, इस समय हरी खाद ढेंचा, सनई ,लोबिया आदि खाली खेतो में लगाए। पारले जैविक खाद एवं बायो फर्टिलाइजर का अधिक से अधिक प्रयोग करे। कंपनी किसानो को यह सभी खाद भारी छूट पर उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा दूसरी भूमिका उत्पादन में गन्ना प्रजातियो की होती है। अधिक उत्पादन देने वाली प्रजातियो में 0238, 0118, 15023, 14201 लगाए एक प्रजाति के ऊपर निर्भर ना रहे। इसके अतिरिक्त फसल प्रबंधन में खेत की तैयारी, निरोग एव शुद्ध बीज का चयन, बीज उपचार, ट्रेंच या रिंग पिट से गन्ना बुवाई को प्राथमिकता देना, बुवाई के समय खाद एवं उर्वरक की संतुलित मात्रा डालना, खरपतवार नियंत्रण के लिए समय पर जुताई -गुड़ाई, सिचाई ,संतुलित खाद एवं उर्वरको का प्रयोग स्प्रे के माध्यम से देना, कीड़े- बीमारियों का एकीकृत प्रबंधन, अपने खेतो का प्रतिदिन निरीक्षण करना, माह जून-जुलाई में मिट्टी चढ़ाना, माह जुलाई, अगस्त सितम्बर में गन्ना बधाई शामिल है। उन्होंने यह भी बताया की इस समय सर्वे कार्य चल रहा है। इसलिए अपने गन्ने का सर्वे खेत पर रहकर जरूर कराये। किसानो को बैठक के बाद एक रिंग प्लाट का भी निरीक्षण कराया गया। यह प्लाट काफी अच्छा था और किसान काफी संतुष्ट हुए। गोष्ठी में भारी संख्या में किसान एवं मिल के अन्य अधिकारी सूबेदार, अमरेंद्र, नागेंद्र, प्रवेश, सूर्य प्रताप, शैलेंन्द्र, दिलीप मोजूद रहे।
: डीएम मोनिका रानी ने जनता दर्शन में की जनसुनवाई
Tue, May 23, 2023
बहराइच। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने जिला विकास अधिकारी महेन्द्र कुमार पाण्डेय व डिप्टी कलेक्टर डॉ. पूजा यादव के साथ जनता दर्शन में आये हुए फरियादियों की समस्याओं की सुनवाई करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को समयबद्धता के साथ गुणवत्तापरक निस्तारण कराए जाने के निर्देश दिये हैं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसुनवाई में आने वाले फरियादियों की सुनवाई सम्मान जनक ढंग से करें तथा उनके बैठने इत्यादि की भी समुचित व्यवस्था की जाए। सभी अधिकारी जनसुनवाई की अवधि में अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में मौजूद रहें। जनसुनवाई करते समय प्रयास यह किया जाए कि आने वाले फरियादी की समस्या का तत्काल निस्तारण हो ताकि लोगों को अनावश्यक भाग-दौड़ न करनी पड़े।