: गिट्टी से भरा ट्रक पलटा, चालक परिचालक हुए घायल
Thu, Jun 1, 2023
जरवलरोड, बहराइच। जरवलरोड थाना क्षेत्र अंतर्गत लखनऊ-बहराइच हाईवे पर रिठौरा गांव के पास गिट्टी से भरा हुआ ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। जिसमें चालक परिचालक उसमें दब गए। ग्रामीणों की सूचना पर जरवलरोड पुलिस मौके पर पहुंची। ट्रक में फंसे चालक परिचालक को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार की सुबह जरवलरोड थाना अंतर्गत लखनऊ-बहराइच मार्ग पर बहराइच की ओर गिट्टी लेकर ट्रक जा रहा था। ट्रक जैसे ही रिठौरा गांव के निकट पहुंचा अनियंत्रित होकर पलट गया। जिसमें चालक परिचालक दब गए। प्रभारी निरीक्षक दद्न सिंह ने बताया जरवलरोड पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रक में फंसे चालक परिचालक को उप निरीक्षक पवन सिंह, उप निरीक्षक अनिल कुमार, कांस्टेबल विजय कुमार, प्रदीप सिंह, अंकित कुमार ग्रामीणों की मदद से ट्रक से घायलों को बाहर निकाला। घायलों को एंबुलेंस की सहायता से सीएचसी मुस्तफाबाद पहुंचाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने परिचालक विष्णु पांडे पुत्र संतोष पांडे निवासी तपे सिपाह थाना रामनगर बाराबंकी का पैर फैक्चर होना बताया। चालक राजू यादव पुत्र गंगाराम निवासी तपेसिपाह थाना रामनगर बाराबंकी को चोट आई है। परिचालक को जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया है।
: बैरिया गांव तीन माह से फैला खसरा, सूचना के बावजूद नहीं पहुंची टीम
Thu, Jun 1, 2023
चार दर्जन से अधिक ग्रामीणों में फैला खसरा
बौंडी, बहराइच। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की बानगी देखना हो तो तेजवापुर के बैरिया गांव आइये। यहां तीन माह से खसरा फैला हुआ है लेकिन किसी को खबर तक नहीं है। उधर समस्या की सूचना सीएचसी अधीक्षक अभिषेक अग्निहोत्री भी सुनने को तैयार नहीं है। समस्या को बताने के लिए उन्हें फोन किया जाता है तो फोन उठना मुनासिब नहीं समझते हैं। जानकारी के मुताबिक विकास खंड तेजवापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बैरिया खास में दर्जनों ग्रामीण बीते तीन माह से खसरे के चपेट में हैं। सूचना के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों का हाल तक नहीं पूछा हैं। नतीजतन ग्रामीणों ने निजी चिकित्सकों की शरण में जाना पड़ा है। बैरिया खास गांव में दो आशा बहुओं का निवास स्थान है। इसके बावजूद गांव में खसरा बेकाबू है। बैरिया गांव में अमन कुमारी व प्रेमावती आशा बहु है। ग्रामीण दिलीप कुमार, मोल्हे व विक्रम का आरोप है कि गांव में बीते तीन माह से खसरा फैला हुआ है। खसरा फैलने की जानकारी आशा, एएनएम को दी गयी है। इसके बावजूद गांव में दवा नहीं वितरित किया गया है न ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बीमार लोगों का सैम्पलिंग कराया है। ग्रामीणों कहना है कि निजी चिकित्सकों से इलाज करने को मजबू्रर है। इसके साथ बैरिया के मजरा बेहड़ा में श्री चंद 28 पुत्र हरिद्वार पाल व शिवकुमार 12 व अमृत लाल खसरा सहित यहां लगभग आधा दर्जन ग्रामीण खसरे की चेपट में है।
बैरिया गांव में यह लोग है खसरे की चपेट में
दयानंद 38 पुत्र कैलाश नाथ, मीना 35 पत्नी दयानंद, वर्तिका 9 पुत्री दयानंद, शोभित 12 पुत्र दयानन्द, वैष्णवी 3 पुत्री दयानन्द, दिलीप 24 पुत्र दयाशंकर, रितेश 14 पुत्र विक्रम, कोमल 28 पुत्र ओम प्रकाश, मोल्हे 50 पुत्र भारत, फूलमती 45 पत्नी मोल्हे, बदलू 30 पुत्र मोल्हे, विक्रम 27 पुत्र बदलू समेत चार दर्जन से अधिक लोग खसरे से पीड़ित हैं।
तेजवापुर ब्लाक क्षेत्र में खसरे पर अंकुश नहीं
स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही व कर्मचारियों की निष्क्रियता से तेजवापुर ब्लाक क्षेत्र में खसरे की बीमारी आम हो गई है। काफी दिनों से खसरे का प्रकोप चल रहा है। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ अभिषेक अग्निहोत्री से उनके फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो घंटी बजती रही लेकिन अधीक्षक का फोन नहीं उठा। मुख्य चिकित्साधिकारी एसके सिंह ने बताया कि टीम भेजा जा रहा है। सभी पीड़ित लोगों का हर संभव इलाज किया जा जायेगा।
: आग से डेढ़ दर्जन से अधिक कटान पीड़ितों के आशियाने स्वाहा
Thu, Jun 1, 2023
घर ग्रहस्थी का सामान, खाद्यान, नगदी व मोबाइल फोन स्वाहा
तहसील महसी के करहेना टेपरा की घटना
बहराइच। वृहस्पतिवार सुबह अचानक भड़की आग से देखते देखते कटान पीड़ितों के लगभग 18 लोगों की झोपड़िया जलकर स्वाहा हो गई। आग इतनी भीषण थी कि सभी को घर गृहस्थी का सामान निकालने का मौका नही मिला। आग से घर ग्रहस्थी का सामान, खाद्यान, नगदी, मोबाइल फोन जल कर खाक हो गए । घटना तहसील महसी के करेहना टेपरा की है। ज्ञातव्य हो कि इसी तहसील के ग्राम मुरौवा निवासी डेढ़ दर्जन से अधिक कटान पीड़ितों को जो डेढ़ दशक पूर्व अपने घर घाघरा कटान के बाद बेलहा बेहरौली तटबंध के किनारे झोपड़ी रखकर गुजर-बसर कर रहे थे। इन सभी को लगभग 6 माह पूर्व तहसील प्रशासन द्वारा करेहना स्थित ग्राम पंचायत की जमीन पर बसाया गया था। जहां सभी अपनी झोपड़िया रख कर रह रहे थे। वृहस्पतिवार सुबह अचानक भड़की आग ने सभी 18 लोगों के आशियाने जलाकर खाक कर दिए। आग के चलते उनके खाद्यान सहित ग्रहस्थी का सभी सामान, नगदी व मोबाइल फोन जलकर स्वाहा हो गया। दमकल की गाड़ी जब तक पहुंची तब तक सब कुछ स्वाहा हो गया था। उनके पास खाने-पीने का कोई भी सामान तथा सर छिपाने की जगह भी नहीं बची है। घटना की सूचना पर एसडीएम महसी राकेश कुमार मौर्या, क्षेत्राधिकारी जयप्रकाश त्रिपाठी ने क्षेत्रीय लेखपाल व कानूनगो के साथ मौके का मुआयना किया व जल्द पीडितों को सहायता देने की बात कही। उन्होंने बताया कि पीड़ितों को तत्काल 10 किलो चावल, 10 किलो गेहूं, 5 किलो आलू, तिरपाल की व्यवस्था करायी गई है। अहेतुक सहायता की 13000 की धनराशि शाम तक उनके खातों में भेज दी जाएगी। अग्निकांड का मुआवजा भी जल्द मिल जाएगा। आग के चलते उर्मिला देवी, तुलसी, कन्हैया लाल, धरमू सिंह, ननकुन, चम्पा देवी, सिद्धू, ननकुन, परमा, मुरली, सियाराम, पुरई, क्वारे, रामलाल, दिनेश सहित लगभग 20 लोगो के घर जलकर स्वाहा हो गए।