: हर्षोल्लास के साथ मनाया गया विकसित भारत संकल्प यात्रा
Fri, Dec 8, 2023
विकसित भारत संकल्प यात्रा का रिसिया के बुलबुल नेवाज में कार्यक्रम हुआ संपन्न
बहराइच। विकास खंड रिसिया की ग्राम सभा बुलबुल नेवाज में विकसित भारत संकल्प यात्रा बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्राओं द्वारा स्वागत गीत देशगीत तथा मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर को झारखंड से पूरे देश में विकसित भारत संकल्प यात्रा की शुरुआत की थी। जिसके क्रम में ग्राम पंचायत गोकुलपुर व बुलबुल नेवाज में संयुक्त रूप से कार्यक्रम में सहभागिता कर विभिन्न योजनाओं के काउंटर्स लगाए गये। जिसे केंद्र सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य हो सके। पंचायत से आई हुई महिलाएं युवा वृद्ध इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए लाभार्थियों को उनके प्रमाण पत्र और चाभियां दी गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि जिला उपाध्यक्ष दीपक सत्या, विशिष्ट अतिथि ब्लॉक प्रमुख रिसिया संजय जयसवाल, मंडल प्रतिनिधि भाजपा आलोक अग्रवाल, महामंत्री आयुष अग्रवाल, ग्राम प्रधान गोकुलपुर भगवती प्रसाद वर्मा तथा ग्राम प्रधान बुलबुल नेवाज प्रिंस, खंड विकास अधिकारी रिसिया, सहायक विकास अधिकारी पंचायत गुलामुद्दीन जिलानी, ग्राम पंचायत सचिव दुररे हसन सहित सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण युवा महिलाएं एवं विद्यालय की छात्र-छात्राएं मौजूद रही।
: एक साथ पुरुष नसबंदी करवा दो सगे भाई बने प्रदेश के पहले नज़ीर
Fri, Dec 8, 2023
पुरुष नसबंदी में जनपद मंडल में टॉप
बहराइच। गर्भधारण से लेकर बच्चों का जन्म व पालन-पोषण जैसी सभी जिम्मेदारियाँ महिलाएं ही उठाती हैं और बात जब नसबंदी की हो तो उन्हें ही आगे आना पड़ता है। लेकिन इस परंपरा को तोड़ दो सगे भाइयों ने एक साथ पुरुष नसबंदी की सेवा लेकर नजीर पेश की है। जिला स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सूचना अधिकारी बृजेश सिंह की माने तो दो सगे भाइयों का एक साथ नसबंदी कराने का फैसला उत्तर प्रदेश का पहला मामला है। फखरपुर के अरई कला निवासी 35 वर्षीय श्री प्रकाश के चार और छोटे भाई 28 वर्षीय अरविन्द के तीन बच्चे हैं। दोनों सगे भाई खेती करते हैं। अरविन्द कहते हैं परिवार पूरा था इसलिए पत्नी की नसबंदी कराने की बात चल रही थी। इसी बीच आशा कार्यकर्ता तारावती ने पुरुष नसबंदी की जानकारी दी। बताया यह महिला नसबंदी से काफी आसान है, इसमें न तो कोई चीरा-टांका लगता है न ही मर्दानगी पर कोई असर पड़ता है। अरविन्द ने यह बात बड़े भाई श्री प्रकाश से बताया तो उन्हे विश्वास नहीं हुआ कि बिना चीरा लगाए नसबंदी कैसे होगी। शंका समाधान के लिए आशा तारावती ने गांव के विश्वनाथ से मिलवाया जिन्होंने एक सप्ताह पहले नसबंदी कराई थी। विश्वनाथ ने बताया उन्हें न तो कोई चीरा-टांका लगा था न ही भर्ती होने की जरूरत पड़ी। वह स्वस्थ हैं और पहले जैसे ही अपने सभी काम-काज कर रहे हैं। संतुष्टि मिलने पर दोनों भाइयों ने एक साथ नसबंदी कराने का फैसला लिया। अरविन्द ने इसकी चर्चा गाँव निवासी गोविंद से की जो तीन बच्चों के बाद अपनी पत्नी की नसबंदी के बारे में सोंच रहे थे। जब उन्हें पुरुष नसबंदी की सही और पूरी जानकारी मिली तो वह भी तैयार हो गए और 28 नवंबर को सभी ने एक साथ नसबंदी करवा ली। अरविन्द ने बताया नसबंदी में लगभग 5 मिनट लगे थे और घर आने के बाद उसी दिन खेत में गेहूं की बुवाई कराने चला गया। वहाँ सरावन जिसे पाटा कहते हैं उस पर बैठ कर खेत की मवाई भी कराई। वह कहते हैं पत्नी की नसबंदी होती तो टांका कटने और सामान्य कार्य करने में एक सप्ताह से अधिक समय लग जाता। डीपीएम सरजू खान ने बताया कि आमतौर पर पुरुष नसबंदी के बारे में चर्चा नहीं होती। ऐसे में दो सगे भाइयों ने आपस में बातचीत कर एक साथ नसबंदी की सेवा लेकर मिसाल पेश की है। उन्होंने बताया जनपद में अप्रैल से अब तक 45 लोगों को पुरुष नसबंदी की सेवाएँ दी जा चुकी हैं जो मण्डल में सबसे अधिक है। इच्छुक लोग क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता या मोबाइल नंबर 6393805282 पर संपर्क कर पुरुष नसबंदी के बारे में अधिक जानकारी ले सकते हैं। “परिवार नियोजन में बढ़ रही पुरुषों की भागीदारी से “स्वस्थ माँ और स्वस्थ बच्चा” की अवधारणा को साकार करने में मदद मिलेगी। इसमें अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान है जल्द ही सभी को सम्मानित किया जाएगा।
: निर्धारित ट्राली एवं बैलगाड़ी ग्रास वजन के हिसाब से ही गन्ना पारले कंपनी में भेजे किसान
Fri, Dec 8, 2023
फखरपुर, बहराइच। किसानो से विशेष अनुरोध करते हुए पारले कंपनी के एसोसिएट मुख्य गन्ना प्रबंधक संजीव राठी ने कहा कि पेराई सत्र के लिए मिल गेट एवं क्रय केन्द्रो पर हाड़ा वजन (ट्राली-बैलगाड़ी) के लिए निर्धारित है। उसी के अनुसार गन्ना भेजे। ग्रास वजन से अधिक जो गन्ना बचता है उसे बाहर ले जाकर ड्राइवर औने-पौने रेट पर बेच देते है। जागरूक बने अपना एवं अपने परिवार का नुकसान बिल्कुल ना करें। अपना गन्ना अपने नाम पर ही बेचे। जिससे हर वर्ष आपके बेसिक कोटे में निरंतर बढ़ोतरी होती रहे। गन्ना आपूर्ति में जल्दबाजी न करे। गन्ना एक नकदी फसल है। उन्होंने यह भी कहा कि जमीन की सतह के बराबर से ही गन्ना कटाई करें। पौधे गन्ने की कटाई 15 फरवरी से पहले ना करे। गन्ने की सूखी पत्ती कतई ना जलाएं इनके अंदर भरपूर पोषक तत्व नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश एवं अन्य सभी सूक्ष्म पोषक तत्व मौजूद है। सूखी पत्तियों की कम्पोस्ट खाद बनाये। जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति निरंतर बढ़ सके और ऑर्गनिक कार्बन की मात्रा भी बढ़ सके। गन्ने की फांदी बांधने में हरे जुने का प्रयोग न करें, केवल सूखे जुने का ही प्रयोग करे। साफ एवं ताजा गन्ना ही कंपनी में भेजे जिससे कंपनी अपना पेराई कार्य निरंतर सुचारु रूप से कर सके। भ्रमण गन्ना क्रय केन्द्रों में छाया कुवा, मरौचा, खैरा बाजार, पदम् पिछौरा, करीमुलाहपुर, कंदरा, जगतापुर आदि शामिल रहे। इस अवसर पर काफी संख्या में किसान एवं कंपनी के अन्य अधिकारी सूबेदार, अमरेंद्र, अखंड, रुचिन, प्रवेश, नागेंद्र, अमर, शक्ति, जीतेन्द्र, नीरज, मनोज आदि उपस्थित रहे।