: 720 मोबाइल डिस्प्ले के साथ नेपाली युवक गिरफ्तार
Thu, Dec 7, 2023
पकड़े गए मोबाइल डिस्प्ले की कीमत करीब 3,60,000 रुपए
बहराइच। एसएसबी मंगलवार सायं भारत-नेपाल सीमा से 720 मोबाइल डिस्प्ले के साथ एक नेपाली युवक को गिरफ्तार किया। अनिल कुमार यादव उप कमांडेंट के निर्देशन में 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की सीमा चौकी शिवपुरा के प्रभारी को सूचना मिली कि एक व्यक्ति साइकिल पर कुछ सामान लेकर भारत से नेपाल अवैध रास्ते से जाने वाला है। चौकी प्रभारी भृगुनाथ प्रसाद ने तुरंत ही गस्ती दल को तैयार किया और सूचना के आधार पर बताए हुए जगह पर भेजा। गश्ती दल को बॉर्डर पिलर संख्या 651/18 से लगभग 5 मी. भारत की तरफ एक अंजान व्यक्ति साइकिल पर कुछ सामान लेकर भारत से नेपाल की तरफ जाते हुए दिखाई दिया। जिसे गस्ती दल द्वारा रोका गया। पूछताछ के दौरान युवक की पहचान इनुस अहमद कबाडिया पुत्र उस्मान कबाडिया निवासी ग्राम टंगपसरी पुलिस स्टेशन नेपालगंज जिला बांके राष्ट्र नेपाल के रूप में की गई। गश्ती दल के पूछने पर कि साइकिल पर इन पैकेटों में क्या है। तब युवक ने बताया कि मेरे पास इन पैकेटो में मोबाइल डिस्प्ले है। जिन्हें बेचने के लिए नेपाल ले जा रहा हूं। जिससे अधिक पैसा मिलेगा। गश्ती दल ने उन पैकेटो को खुलवाकर चेक किया तो देखा कि 72 पैकेट है और एक पैकेट में 10 रियो पेस्टिंग वारंटी एलईडी कोंबो है। गस्ती दल ने मौके पर प्राप्त 720 मोबाइल डिस्प्ले तथा एक साइकिल को जप्त किया। सभी औपचारिकताएं पूरी करके युवक को कस्टम ऑफिस रुपईडीहा के सुपुर्द किया। जिसकी बाजार में कीमत लगभग 360000 है। गश्ती दल में एसएसबी के मुख्य आरक्षी रविंद्र कुमार यादव, गजेंद्र कुमार, आरक्षी राकेश कुमार, अजय राय, हरिओम व उमेश कुमार शामिल रहे। 42 वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट राज रंजन ने बताया कि हमारे जवान .सीमा पर लगातार चौकसी रखे हुए हैं और किसी भी अवैध तस्करी को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
: होटल व ढाबे से मुक्त कराये गए बाल श्रमिक
Thu, Dec 7, 2023
बहराइच। देहात इंडिया, श्रम विभाग, एएचटीयू, प्रथम संस्था द्वारा संयुक्त रूप से बालश्रम अवमुक्ति अभियान चलाया गया। जिसमें तिकोनी बाग, केडीसी, चौक तथा मरीमाता मंदिर के आसपास सघन अभियान चलाकर होटल व ढाबे से दो बालश्रमिकों को अवमुक्त कराया गया। अवमुक्त कराने के बाद बच्चों को जिला अस्पताल मेडिकल के लिए ले जाया गया एवं उनकी काउंसिलिंग की गई और उनके परिजनों को भी सूचित किया गया। सभी प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के बाद पीड़ितों को बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत किया गया। जहां से उनके परिजनों को सकुशल सौंप दिया गया। इस दौरान देहात इंडिया के डीसी मो. इमरान, बाल संरक्षण अधिकारी मो. मुजम्मिल, कार्यक्रम सहायक मनीष यादव, श्रम प्रवर्तन अधिकारी सूरज तिवारी, तबरेज आलम व अजय, प्रथम संस्था के गोपीचंद, गर्जन प्रसाद, महिला कांस्टेबल आरती सिंह, कांस्टेबल हिमांचल निषाद मौजूद रहे।
: डीएम ने संविलियन विद्यालय कुण्डासर व केजीबीवी लालपुर जलालपुर का किया निरीक्षण
Wed, Dec 6, 2023
बच्चों का नेत्र परीक्षण तथा आधार कार्ड बनाये जाने का दिया निर्देश
बहराइच। परिषदीय विद्यालयों के पठन-पाठन, भवन, कक्ष-कक्षों, छात्रावास तथा परिसर इत्यादि की साफ-सफाई, सुरक्षा तथा मेस इत्यादि व्यवस्थाओं का जायज़ा लने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मोनिका रानी ने विकास खण्ड कैसरगंज अन्तर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुण्डासर तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय लालपुर जलालपुर कैसरगंज का निरीक्षण किया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान डीएम ने बच्चों से पुस्तक को पढ़वाकर शिक्षा की गुणवत्ता को परखा तथा बच्चों से मध्यान्ह भोजन के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए शिक्षण स्टाफ को निर्देशित किया कि बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ शत-प्रतिशत आधार कार्ड बनवाये तथा बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। बच्चों के स्वास्थ परीक्षण के बारे में जानकारी करने पर नेत्र परीक्षण न होने का तथ्य प्रकाश में आने पर डीएम ने नाराज़गी व्यक्त करते हुए अधीक्षक डॉ एन के सिंह को निर्देश दिया कि सभी विद्यालय के बच्चों का नेत्र परीक्षण अवश्य कराएं। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय लालपुर जलालपुर कैसरगंज के निरीक्षण के दौरान बच्चियों का कुशलक्षेम पूछते हुए पठन-पाठन की गुणवत्ता तथा अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए सीख दी कि मन लगाकर पढ़ाई करें और समाज में ऊंचा मुकाम हासिल कर अपने परिवार का नाम रोशन करें। डीएम ने कक्षा 06 की छात्रा सोनाली से अग्रेज़ी की पुस्तक को पढ़वा कर देखा। बच्ची द्वारा संतोषजनक ढंग से पुस्तक न पढ़ पाने पर डीएम ने शिक्षा सुधार हेतु नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। एमडीएम की जानकारी करने पर वार्डेन पूनम चौधरी ने बताया कि मेन्यू के अनुसार बच्चों को दाल, चावल, रोटी व सब्ज़ी परोसी गई है। शिक्षण स्टाफ को निर्देश दिया कि बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करते हुए उन्हें संस्कारशील भी बनायें तथा बच्चियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता प्रदान करें।