: व्यय प्रेक्षक ने डीएम के साथ किया इंटीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण
Thu, Apr 18, 2024
बहराइच। लोकसभा चुनाव को स्वतन्त्र, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्वक सम्पन्न कराये जाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र-56 बहराइच (अ.जा.) के लिए नियुक्त व्यय प्रेक्षक टी. सेंथिल मुरूगन ने जिलाधिकारी मोनिका रानी के साथ कलेक्ट्रेट स्थित ई-डिस्ट्रिक कार्यालय में स्थापित निर्वाचन नियंत्रण कक्ष एवं शिकायत सेल तथा व्यय नियंत्रण कक्ष (इंटीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम) का निरीक्षण किया। डीएम मोनिका रानी ने व्यय अनुवीक्षण की निगरानी के लिए कन्ट्रोल रूम में की गई व्यवस्थाओं तथा तैनात की गई टीमों के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर मुख्य राजस्व अधिकारी देवेन्द्र पाल सिंह, डीपीआरओ राघवेन्द्र द्विवेदी, व्यय प्रेक्षक के लाइज़न आफिसर जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे। इंटीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम के निरीक्षण के उपरान्त व्यय प्रेक्षक श्री मुरूगन ने कोषागार पहुंचकर वरिष्ठ कोषाधिकारी के कक्ष में सहायक व्यय प्रेक्षकों तथा लेखा टीम के सदस्यों के साथ बैठक कर जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषाधिकारी नरोत्तम शरण भी मौजूद रहे।
: क्रांति के अग्रिम नायक तात्या टोपे का बलिदान दिवस मनाया गया
Thu, Apr 18, 2024
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी और 1857 की क्रांति के अग्रिम नायक तात्या टोपे का 165वां बलिदान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में सेनानी उत्तराधिकारियों ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के फैलाव में उनके योगदान की चर्चा की। संगठन संरक्षक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि महाराष्ट्र में जन्मे तात्या टोपे नाना साहब के निकटतम सैन्य सहयोगी थे। संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि राजा मानसिंह की गद्दारी की वजह से तात्या टोपे को जनरल नेपियर से हार मिली और ब्रिटिश आर्मी ने उन्हें 07 अप्रैल 1859 को गिरफतार कर लिया। अधिवक्ता राम रूप मिश्र ने कहा कि कानपुर में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व करने वाले तात्या टोपे एक उच्च कुलीन ब्राह्मण थे। अन्त में तात्या टोपे के संघर्ष से सीख लेकर और उनके विचारों को आत्मसात करने के संकल्प के साथ कार्यक्रम समाप्त किया गया। कार्यक्रम में अधिवक्ता राजेश बोट, शिव प्रकाश तिवारी, पवन सिंह, फैजानुद्दीन सहित तमाम देश भक्त मौजूद रहे।
: भू-माफियाओं द्वारा साजिश कर नगर पालिका की जमीन का कराया बैनामा
Wed, Apr 17, 2024
अध्यक्ष और ईओ ने प्रमुख सचिव को भेजा शिकायती पत्र, जांच की मांग
बहराइच। कस्बे में कुछ लोगों ने राजस्व विभाग से मिलकर नगर पालिका की जमीन को अपने नाम बैनामा करवा लिया। लोगों ने जब कब्जेदारी शुरू की तो नगर पालिका प्रशासन को मामले की जानकारी हुई। मामला नगर पालिका परिषद नानपारा का है। नगर पालिका अध्यक्ष को पता चला। जिस पर उन्होंने सीएम, प्रमुख सचिव और डीएम को शिकायती पत्र भेजकर जांच की मांग की है। साथ ही शहर की जमीन को बैनामा और चकबंदी में शामिल करने वाले लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। नगर पालिका परिषद नानपारा के अध्यक्ष अब्दुल वहीद व अधिशासी अधिकारी रंग बहादुर सिंह ने नगर पालिका की 31 संपत्तियों का हवाला देते हुए राजस्व विभाग में जेड ए दर्शाकर कथित भू-माफियाओं ने साजिश के तहत कई व्यक्तियों के नाम हस्तानांतरित करवा लिया। पालिका की संपत्ति को हड़पने की जांच कराने एवं संपत्ति को पूर्व राजस्व आकार पत्र 41 के अनुसार नान जेड ए दर्ज कराने के संबंध में कार्रवाई करने के लिए अध्यक्ष बोर्ड ऑफ रेवेन्यू राजस्व परिषद सहित प्रमुख सचिव नगर विकास व जनपद के अधिकारियों को पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने उल्लेख करते हुए कहा है कि नगर पालिका परिषद नानपारा की सीमा के अंदर गाटा संख्या 4237 क रकबा 1.340 एकड़ आकार पत्र 41 में नाम जेड ए नाला अंकित है। जो नाला संपूर्ण शहर व उसके संलग्नक अन्य क्षेत्रों का पानी नगर पालिका स्थापना से कायम है। इस नाला को आकार पत्र 45 में सोची समझी साजिश एवं राजस्व विभाग तहसील तहसील नानपारा को त्रुटि पूर्ण कार्यशैली के कारण किशन लाल पुत्र रामनारायण निवासी जुबलीगंज नानपारा के आकार पत्र 45 में खाता संख्या 242 पर उक्त नान जेड ए नाला का नंबर 4237 क रकबा 1.340 एकड़ का अंकन कर दिया गया है। जबकि नगर पालिका के अभिलेख खसरा व खतौनी सर्वे सन 1964-65 में खसरा संख्या 4810 साबिक नंबर 8068 रकबा 71 डिसमिल नाला तथा उसी के बगल पूरब खसरा संख्या 4811 साबिक नंबर 8068 रब्बा 53 डिसमिल रास्ता के रूप में अंकित है। जो नगर पालिका संपत्ति को क्षति पहुंचाने की भू-माफियाओं की सोची समझी साजिश है। उक्त अंकन का लाभ उठाकर किशन लाल के वारीसान पंजीकृत दस्तावेज के आधार पर नामांतरण प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है ऐसी स्थिति में नगर पालिका की सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त नगर क्षेत्र की नान.जेड.ए. की अन्य संपत्तियां जो लगभग 31 है जिसमे अलग-अलग नंबरों पर मजरूआ, बंजर पिछवाड़ा क्लब, क्लब घर, बंजर.तालाब तथा बालक क्रीड़ा स्थल सहित नाला, रास्ता व तालाब, कुआं आदि के रूप में संपत्तियों नगर पालिका के अभिलेखों में दर्ज हैं। जिसकी सूची अभी तक राजस्व अभिलेखों में नान जेड ए अंकित कराने की कार्रवाई करने का निर्देश करें। नगर पालिका नानपारा के अधिशासी अधिकारी रंग बहादुर सिंह तथा नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल वहीद ने प्रमुख सचिव नगर विकास उत्तर प्रदेश शासन तथा जिलाधिकारी, प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय व उप जिलाधिकारी नानपारा को भी पत्र भेजकर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। नगर पालिका की जमीनों पर अवैध कब्जा होने से नगरीय क्षेत्र में आने वाली सरकारी योजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है। जिससे नगर का विकास बाधित हो रहा है।
जेड ए दिखाकर जमीन का कराया बैनामा
नगर पालिका की ओर से बताया कि नगर पालिका नानपारा 1901 में स्थापित हुई है। उस समय नगर पालिका की जो भूमि संपत्ति अभिलेखों में अंकित थी। उसका खसरा, खतौनी तथा नक्शा भी नगर पालिका में उपलब्ध है। लेकिन राजस्व विभाग की मिलीभगत से शहरी क्षेत्र की जमीनों को चकबंदी के दौरान तहसील के अभिलेखों में दर्ज कर लिया गया। इसका भू-माफियाओं ने फायदा उठाकर नान जेड ए की जमीन नगर पालिका नानपारा की संपत्ति है। उसे जेड ए दिखाकर कथा कथित रूप से बैनामा कर कब्जा कर रहे हैं।