बहराइच।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में भारत की परम्परागत विरासत योग को जन-जन के आरोग्य का माध्यम बनाये जाने के उद्देश्य से ‘‘एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य‘‘ की थीम पर 11वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इन्दिरा गॉधी स्पोर्टस स्टेडियम में विशाल सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सांसद बहराइच डॉ आनंद कुमार गोंड़, सदस्य विधान परिषद डॉ प्रज्ञा त्रिपाठी व पद्मसेन चौधरी, विधायक सदर श्रीमती अनुपमा जायसवाल ने शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा महेन्द्र प्रसाद अग्रवाल, जिलाधिकारी मोनिका रानी, विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी के प्रतिनिधि निशंक त्रिपाठी, विधायक बलहा श्रीमती सरोज सोनकर के प्रतिनिधि आलोक जिंदल, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों व अन्य अधिकारियों के साथ भगवान धन्वंतरि के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम में सर्वप्रथम विशाखापट्टनम से प्रसारित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उद्बोधन का सजीव प्रसारण किया गया जिसे सभी उपस्थित लोगों द्वारा पूरी तन्मयता से सुना व देखा गया। प्रधानमंत्री ने अपने सम्बोधन में सम्पूर्ण विश्व से योग से जुड़ने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि विश्व में अशांति का माहौल है, इस अशांति को हम योग से नियंत्रित कर सकते हैं। योग हमें व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठाकर समष्टिगत बनाता है। योग में वह शक्ति है जो हमें ‘‘मै’’ से ‘‘हम’’ बना देती है। उन्होंने कहा कि योग हमारी वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा को पुष्ट करता है। योग को हम स्वयं तक सीमित न रखकर जन सामान्य के लिए सहज और सरल बनाएं। इन्दिरा गॉधी स्पोर्टस स्टेडियम में नगर के आयुष चिकित्सालय में कार्यरत योग प्रशिक्षक जय प्रकाश वर्मा के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों, गणमान्य व संभ्रान्तजन, प्रबुद्धजन, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, खिलाड़ियों, मीडिया प्रतिनिधि, मनरेगा के श्रमिक, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, स्वास्थ्य वर्कर, विभिन्न स्वैच्छिक एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों, ब्रहमकुमारी संस्था की दीदीयों, निशक्तजनों के साथ-साथ बड़ी संख्या में आमजन द्वारा निर्धारित प्रोटोकाल के साथ योगाभ्यास कर स्वयं के साथ-साथ अपने परिजन एव समाजं को स्वस्थ व निरोग रखने का संकल्प लिया गया। योगाभ्यास कार्यक्रम में सरल आसनो व प्राणायाम को सम्मिलित कर अभ्यास कराया गया ताकि लोग अपनी व्यस्ततम जीवन शैली में योगाभ्यास कर स्वयं और समाज को स्वस्थ रख सकें। योगाभ्यास कार्यक्रम की विशेषता रही कि नेशनल ओलम्पियाड में खेल चुके प्राथमिक विद्यालय अजीजपुर, फखरपुर के बच्चो ने सांगीतिक योग प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया। आयुष्मान अरोग्य मंदिर नंदवल में तैनात योग प्रशिक्षक विवेकानंद ने लगातार 45 मिनट तक सूर्यनमस्कार कर कीर्तिमान स्थापित किया। कार्यक्रम के अन्त सभी अतिथियों को आयुष विभाग की ओर से स्मृति चिन्ह के रूप में पौधा भेंट किया गया। उल्लेखनीय है कि जनपद के न्यायालय परिसर, तहसील, विकास खण्ड मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों, नगर पालिका परिषदों, नगर पंचायतों व उनके वार्डो, ग्राम पंचायतों, प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय सहित अन्य शिक्षण संस्थाओं में भी समारोह पूर्वक आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों द्वारा योगासनों का अभ्यास किया गया। इन्दिरा गॉधी स्टेडियम में आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला प्रचारक अजय, ज़िला कार्यवाह भूपेंद्र, गायत्री परिवार से मनीराम, ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय से बहने, हार्ट फुलनेस संस्था के सदस्यगण सहित अपर जिलाधिकारी गौरव रंजन श्रीवास्तव, मुख्य राजस्व अधिकारी देवेन्द्र पाल सिंह, जिला विकास अधिकारी राजकुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ संजय कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद बहराइच प्रमिता सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह, ज़िला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार अहिरवार व अन्य अधिकारी सहित लगभग 1300 लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ रंजन वर्मा ने किया गया।
जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित हुआ योग शिविर
बहराइच। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बहराइच के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश सतेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय परिसर में योग शिविर का आयोजन किया गया। ‘‘एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य’’ की थीम पर आयोजित कार्यक्रम में श्री रामचन्द्र मिशन, बहराइच के प्रशिक्षित योग ट्रेनरों द्वारा योगाभ्यास कराया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश सतेन्द्र कुमार, विशेष न्यायाधीश (एस.सी./एस.टी. एक्ट) राकेश कुमार सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव/पंचम अपर जनपद न्यायाधीश विराट शिरोमणि, अपर जनपद न्यायाधीश/एफ.टी.सी.-प्रथम आनन्द शुक्ला, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती प्रतिभा चौधरी सहित विद्वान अधिवक्तागण तथा जनपद न्यायालय के कर्मचारीगण द्वारा योगाभ्यास किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश सतेन्द्र कुमार द्वारा बताया गया कि अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य योग के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाना है। योग भारत की प्राचीन परम्परा है। योग शरीर और मन को स्वस्थ रखने का माध्यम है। योग से तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है। यह दिन हमे नियमित योग करने की प्रेरणा देता है। योग आसनों के साथ-साथ ध्यान का भी महत्व होता है। योग करने से शारीरिक, मानसिक और आत्मिक विकास होता है। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि हमें रोजाना योग करना चाहिए ताकि हम स्वस्थ और खुशहाल रह सकें। उन्होंने कहा कि योग भारत की एक प्राचीन विद्या है, जिसकी उत्पत्ति हमारे महान ऋषि-मुनियों ने हजारों वर्ष पूर्व की थी। उन्होंने कहा कि योग शब्द संस्कृत की यजु धातु से बना है, जिसका अर्थ होता है-जुड़ना। यह जुड़ाव केवल शरीर और मन की नहीं, बल्कि आत्मा का परमात्मा से मिलन है। योग जीवन को संतुलित, अनुशासित और शांतिपूर्ण बनाने का माध्यम है। सचिव श्री शिरोमणि ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला कारागार में आयोजित योगाभ्यास कार्यकम में बंदियों, जेल स्टॉफ एवं पराविधिक स्वयं सेवकों द्वारा योगाभ्यास किया गया।