: राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ डीएम ने की बैठक
Sun, Apr 16, 2023
बहराइच। नगर निकाय चुनाव अन्तर्गत प्रत्याशियों के चुनाव खर्च के लिए विभिन्न मदों के लिए प्रस्तावित दरों पर चर्चा हेतु कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने बताया कि विघानसभा चुनाव हेतु निर्धारित दरों में 05 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए नगर निकाय सामान्य निर्वाचन-2023 हेतु दरों का निर्धारण किया गया। बैठक में मौजूद राजनैतिक दलों द्वारा जिला प्रशासन की ओर से निर्धारित दरों पर सहमति जतायी गई। जबकि बैठक में मौजूद विभिन्न दलों के पदाधिकारियों को निर्धारित की गई दरों की प्रति भी उपलब्ध कराई गई। राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ आहूत बैठक में जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने 1300 से अधिक मतदाता वाले मतदेय स्थलों पर सहायक मतदेय स्थल बनाये जाने तथा मतदाताओं की सुविधा के दृष्टिगत नगर पालिका परिषद बहराइच एवं नानपारा तथा नगर पंचायत पयागपुर में बूथों के संशोधन प्रस्तावों पर के बारे में भी विवरण प्रस्तुत किया। प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों द्वारा जिला प्रशासन द्वारा तैयार किये गये प्रस्तावों पर सहमति प्रदान करते हुए इसे मतदाताओं के लिए उपयोगी बताया गया। डीएम डॉ. चन्द्र ने सभी राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों से अपेक्षा की राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता का पालन करते हुए स्पोर्ट्स मैन स्प्रिट के साथ निर्वाचन में प्रतिभाग करें तथा नगर निकाय निर्वाचन को स्वतन्त्र, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में जिला प्रशासन को सहयोग प्रदान करें। इस अवसर पर एडीएम अनिरूद्ध प्रताप सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी अवधेश कुमार मिश्र, नगर मजिस्ट्रेट शालिनी प्रभाकर, उप जिलाधिकारी सदर सुभाष सिंह, नानपारा अजीत परेस, वरिष्ठ कोषाधिकारी अशोक कुमार प्रजापति, सहायक निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) पी.एल.भार्गव व अन्य सम्बन्धित अधिकारी, भाजपा से रणविजय सिंह, श्रवण कुमार, सपा से जफर उल्ला खां बंटी, कांग्रेस से गोपीनाथ, आरएलडी से डॉ अजीमुल्ला, एनसीपी से राजेश कुमार श्रीवास्तव, कम्यूनिस्ट पार्टी से सै. महमूद अली कादरी, बसपा से सुखराम प्रजापति सहित अन्य सम्बंधित मौजूद रहे।
: सरकार की याचिका में प्रभावी पैरवी पर 47 वर्षों बाद एफआईआर
Sun, Apr 16, 2023
डीएम के नेतृत्व में वन, राजस्व व चकबन्दी विभाग का प्रयास लाया रंग
बहराइच। प्रभागीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट आकाशदीप बधावन ने बताया कि कतर्नियाघाट वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में वन विभाग की जमीन को हड़पने के लिए 70 वर्षों से किए जा रहे प्रयास को विफल कर वन विभाग द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गइ है। उल्लेखनीय है कि यह जमीन भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 20 एवं वन जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 18 व 38वी से आच्छादित बाघ संरक्षित क्षेत्र का कोर क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट है। भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 20 के तहत 342 एकड़ जमीन नोटिफाइड है जिसमें बहुमूल्य राजकीय संपत्ति के रूप में लगे वर्षाे पुराने वृक्षों जिसकी कीमत 200 करोड़ बताई जा रही है और कुल जमीन लगभग 83 बीघा है। विक्रेताओं द्वारा जाली और फर्जी एवं कूट रचित तरीके से बहुमूल्य संपत्ति सरकारी कागजों में हेराफेरी कर हासिल की गई थी। डीएफओ ने बताया कि उच्च न्यायालय में योजित याचिका में प्रभागीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट द्वारा प्रभावी पैरवी की जाती रही जिसकी वजह से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित टीम की रिपोर्ट 12 मई द्वारा जांच की गई तो आराजी गाटा संख्या 18 और 34 इत्यादि रकबा 16.530 एकड़ अर्थात् 6.691 हेक्टेयर वन विभाग के संरक्षण में पाया गया जो वनभूमि है तथा विपक्षी का नाम फर्जी प्रविष्टि के आधार पर अभिलेखों में दर्ज किया जाना पाया गया। ज्ञातव्य हो कि विक्रेता अलविना अहमद व अमित चौहान द्वारा बहुमूल्य राजकीय संपत्ति अपने नाम दर्ज करा ली गई थी। ऊपरिवर्णित गाटा संख्या पर आज भी वन विभाग उत्तर प्रदेश का कब्जा और दखल चला आ रहा है तथा बहुमूल्य एवं प्रतिबंधित वनोत्पाद साल, सागौन आदि के सैकड़ों वर्ष पुराने वृक्ष लगे हैं। ऊपरिवर्णित भूमि बाघ संरक्षित सेंचुरी क्षेत्र रेंज निशानगाढ़ा थाना सुजौली कर्तनियाघाट वन्यजीव प्रभाग की वनभूमि है तथा राजकीय संपत्ति है। उक्त वनभूमि को कूटरचित तरीके से राजस्व अभिलेखों में हेरा फेरी करके हासिल किए जाने के संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट द्वारा जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र के संज्ञान में लाया गया जिसके क्रम में जिलाधिकारी द्वारा प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए राजस्व अभिलेखों यथा चकबंदी बस्ता कर्मचारी सहित पूर्ण सुरक्षा के साथ राजस्व अभिलेखों के अनुश्रवण के लिए उच्च न्यायालय खण्ड पीठ लखनऊ के स्थाई अधिवक्ता के पास भेजा गया। इसी क्रम में प्रभागीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट द्वारा प्रकरण की प्रभावी पैरवी के लिए केस में आबद्ध स्थाई अधिवक्ता, मुख्य स्थाई अधिवक्ता, अपर महाधिवक्ता के समक्ष उपस्थित होकर प्रकरण को विभागीय अभिलेखों, नोटिफिकेशन एवं राजस्व अभिलेखों के आधार पर ब्रीफ किया गया तथा उसके सापेक्ष में अभिलेख प्रस्तुत किए गए। इस प्रकार कूटरचित तरीके से राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कर वनभूमि को हड़पने के प्रयास को जिलाधिकारी के कुशल निर्देशन में वन विभाग, राजस्व विभाग एवं चकबंदी विभाग के आपसी सहयोग व संयुक्त प्रयास से विफल कर दिया गया तथा वनभूमि को हड़पने का प्रयास करने वाले समस्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
: कानून एवं शान्ति व्यवस्था के लिए डीएम ने तैनात किए थानावार सेक्टर मजिस्ट्रेट
Sun, Apr 16, 2023
नगर मजिस्ट्रेट व एसडीएम को ज़ोनल मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी
एडीएम व सीआरओ होंगे सुपर ज़ोनल मजिस्ट्रेट
अपर पुलिस अधीक्षक नगर व ग्रामीण को सुपर ज़ोनल पुलिस अधिकारी
बहराइच। जनपद प्रयागराज में घटित घटना के फलस्वरूप शासन द्वारा प्रदेश में अलर्ट घोषित किया गया है। जनपद में संवेदनशीलता के दृष्टिगत कानून एवं शान्ति-व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से जिले को नगर व तहसीलवार 07 ज़ोन व थानावार 22 सेक्टरों में विभक्त कर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा सुपर जोनल मजिस्ट्रेट व सुपर जोनल पुलिस अधिकारी एवं जोनल मजिस्ट्रेट व जोनल पुलिस अधिकारी तथा सेक्टर मजिस्ट्रेट व सेक्टर पुलिस अधिकारी की तैनाती की गई है। जारी आदेश के अनुसार नगर क्षेत्र के लिए नगर मजिस्ट्रेट व तहसीलों के लिए सम्बन्धित उप जिलाधिकारियों को ज़ोनल मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कोतवाली नगर के लिए अति.मजि. प्रथम, कोतवाली देहात के लिए सहा.अभि. उ.प्र.लघु उद्योग निगम, निर्माण खण्ड बहराइच, थाना दरगाह शरीफ के लिए प्र. तहसीलदार सदर, पयागपुर के लिए नायब तहसीलदार पयागपुर, रानीपुर के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी, विशेश्वरगंज के लिए नायब तहसीलदार विशेश्वरगंज, रिसिया के लिए नायब तहसीलदार रिसिया, कैसरगंज के लिए नायब तहसीलदार कैसरगंज, जरवलरोड के लिए नायब तहसीलदार जरवल, फखरपुर के लिए नायब तहसीलदार फखरपुर तथा थाना हुज़ूरपुर के लिए नायब तहसीलदार हुजू़रपुर को सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किया गया है। इन थाना क्षेत्रों के लिए सम्बन्धित प्रभारी निरीक्षक व थानाध्यक्षों को पुलिस सेक्टर अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि इन सभी 11 थाना क्षेत्रों के लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट व अपर पुलिस अधीक्षक नगर को सुपर ज़ोनल मजिस्ट्रेट नामित किया गया है। इसी प्रकार कोतवाली नानपारा केे लिए तहसीलदार नानपारा, थाना मोतीपुर के लिए नायब तहसीलदार मिहींपुरवा (मोतीपुर), रूपईडीहा के लिए नायब तहसीलदार बलहा, कोतवाली मुर्तिहा के लिए सहा.अभि. नलकूप खण्ड नानपारा धीर विक्रम, सुजौली के लिए नायब तहसीलदार मिहींपुरवा, नवाबगंज के लिए नायब तहसीलदार नवाबगंज, बौण्डी के लिए नायब तहसीलदार तजवापुर, खैरीघाट के लिए नायब तहसीलदार शिवपुर, हरदी के लिए नायब तहसीलदार महसी, रामगांव के लिए सम्बद्ध नायब तहसीलदार सदर तथा मटेरा के लिए सहा.अभि. स.न.ख.-7 नानपारा विजय कुमार वर्मा को सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किया गया है। इन थाना क्षेत्रों के लिए सम्बन्धित प्रभारी निरीक्षक व थानाध्यक्षों को पुलिस सेक्टर अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि इन सभी 11 थाना क्षेत्रों के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को सुपर ज़ोनल मजिस्ट्रेट नामित किया गया है। सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि संयुक्त रूप से भ्रमणशील रहकर सतर्क दृष्टि रखेंगे तथा समय-समय पर शान्ति-व्यवस्था के सम्बन्ध में डीएम, सीआरओ व एडीएम को अवगत कराते रहेंगें।