: ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार कर रहे छह लोगों पर मुकदमा दर्ज, चार गिरफ्तार
Fri, Feb 9, 2024
फखरपुर, बहराइच। शुक्रवार को पुलिस ने ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार कर रहे लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सब लोगों पर ग्रामीणों को बहला फुसला कर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। पुलिस ने ईसाई धर्म के प्रचार प्रसार कर रहे दो महिलाओं समेत छह लोंगो पर मुकदमा दर्ज कर चार लोंगो को गिरफ्तार किया गया। ग्रामीणों के मुताबिक बताया जा रहा है कि रमटेंडिया, ससना, अईमा, नौबस्ता समेत आधा दर्जन मजरे में चोरी छिपे धर्म परिवर्तन का खेल चल रहा है। आए दिन गांव में धर्म सभा होती रहती थी लेकिन ईसाई धर्म का प्रचार कर रहे लोगों ने इतना बरगला दिया था कि ग्रामीण किसी और को कुछ नहीं बताते थे। विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ता धर्मेंद्र वर्मा, रंजीत, शिवम, सुभाष चंद ने पुलिस को दिये गये तहरीर में बताया कि गुरुवार देर शाम को घरुवा नौबस्ता गांव में एक ईसामसीह की प्रार्थना सभा आयोजित कर लोगों को सनातन धर्म के विरोध व ईसाई धर्म का प्रचार किया जा रहा था। ग्रामीणों को अनुचित लाभ की बात कहकर ईसाई धर्म अपना लेने के लिए प्रेरित कर रहे थे। लोगों को ईसाई धर्म में धर्मांतरण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। थानाध्यक्ष अनुज त्रिपाठी ने बताया कि सूचना पर छापेमारी की गई। मौके से चार लोगों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में लोगों ने बताया कि पंजाब में रहकर मजदूरी करते थे वहीं से ईसाई धर्म से लगाव हो गया। उसी को लेकर लोग प्रचार प्रसार व पूजा पाठ कर रहे थे। रामबचन, रेशमा, नीलम समेत छह लोंगो पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
: अलविदा मीटर गेज, फूल मालाओं से सजाकर रवाना की गई आखिरी गाड़ी
Fri, Feb 9, 2024
मीटर गेज से ब्राड गेज में बदलने को लेकर बहराइच नानपारा रेल प्रखण्ड पर आज से ट्रेनों का आवागमन बंद
बहराइच। आमान परिवर्तन को लेकर बहराइच-नेपालगंज मीटर गेज रेल लाइन पर शुक्रवार को आखरी बार ट्रेन रवाना हुई। फूल मालाओं से गाड़ी को सजाकर चालक दल को विदाई दी गई। स्टेशन पर चहल-पहल का माहौल रहा और लोग उत्सुकता भरी नजरों से गाड़ी को निहारते रहे। गौरतलब हो कि पूर्वोत्तर रेलवे अंतर्गत लखनऊ मंडल के बहराइच नेपालगंज मीटर गेज लाइन को ब्राड गेज में बदलने के लिए सरकार द्वारा बजट जारी कर दिया गया है। बीते वर्ष अक्टूबर में ही 180 करोड रुपए की धनराशि जारी कर दी गई है। आमान परिवर्तन का कार्य दो चरणों में होगा। प्रथम चरण में नानपारा व बहराइच के बीच 35.61 किलोमीटर का कार्य पूरा होने के बाद नानपारा और नेपालगंज के बीच 20.54 किमी लाइन का कार्य कराया जाएगा। इस परियोजना पर कुल 342 करोड रुपए का खर्चा आएगा। डेढ़ वर्ष की समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस रूट पर कुल चार बड़े पुल व 19 छोटे पुलों को मिलाकर स्टेशनों का निर्माण कराया जाएगा। इसके चलते इस रेलखंड पर शुक्रवार को अंतिम बार बहराइच से नेपालगंज के लिए ट्रेन रवाना हुई। गाड़ी संख्या 05359 को फूल मालाओं से सजाकर नेपालगंज के लिए रवाना किया गया। स्टेशन मास्टर ए.के.विद्यार्थी द्वारा चालक दल को विदाई दी गई। पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी महेश कुमार गुप्ता ने बताया कि अब शनिवार से इस रूट पर ट्रेनों का संचालन बंद हो जाएगा। आमान परिवर्तन के बाद से ही गाड़ियों का आवागमन सुनिश्चित होगा। देखना यह है कि आमान परिवर्तन का कार्य कितने दिनों में पूरा हो जाता है और लोगों को ब्राडगेज की सुविधा मिलना शुरू हो जाती है।
: बेहतर उत्पादन वाली गन्ना प्रजाति लगाए किसान
Fri, Feb 9, 2024
परसेण्डी, बहराइच। पारले कंपनी द्वारा लगातार किसानों के बीच में बसंत कालीन गन्ना बुवाई हेतु जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। किसान गोष्ठी, प्रचार वाहन द्वारा जागरूकता, बुवाई हेतु पम्फ्लेट्स वितरण, 0238 प्रजाति के बचाव हेतु आवश्यक सुझाव, गन्ना विभाग की टीम द्वारा किसानो से लगातार संपर्क स्थापित करना, ग्राम स्तर पर किसान ग्रुप मीटिंग करके जागरूक करना, नई प्रजातियों की बुवाई अधिक से अधिक करना जैसे-15023, 14201 कंपनी द्वारा बुवाई पर बायो फर्टिलाइजर, जैविक खाद, ऑर्गनिक पोटाश, ट्राइकोडर्मा एवं कृषि यंत्र पावर वीडर, पावर स्प्रे मशीन, आरएमडी, ट्रेंच पर दिए जाने वाले भारी अनुदान शामिल है। जिससे किसानो की औसत गन्ना पैदावार प्रति एकड़ 500 कुंतल प्राप्त हो सके। इसी क्रम में शुक्रवार को ग्राम सभा निवासी में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का संचालन सूबेदार सिंह ने किया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए पारले कंपनी के एसोसिएट मुख्य गन्ना प्रबंधक संजीव राठी ने कहा कि किसान वैज्ञानिक गन्ना खेती को पुरजोर बढ़ावा दे। सबसे अधिक उत्पादन देने वाली प्रजाति 15023 जरूर लगाए। इस प्रजाति पौधे गन्ने के उत्पादन के साथ-साथ दो पेड़ी भी आसानी से ले सकते है। पहली यह ऐसी प्रजाति है जिसकी पौधा-पेड़ी की उपज बराबर है। इसलिए 15023 प्रजाति अधिक से अधिक क्षेत्रफल में किसान लगाए। गोष्ठी में भारी संख्या में किसान तथा पारले के अन्य अधिकारीगण अमरेंद्र, प्रवेश, नागेंद्र, सूरज, दिलीप, अमर, अशोक, राहुल मौजूद रहे।