: राज्यमंत्री डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने जिले के अधिकारियों के साथ की बैठक
Sun, Sep 17, 2023
बहराइच। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान शनिवार को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक के दौरान नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों व जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रामक रोगों पर प्रभावी अंकुश तथा बचाव के लिए समस्त विद्यालयों में साफ-सफाई, फागिंग व एण्टीलार्वा का छिड़काव कराना सुनिश्चित करें। सहायक श्रमायुक्त को निर्देश दिया कि आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, मनरेगा जाबकार्ड धारकों, कन्या सुमंगला योजना के लाभर्थी परिवारों व रसोईया इत्यादि को भी ई-श्रम कार्ड से लाभान्वित किया जाय। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने हेतु जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया गया कि प्रत्ययेक विकास खण्ड में मॉडल स्कूल के रूप में 05-05 विद्यालयों को चिन्हित कर टेस्ट कराया जाय तथा प्राप्त परिणामों के अनुसार बेहतरी के लिए कार्ययोजना तैयार कर उसे लागू करें। डॉ. शर्मा ने निर्देश दिया कि चिन्हित विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी इन विद्यालयों में बच्चों के अभिभावकों के साथ माह में 02 बार बैठक भी करें। जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिया गया कि माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए पुरातन छात्र-छात्राओं का सहयोग प्राप्त किया जाय। डॉ. शर्मा ने कहा कि समाज में विशेषकर युवा पीढ़ी में नशीले पदार्थों के सेवन की बढ़ती एक प्रकार से राष्ट्र की क्षति है। युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के उद्देश्य से डीआईओएस व बीएसए को निर्देश दिया गया कि प्रार्थना-सभा के समय बच्चों को नशीले पदार्थो से दूर रहने का संकल्प दिलाया जाय। छात्र-छात्राएं बुरी आदतों से दूर रहें इसके लिए आवश्यक है कि युवा पीढ़ी को खेल के साथ-साथ अन्य प्रकार की सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किये जाएं। डॉ. शर्मा ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं में जब भी कोई स्पोर्ट्स, सोशल या अन्य आयोजन हों तो अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाय। बैठक के दौरान डॉ. शर्मा ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बालश्रम, बालविवाह, बाल अपराध तथा बाल नशा पर प्रभावी अंकुश के लिए व्यापक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किया जाय तथा बालश्रम से मुक्त कराये गये बच्चों के पुनर्वास के बेहतर प्रबन्ध किये जाये। स्वास्थ्य, पुलिस, महिला कल्याण, आईसीडीएस, श्रम, शिक्षा, आबकरी व अन्य विभागों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी अधिकारी टीम भावना के साथ उपेक्षित जिले के लिए रिज़ल्ट ओरियेन्टेड कार्य करें। इस अवसर पर मुख्य राजस्व अधिकारी अवधेश कुमार मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एस.के. सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी कैसरगंज कमलेश कुमार सिंह, पीडी डीआरडीए राज कुमार, डीआईओएस नरेन्द्र देव पाण्डेय, डी.पी.ओ. राजकपूर, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्त, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी बी.पी. सत्यार्थी, सहायक श्रमायुक्त सिद्धार्थ मोदियानी, डीपीआरओ राघवेन्द्र द्विवेदी, एआरटीओ प्रशासन राजीव कुमार, अधि.अधि. न.पा.परिषद बहराइच प्रमिता सिंह सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।
: आश्रम पद्धति विद्यालय रिसिया का डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने किया निरीक्षण
Sat, Sep 16, 2023
केजीबीवी बेगमपुर की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
बहराइच। उ.प्र. राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री डॉ. देवेन्द्र शर्मा दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय बभनी रिसिया का निरीक्षण कर आवासित बालिकाओं के पठन-पाठन, भवन, कक्ष-कक्षों, छात्रावास तथा परिसर इत्यादि की साफ-सफाई, मेस इत्यादि व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। विद्यालय के निरीक्षण के दौरान डॉ. शर्मा ने बालिकाओं से रू-ब-रू होते हुए बच्चियों तथा परिवार का कुशल क्षेम पूछा तथा यहां की शिक्षा-दीक्षा, हास्टल की व्यवस्थाओं, सुरक्षा, भोजन की गुणवत्ता इत्यादि के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। डॉ. शर्मा ने बेटियों से उनके पाठ्यक्रम से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त की। अध्यक्ष ने विद्यालय की व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए निर्देश दिया कि बच्चियों के भोजन में हरी सब्जी को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाय। डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने कक्षा 10, 11 एवं 12 की क्लासेज़ में जाकर छात्राओं से उनके पाठ्यक्रम से सम्बन्धित प्रश्न पूछने पर बच्चों द्वारा संतोषजनक उत्तर देने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शिक्षण स्टाफ को निर्देश दिया कि बेटियों को क्वालिटी बेस्ड शिक्षा के साथ-साथ उन्हें खेल एवं अन्य अन्य सोशल एक्टिविटी हेतु प्रेरित किया जाय। डॉ. शर्मा ने बच्चियों की मांग पर उनके लिए क्रिकेट स्पोट्स किट की व्यवस्था करने का अधिकारियों को निर्देश दिया। अध्यक्ष ने प्रधानाचार्य डॉ. संदीप त्रिपाठी से दशमोत्तर कक्षाओं में संचालित अभ्युदय कोचिंग की प्रगति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। प्रधानाचार्य ने उन्हें यह भी बताया कि यहां पंजीकृत 475 छात्राओं के सापेक्ष आज 390 की उपस्थिति है। आश्रम पद्धति विद्यालय के निरीक्षण के उपरान्त डॉ. शर्मा ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बेगमपुर तथा इसी परिसर में अवस्थित आंगनबाड़ी केन्द्र का भी निरीक्षण किया। आवासीय बालिका विद्यालय के निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने बच्चियों व उनके अभिभावकों का कुशलक्षेम, पठन-पाठन की गुणवत्ता तथा अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए सीख दी कि मन लगाकर पढ़ाई करें और समाज में ऊंचा मुकाम हासिल कर अपने परिवार का नाम रोशन करें। अध्यक्ष ने भोजन की गुणवत्ता को परखने के लिए स्वयं भोजन चखकर देखा तथा भोजन की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। डॉ. शर्मा ने विद्यालय की वार्डेन इरफाना तस्नीम व अन्य शिक्षण स्टाफ को निर्देश दिया कि बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करते हुए उन्हें संस्कारशील भी बनायें तथा बच्चियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता प्रदान करें। विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र के निरीक्षण के दौरान नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा पहाड़ा व कविता सुना देने पर डॉ. शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त की। यहां पर डॉ. शर्मा ने 02 गर्भवती महिलाओं एवं 02 बच्चों को अन्नप्रासन्न कराया। इसके उपरान्त अध्यक्ष डॉ शर्मा ने महर्षि बालार्क चिकित्सालय के चिल्ड्रेन वार्ड के पीकू वार्ड, एन.आर.सी. व ओ.पी.डी. का निरीक्षण कर मौजूद चिकित्सकों से जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होंने वहां पर भर्ती बच्चों के अभिभावक व उनके तीमारदारों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करने पर यहां की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया गया। इसके पश्यात् डॉ शर्मा ने जिला कारागार का निरीक्षण कर करागार में निरुद्ध महिल बन्दियों के साथ रह रहे बच्चों की शिक्षा, दीक्षा, स्वास्थ्य इत्यादि की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिया कि यहां पर बच्चों की शिक्षा व खेल की व्यवस्था की जाय। निरीक्षण के दौरान डीसी मनरेगा के.डी. गोस्वामी, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्त, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अव्यक्त राम तिवारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजकपूर व जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार सिंह व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
: समाधान दिवस में सुनी गई फरियादियों की समस्यायें
Sat, Sep 16, 2023
213 शिकायतों में से 20 का हुआ मौके पर निस्तारण
सीडीओ की अध्यक्षता में तहसील सदर में सम्पन्न हुआ सम्पूर्ण समाधान दिवस
बहराइच। आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय शनिवार को आयोजित होने वाले सम्पूर्ण समाधान दिवसों की कड़ी में तहसील सदर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक प्रशान्त वर्मा व मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना ने प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच संजय शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एस.के. सिंह, उप जिलाधिकारी सदर डॉ. पूजा यादव, पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर राजीव सिसोदिया, प्रशिक्षु पीसीएस प्रिन्स वर्मा, डीडीओ महेन्द्र कुमार पाण्डेय व अन्य अधिकारियों के साथ आये हुए फरियादियों के समस्याओं की गम्भीरता पूर्वक सुनवाई करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को समयबद्धता के साथ गुणवत्तापरक निस्तारण के निर्देश दिए। सीडीओ कविता मीना ने कहा कि जनसमस्याओं का निस्तारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व शासन की प्राथमिकता है। सभी अधिकारी जनसमस्याओं के निस्तारण में गुणवत्ता व समयबद्धता पर विशेष ध्यान दें। जनता दर्शन में आने वाले फरियादियों की समस्याओं की गम्भीरता पूर्वक सुनवायी कर उसका सयमबद्धता के साथ निस्तारण सुनिश्चित कराये ताकि फरियादी को अनावश्यक रूप से भाग-दौड़ न करनी पड़ेे। सीडीओ ने कहा कि समस्याओं के निस्तारण में इस बात पर विशेष ध्यान रखा जाय कि निस्तारण की कार्यवाही से फरियादी भी संतुष्ट दिखे। सीडीओ कविता मीना ने जनसमस्याओं के निस्तारण के साथ-साथ पात्र एवं जरूरतमंद लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ भी दिलाने का प्रयास किया जाय। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सम्पूर्ण समाधान दिवस व अन्य स्तरों से प्राप्त होने वाले प्रार्थना-पत्रों का निस्तारण 01 सप्ताह में कर दें ताकि आवेदन-पत्र लम्बित अथवा डिफाल्ट की श्रेणी में आयें। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया विभागीय कार्यों में डिजीटल लेने को अपनाया जाय तथा आमजन को प्रेरित किया जाय कि वे मुद्रा का लेन-देन डिजीटली करें। इस अवसर पर परियोजना निदेशक डीआरडीए राज कुमार, उप निदेशक कृषि टी.पी. शाही, जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पाण्डेय, जिला पिछ़ड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी राजन कुमार, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी वी.पी. सत्यार्थी, अधि.अभि. जल निगम, जिला गन्ना अधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी, थानाध्यक्ष व सीडीपीओ भी मौजूद रहे। तहसील सदर में आयोजित हुए समाधान दिवस में प्राप्त 41 आवेदन पत्रों में 03 का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष प्रार्थना पत्रों को सम्बन्धित अधिकारियों को इस निर्देश के साथ उपलब्ध कराये गये कि प्रार्थना पत्रों का समयबद्धत्ता के साथ गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित कराये। इसी प्रकार तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) में प्राप्त 09 में 01, कैसरगंज में प्राप्त 68 में 05, नानपारा में प्राप्त 41 में 05, पयागपुर में 40 में 04 तथा तहसील महसी में प्राप्त 14 में 02 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण मौके पर किया गया।