: 307 ग्राम स्मैक के साथ महिला व युवक तस्कर धराये
Wed, Jul 19, 2023
पकड़ी गई स्मैक की अर्न्तराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड 50 लाख रूपये
बहराइच। थाना रूपईडीहा पुलिस व एसएसबी की संयुक्त टीम ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया। जिसके एक महिला व युवक शामिल है। पकड़ी गई महिला तस्कर के पास से 170 ग्राम स्मैक व युवक के पास से 137 ग्राम स्मैक कुल 307 ग्राम स्मैक बरामद किया गया। पकड़ी गई स्मैक की अर्न्तराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड 50 लाख रूपये आंकी गई है। प्रभारी निरीक्षक रूपईडीहा श्रीधर पाठक के नेतृत्व में पुलिस बल व एसएसबी की संयुक्त टीम ने बुधवार को समय 08ः30 बजे अभियुक्ता जोसना बीबी पत्नी सलीम निवासी लारेनपुर मानिक चौक थाना मानिक चौक जिला मालदा पश्चिम बंगाल को 170 ग्राम स्मैक व समय 09ः10 बजे अभियुक्त रिजवान उर्फ झींगुर पुत्र शौकत अली निवासी रूपईडीहागांव थाना रूपईडीहा को 137 ग्राम स्मैक के साथ दशहरा बाग कस्बा रूपईडीहा से गिरफ्तार किया गया। जिसके सम्बन्ध मे थाना रूपईडीहा पर मुअसं. 224/2023 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्तगण उपरोक्त को न्यायालय रवाना किया गया। गिरफ्तारी टीम में वरि.उ.नि.रूदल बहादुर सिंह, उ.नि.अश्वनी कुमार पाण्डेय, का.रामवीर चौहान, का. धर्मनाथ साहनी, का. धीरज कुमार, म.का. नेहा सिंह, म.का. पूजा गौंड थाना रुपईडीहा व एसएसबी के सहायक कमानडेंट अनिल कुमार यादव, निरीक्षक भास्कर कुमार, हेड कां.मुल्घु सिल्वा कुमार, हेड का.चन्द्र प्रताप सिंह, हेड का. सैय्यद गुलाम मुर्तजा, का.सुनील कुमार, का. हरिन्दर यादव, का. मनीष पाण्डेय, का. पुष्कर झांकर, का. हटीला बीगू भाई, म.का. रितू कुमार चौधरी, म.का. स्वेता जयसवाल, म.का. मेघाली बसुमती, सुनीता घेरो बी सामवाय एसएसबी रुपईडीहा शामिल रहे।
: तहसील महसी के लेखपालों से रूबरू हुई जिलाधिकारी
Wed, Jul 19, 2023
लेखपालों को पढ़ाया कर्तव्य पालन का पाठ
जनता दर्शन में आये प्रकरणों से सम्बन्धित लेखपालों से की वार्ता
प्रकरणों का समय से निस्तारण करने के दिये निर्देश
बहराइच। अत्याधुनिक संचार तकनीक के सहारे ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात ग्राम स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति का वीडियो कालिंग के माध्यम से जायज़ा लेने की अभिनव पहल करने वाली जिलाधिकारी मोनिका रानी ने कलेक्ट्रेट स्थित कक्ष से ज़ूम मीटिंग के माध्यम से तहसील महसी क्षेत्र में तैनात लेखपालों से रूबरू हुई। डीएम ने जूम मीटिंग के दौरान तहसील महसी के ग्राम लक्खा बौंड़ी व बौंडी फतेहउल्लापुर के लेखपाल दुर्गेश, सबलापुर की लेखपाल किरन यादव, जमलाजोत के लेखपाल अवनीश त्रिपाठी, मेथौरा व शंकरपुर, लक्ष्मणपुर के लेखपाल सुनील कुमार अवस्थी, रामापुर किधौली के लेखपाल चन्द्र प्रकाश पाण्डेय से जनता दर्शन में आये हुए प्रकरणों का समय से निस्तारण कर आख्या उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। डीएम ने लेखपालों को निर्देश दिया कि अपने-अपने ग्रामों में पूर्वान्ह 10 से मध्यान्ह 12 बजे तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर धारा 24 के निर्णित वादों में पैमाईश कराने के साथ-साथ अन्य न्यायालयों द्वारा दिये गये निर्णयों का भी अनुपालन सुनिश्चित करायें। लेखपालों को यह भी निर्देश दिये गये कि प्रत्येक ग्राम के लिए माइक्रों स्तर पर कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। प्रत्येक कार्य के लिए प्राथमिकता का निर्धारण कर यह सुनिश्चित करें कि आप जिस ग्राम में हैं वहां के प्रकरणों का गुणवत्तापरक निस्तारण हो जाय। डीएम ने लेखपालों को निर्देश दिया कि ग्रामों के आईजीआरएस से सम्बन्धित प्रकरणों के निस्तारण में विशेष रूचि दिखाते हुए यह सुनश्चित करें कि सभी प्रकरण समयबद्ध ढंग से गुणवत्तापरक निस्तारित हो जाएं। बैठक के दौरान डीएम ने तहसीलदार महसी पीयूष श्रीवास्तव को निर्देश दिया कि तहसील के लेखपालों को जूम मीटिंग व वीडियो कालिंग के सम्बंध में प्रशिक्षण प्रदान किया जाय ताकि लेखपालों को जूम मीटिंग से जुड़ने में किसी प्रकार की समस्या न हो।
: रिसार्ट जैसी सुविधाओं से आच्छादित होंगे जिले के कम्युनिटी शेल्टर होम
Wed, Jul 19, 2023
महिला सशक्तिकरण को समर्पित है मंझारा तौकली में निर्मित पिंक शेड
बाढ़ के दौरान चैन के साथ रह सकेंगे पीड़ित परिवार
सभी मूलभूत सुविधाओ से आच्छादित होंगे शेल्टर होम
बहराइच। प्रत्येक वर्ष बाढ़ की विभीषिका का सामना करने वाले जनपद के बलहा, मिहींपुरवा, शिवपुर, महसी, फखरपुर, कैसरगंज तथा जरवल ऐसे विकास खण्ड हैं जो बाढ़ के दौरान प्रभावित होते है जिससे इन ब्लाकों में निवास करने वाली लाखों की जनसंख्या पूरी तरह से अथवा आंशिक रूप से प्रभावित होती है। यूनीवर्स की गहराईयां नापने, चांद पर कदम रखने तथा मंगलग्रह पर रोबोटिक यान भेजने के बावजूद आज की विकसित तकनीक इतनी विकसित नहीं हो सकी है कि प्राकृतिक आपदाओं जैसे ग्लोबल वार्मिंग, बाढ़, सूखा व चक्रवात जैसी विपदाओं के पैर में ज़ंजीर डाल सके। इन सबके बावजूद मौसम के बेहतर पूर्वानुमान, अर्ली वार्निग अलार्म सिस्टम, सूचनाओं के बेहतर आदान-प्रदान, राहत एवं बचाव के लिए फुलप्रूफ कार्ययोजना, जनजागरूकता, प्रशिक्षण, त्वरित रेस्क्यू आपरेशन्स, यातायात के अच्छे संसाधनों, मार्गों के सुदृढ़ीकरण, संचारी रोगों के उपचार, एण्टीवेनम तथा जीवन रक्षक दवाओं एवं उपकरणों, लाईफ ब्वाय, बाढ़ से पूर्व पशुओं के उपचार एवं टीकाकरण, लाईफ जैकेट, नावों एवं मोटरों की पर्याप्त उपलब्धता, अथाह जलराशि के बीच रेस्क्यू के लिए प्रशिक्षित फ्लड पीएसी एव एनडीआरएफ की बटालियन तथा आपदा मित्र जैसे स्वयंसेवकों, सुरक्षित तटबन्धों, बाढ़ व कटान रोधी कार्यों, बाढ़ पीड़ितों एवं उनके पशुओं को बाढ़ राहत शिविर तक लाकर उन्हें भोजन के साथ चिकित्सा एवं मूलभूत सुविधाएं तथा बाढ़ के कारण हुई क्षति के लिए मुआवज़ा देकर बाढ़ से होने वाली को क्षति को न्यून से न्यूनतम कर पीड़ित जनों को राहत पहुंचाने का कार्य जिला प्रशासन बीते वर्षों से सफलतापूर्वक करता आ रहा है। यूनीवर्सल ट्रूथ की तरह प्रत्येक वर्ष जिले को बाढ़ की चपेट में लेने वाली बाढ़ पीड़ित परिवारों को जानी व माली नुकसान तो पहुंचाती ही थी साथ ही तेजगामी जल धाराओं के साथ ग्रामवासियों की सामुदायिकता को भी बहा कर ले जाती थी। बाढ़ की यह चोट शायद ग्रामवासियों को आर्थिक व जानी नुकसान से ज्यादा अखरती थी। प्रायः रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर आने वाले लोगों की इकाई ग्राम व परिवार में बिखराव दिखाई देता था। अपनी सुविधा के अनुसार बाढ़ शरणालयों या परिजनों के यहां सर पर छत होने के बावजूद सामुदायिकता की कमी उन्हें बेचौन रखती थी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी मोनिका रानी ने ग्रामवासियों के इस कर्ब को अत्यन्त गम्भीरता के साथ महसूस ही नहीं किया बल्कि बेहतर विकल्प के रूप में मनरेगा योजना के तहत कम्युनिटी शेल्टर व हॉट बाज़ारों का निर्माण करने तथा निर्मित स्थलों को सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाओं से आच्छादित करने के फरमान जारी किये ताकि पीड़ित परिवारों को सामुदायिकता की कमी न अखरे और बाढ़ जैसी विपदा के समय भी पीड़ित जन बिना बिखराव के एक इकाई परिवार व ग्राम के रूप में सुरक्षित ढंग से रह सकें। जिलाधिकारी मोनिका रानी के निर्देश पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना के अन्तर्गत ब्लाक बलहा में 07, कैसरगंज में 02, महसी में 03 तथा मिहींपुरवा में 03 अदद कम्युनिटी शेड तथा 02 स्थानों पर हाट बाज़ार के शेड, फखरपुर के मंझारा तौकली में 05 शेड जिसमें एक पिंक शेड महिलाओं के लिए एवं एक शेड पशुओं के लिए तथा विकास खण्ड शिवपुर की पांच ग्राम पंचायतों में भी कम्युनिटी शेड का निर्माण कराया गया है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बनाये गये कम्युनिटी शेड में स्वच्छ पेयजल व शौचालय की सुविधा कन्वर्जेंस के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। यहॉ पर ठहरने वाले परिवारों के लिए प्रकाश की समुचित व्यवस्था की गई तथा वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में बैटरी से चलने वाले लालटेन भी उपलब्ध रहेगी। जिलाधिकारी के इस अभिनव प्रयास को बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सराहनीय प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।