: गणेश विसर्जन में जा रहे युवक पर जानलेवा हमला
Sat, Sep 30, 2023
गंभीर रूप से घायल युवक को जिला चिकित्सालय में कराया भर्ती
चार के विरूद्ध मामला दर्ज
बहराइच। गणेश प्रतिमा विसर्जन में जा रहे युवक पर दबंगों ने जानलेवा हमला कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को इलाज के लिए चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। घटना थाना हुजूरपुर क्षेत्र के चौकी भग्गडवा बाजार की है। करमुल्लापुर भग्गडवा के गोडियनपुरवा निवासी शिवा निषाद पर दबंगों ने जानलेवा हमला कर दिया। सूत्रों के अनुसार बताया गया कि शिवा निषाद उम्र करीब 18 वर्ष गणेश विसर्जन में जा रहा था। तभी भग्गडवा बजार के कुछ दबंग मुस्लिम लोगों ने युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। जिससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। युवक को आनन-फानन में इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां युवक का इलाज चल रहा है। घटना को लेकर पुलिस ने चार लोगों निहाल पुत्र गुल्ले, मन्नू पुत्र असलम, भंडोसी पुत्र शरीफ व मासूम पुत्र शरीफ के विरूद्ध मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिस दे रही है।
: ग्राम पंचायत विकास योजना से बदलेगी गांवों की तस्वीर
Fri, Sep 29, 2023
बहराइच। ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार किये जाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारी मोनिका रानी की अध्यक्षता में बुधवार को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में पंचायती राज विभाग की जनपद स्तरीय क्रियान्वयन एवं समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी राघवेन्द्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि ग्राम पंचायतों का समान सामाजिक, आर्थिक एवं वैयक्तिक विकास, विकास कार्यों में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्वों बढ़ोत्तरी, सहयोगी नियोजन एवं संसाधनों के अभिसरण को बढ़ावा, वंचित वर्गों की आवश्यकता के साथ सामाजिक सुरक्षा व कल्याण को प्राथमिकता को शामिल करते हुए समुदाय को निर्णय लेने हेतु सक्षम बनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत विकास योजना संचालित की जायेगी। डीपीआरओ श्री द्विवेदी ने बताया कि ग्राम पंचायत विकास योजना को पांच चरण में विभाजित किया गया है। पहला चरण में वातावरण निर्माण, दूसरे परिस्थितिकीय विशलेषण, तीसरे चरण में आवश्यकताओं एवं समस्याओं की पहचान एवं प्राथमिकता निर्धारण, चतुर्थ चरण में योजना के लिए संसाधन का निर्माण एवं ड्राफ्ट प्लान का विकास तथा पंचम चरण में तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जानी है। योजना 09 थीम पर क्रियान्वित की जानी है जिसके तहत गरीबी मुक्त और आजीविका उन्नत गांव, स्वस्थ्य गांव, बाल हितैषी गांव, पर्याप्त जल युक्त गांव, स्वच्छ एवं हरित गांव, आत्मनिर्भर बुनियादी ढ़ांचे वाला गांव, सामाजिक रूप से न्याय संगत एवं सुरक्षित गांव, सुशासन वाला गांव तथा महिला हितैषी गांव का लक्ष्य प्राप्त किया जायेगा। डीपीआरओ ने बताया कि ‘‘आपरेशन त्रिनेत्र’’ अन्तर्गत पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों, पब्लिक एड्रेस सिस्टम/लाउडस्पीकर का अधिष्ठापन किया जायेगा। इसके लिए समस्त ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी कैमरा व पब्लिक एड्रेस सिस्टत ग्राम पंचायतों के प्रमुख स्थलों, सामुदायिक शौचालय, ग्राम सचिवालय, प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय, प्रमुख मार्गों, ग्राम पंचायत के मुख्य प्रवेश द्वार एवं निकास द्वार, मुख्य चौराहे/तिराहे आदि पर लगवाया जायेगा। परन्तु व्यक्तिगत स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाये जाना प्रतिबन्धित है। सीसीटीवी कैमरा लगवाये जाने हेतु ग्राम के संभ्रान्त नागरिकों के साथ ग्राम प्रधान, ग्राम स्तरीय कर्मियों की एक बैठक आयोजित कर कैमरों की संख्या/स्थान पर अन्तिम निर्णय लिया जायेगा। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने निर्देश दिया कि ‘‘आपरेशन त्रिनेत्र’’ अन्तर्गत सीसीटीवी कैमरों का अधिष्ठापन ग्राम पंचायतों में विभिन्न योजनाओं यथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा.) वित्त आयोग एवं अन्य योजनाओं के निर्मित सार्वजनिक/पंचायतों को हस्तान्तरित, परिसम्पत्तियों की सुरक्षा, योजनाओं के अन्तर्गत कराये जा रहे कार्य का आच्छादन का आंकलन/अनुश्रवण तथा ओडीएफ को क्रियान्वित कराने के उद्देश्य से सीसीटीवी कैमरे स्थापित किये जायें। डीएम ने कहा कि कैमरों की स्थापना व्यक्तिगत स्थानों पर न की जाये। डीएम ने निर्देश दिया कि सामुदायिक शौचालयों के खुलने का समय, केयर टेकर का नाम व मोबाइन नम्बर पंचायत भवन शौचालय पर अंकित कराया जाय। डीएम ने निर्देश दिया कि कायाकल्प योजना से छूटे हुए आंगनबाड़ी केन्द्रों, हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर व विद्यालयों को कार्ययोजना में शामिल कर उनका कायाकल्प कराया जाय। डीएम ने सचेत किया कार्यों का किसी भी दशा में प्रतिरूपण न होने पाये। डीएम ने निर्देश दिया कि पंचायत सहायक/सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति आन-लाइन करने हेतु कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एस.के. सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, पीडी डीआरडीए राज कुमार, उपायुक्त मनरेगा के.डी. गोस्वामी, जिला विद्यालय निरीक्षक नरेन्द्र पाण्डेय, उप कृषि निदेशक टी.पी. शाही, अधि.अभि. विद्युत शैलेन्द्र कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा व खण्ड विकास अधिकारीगण मौजूद रहे।
: पर्यावरण संरक्षण के लिए खेतों में पराली न जलाएं कृषक: डीएम
Fri, Sep 29, 2023
10 अक्टूबर तक पीएम किसान सम्मान निधि से छूटे किसानों की सम्स्याओं का होगा निदान
अधिकारियों एवं कर्मचारियों को डीएम ने दिलाया संकल्प
बहराइच। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अन्तर्गत जनपद के शत-प्रतिशत कृषकों को लाभान्वित किये जाने के उद्देश्य से वंचित/अवशेष कृषकों के बैंक खाते की आधार सीडिंग, ई-केवाईसी तथा लैण्ड सीडिंग कार्यों को 10 अक्टूबर तक पूर्ण तथा खेतों में पराली जलाने की घटनाओं को न्यून से न्यूनतम करने तथा फसल अवशेषों एवं पराली प्रबन्धन के उद्देश्य से जिलाधिकारी मोनिका रानी ने जनसेवा केन्द्र समन्वयक, नोडल अधिकारियों, कृषि एवं एलायड विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिया कि किसी भी दशा में पराली जलने की घटना प्रकाश में न आये अन्यथा की स्थिति में सम्बन्धित विशेषकर क्षेत्रीय लेखपालों का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए कड़ी कार्यवाही की जायेगी। बैठक में मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों को डीएम ने इस बात संकल्प दिलाया कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश के लिए पदेन उत्तरदायित्वों का निवर्हन करेंगे। डीएम ने जिला पंचायत राज अधिकारी राघवेन्द्र कुमार द्विवेदी व उप कृषि निदेशक टी.पी. शाही को निर्देश दिया कि 02 अक्टूबर को ग्राम में आयोजित होने वाले आयुष्मान सभा में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराकर मौजूद ग्रामवासियों को पीएम-किसान निधि से वंचित किसानों की समस्याओं का समाधान करायें तथा कृषकों को खेतों में पराली न जलाने के लिए जागरूक करें तथा उन्हें पराली प्रबन्धन के बारे में तकनीकी जानकारी भी दी जाय। डीपीआरओ व डीसी मनरेगा को निर्देश दिया गया कि पूर्व में खोदे गये कम्पोस्ट के गडढ़ों को ओपेन कराकर पराली को कम्पोस्ट खाद बनाने में कृषकों को जागरूक किया जाय। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि जिले के कृषकों को इस बात की भी जानकारी दी जाये कि वे मेसर्स विपुल इण्डस्ट्री रिसिया को फसल अवशेष की आपूर्ति कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं। डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को निर्देश दिया कि गौआश्रय स्थलों को भूसादान करने के लिए प्रेरित किया जाय। डीएम ने उपायुक्त मनरेगा को निर्देश दिया कि ग्राम से गौआश्रय स्थल तक पराली/फसल अवशेष परिवहन का भुगतान मनरेगा योजना से कराया जाये। डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिया कि क्षेत्रीय लेखपालों, ग्राम प्रधानों, कृषि विभाग के क्षेत्रीय कार्मिकों के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित करें कि कहीं पर पराली जलाने की घटना न होने पाये। डीएम ने समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि फसलों के अवशेष को जलाने वाले दोषी व्यक्तियों की पुष्टि होने पर दो एकड़ क्षेत्रफल तक रू. 2500, दो से पांच एकड़ तक रू. 5000 तथा पांच एकड़ से अधिक पर रू. 15000 अर्थदण्ड लगाया जाए। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि न्याय पंचायत स्तर पर प्रगतिशील कृषकों, प्रधानों एवं नोडल कर्मचारियों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाय जिसमें एसडीएम, तहसीलदार व कृषि एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों को भी जोड़ा जाय। जिस पर संचालित योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ पराली प्रबन्धन, किसान सम्मान निधि व अन्य विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाय। डीएम ने एसडीएम को यह भी निर्देष दिया कि जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश के प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया ताकि पराली जलाने की घटना को न्यून से न्यून किया जा सके। जिले के शत-प्रतिशत पात्र कृषकों को किसान सम्मान निधि योजना से आच्छादित करने हेतु डीएम ने लीड बैंक प्रबन्धक व प्रधान पोस्ट मास्टर को निर्देश दिया कि कृषकों के खाते खुलवाने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आना चाहिए। सभी बैंक शाखाएं व डाकघर प्राथमिकता के आधार पर कृषकों का खाता खोलने, आधार से लिंक करने की कार्यवाही को समयबद्धता के साथ पूर्ण करें। कहीं से कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आने पर कार्यवाही की जायेगी। फेशियल के-वाईसी की प्रगति कम होने पर डीएम ने कृषि विभाग को निर्देश दिया अभियान संचालित कर 10 अक्टूबर तक शत-प्रतिशत कृषकों की ई-केवाईसी को पूर्ण करायें। बैठक के दौरान उप कृषि निदेशक टी.पी. शाही ने बताया कि शीघ्र ही बायो-डी-कम्पोज़र की उपलब्धता सुनिश्चित करा दी जायेगी। जिसके माध्यम से कृषक अपनी पराली को 30 दिनों में कम्पोस्ट में बदलकर अपने भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाकर अधिक उत्पादन प्राप्त कर आय को दोगुना कर सकेंगे। इस कार्य को समय से पूर्ण कराने हेतु सभी क्षेत्रीय कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये जा चुके है। श्री शाही ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अन्तर्गत तहसील सदर बहराइच को रू. 1,07,700, पयागपुर को रू. 1,09,162, महसी को रू. 1,18,520, कैसरगंज को रू. 1,85,988, नानपारा को रू. 1,36,574 तथा मिहींपुरवा को रू. 94,524 कुल रू. 07 लाख 52 हज़ार 468 तथा अधिकारियों के प्रोत्साहन हेतु रू. 35 हज़ार का आवंटन किये जाने के प्रस्ताव को डीएम द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई। यह प्रोत्साहन धनराशि लेखपालों को पूर्व में किये गये भू-लेख अंकन के मानदेय, कम्प्यूटर आपरेटर तथा पीओएल मद के भुगतानार्थ आवंटित की गई है। जबकि कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों हेतु रू. 5,16,234, फिल्टर एवं नोडल कार्मिकों हेतु रू. 01 लाख, स्टेशनरी, कार्टेज एवं विविध देय के अन्तर्गत रू. 1,58,298 की धनराशि के भुगतान की भी स्वीकृति प्रदान की गई। इस अवसर पर जिला कृषि सतीश कुमार पाण्डेय, तहसीलदार महसी राकेश कुमार मौर्य, एसडीओ कृषि कैसरगंज शिशिर वर्मा, सदर के उदय शंकर सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी प्रिया नन्दा, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए सुधाकर शुक्ल व कुलदीप वर्मा सहित अन्य अधिकारी, एटीएम व बीटीएम तथा अन्य प्राविधिक सहायकगण मौजूद रहे।