: दुष्कर्म के बाद मासूम बालिका की गला दबाकर हत्या
Thu, Feb 22, 2024
पड़ोस के युवक ने दिया घटना को अंजाम
बुधवार को घर से मासूम थी लापता, दूसरे दिन गन्ने के खेत में पड़ा मिला शव
बहराइच। बुधवार शाम से लापता मासूम बालिका का शव बृहस्पतिवार सुबह गन्ने के खेत में पड़ा पाया गया। दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर शव गन्ने के खेत में फेंक दिया गया। घटना थाना कैसरगंज के एक गांव की है। जहां 6 वर्षीय बालिका का शव बृहस्पतिवार दोपहर को एक गन्ने के खेत से बरामद हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना में संलिप्त पाए जाने पर पड़ोस के एक युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि उसका बड़ा भाई फरार है। कैसरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 6 वर्षीय बालिका अपने पड़ोसी कल्लू पुत्र पृथ्वी के यहां खेलने जाया करती थी। बुधवार सुबह भी बालिका पड़ोसी कल्लू के घर गई थी। लेकिन शाम तक जब बालिका वापस नहीं लौटी तो परिवार के लोगों ने तलाश शुरू की। सूचना पुलिस को भी दी गई। जिस पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया था। ग्रामीण लापता बालिका की खोजबीन कर ही रहे थे तभी बृहस्पतिवार को गांव निवासी बाबू वर्मा के खेत में बालिका का शव पड़ा मिला। इस पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। कैसरगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर रामानंद कुशवाहा ने बताया कि बालिका पड़ोसी कल्लू के यहां जाया करती थी। कल्लू और उसके भाई राजेश उर्फ लाला के विरुद्ध केस दर्ज कर राजेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने गला दबाकर हत्या की बात स्वीकार की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अन्य जानकारी हो सकेगी। ग्राम प्रधान श्रवण कुमार ने बताया कि बालिका के शरीर से खून का रिसाव हो रहा था और नीचे के भाग में कपड़े नही थे। ग्रामीणों के मुताबिक बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या की गई है। जबकि पुलिस का कहना है कि आरोपी राजेश उर्फ लाला लाला ने काफी मात्रा में शराब का सेवन कर रखा था होश में आने के बाद गुरुवार को उसने हत्या की घटना कबूल किया। वहीं मामले को कैसरगंज पुलिस दबाने में लगी रही। मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मियों को वहां से भगा दिया गया तथा उनके मोबाइल भी जब्त कर लिए गए। परिवार के लोगों का बयान भी नहीं लेने दिया गया ऐसे में दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका लोग जता रहे हैं।
: डीएम ने नगर क्षेत्र के परीक्षा केन्द्रों का किया भ्रमण
Thu, Feb 22, 2024
परीक्षा के लिए स्थापित कन्ट्रोल रूम का किया निरीक्षण
बहराइच। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश प्रयागराज द्वारा संचालित हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा को शुचितापूर्ण वातावरण में नकलविहीन सम्पन्न कराये जाने के उद्देश्य से प्रथम दिन की प्रथम पॉली में संचालित हाईस्कूल के हिन्दी विषय की परीक्षा का जायजा लेने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मोनिका रानी ने नगर क्षेत्र स्थित परीक्षा केन्द्रों पं. वैद्य भगवानदीन मिश्र गांधी इण्टर कालेज, आर्य कन्या इण्टर कालेज व तारा गल्र्स इण्टर कालेज का औचक निरीक्षण करते हुए विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा परीक्षा केन्द्र व्यवस्थापकों व स्टेटिक मजिस्ट्रेटों से जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मोनिका रानी ने सभी सम्बन्धित को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व शासन की मंशानुसार पूरी शुचिता के साथ नकलविहीन परीक्षा सम्पन्न कराने के लिए अपने उत्तरदायित्वों का कड़ाई के साथ निर्वहन करें। परीक्षा केन्द्रों के निरीक्षण के उपरान्त डीएम मोनिका रानी ने बोर्ड परीक्षा के लिए कलेक्ट्रेट स्थित ई-डिस्ट्रिक्ट कार्यालय कक्ष में स्थापित कन्ट्रोल का भी निरीक्षण किया। डीएम ने यहां पर मौजूद कर्मचारियों को निर्देश दिया कि प्रभावी ढंग से परीक्षा केन्द्रों का पर्यवेक्षण करते रहें। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी परीक्षा केन्द्रों के सीसीटीवी कैमरे प्रत्येक दशा में क्रियाशील रहने चाहिए।
: पुण्यतिथि पर याद किए गए अबुल कलाम आजाद
Thu, Feb 22, 2024
बहराइच। सेनानी भवन सभागार में स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद्, पत्रकार, लेखक और भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की पुण्यतिथि मनाई गई। कार्यक्रम में सेनानी उत्तराधिकारियों ने मौलाना आजाद के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और उनके संघर्षशील जीवन वृत्त पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के जिला संरक्षक अधिवक्ता अनिल त्रिपाठी ने कहा कि मौलाना अबुल कलाम आजाद का जन्म 11 नवंबर 1888 को हुआ था। वो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे। उनके मार्गदर्शन में ही इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेसंश साहित्य अकादमी, ललित कला अकादमी, संगीत नाटक अकादमी और सीएसआईआर की भी स्थापना की गई थी। वरिष्ठ समाजसेवी एवं अधिवक्ता वीर बहादुर सिंह ने कहा कि मौलाना आजाद 1920 से 1945 के बीच देश के स्वतंत्रता आन्दोलन में कई बार जेल गए। इस अवसर पर अधिवक्ता अश्विनी मिश्र, अजय त्रिपाठी, पवन सिंह, राहुल चैधरी, गोपाल त्रिपाठी, मुकेश श्रीवास्तव सहित तमाम राष्ट्र भक्त मौजूद रहे।