: जिलाधिकारी ने मतदान केन्द्र धरसवां व बहादुर चक का किया औचक निरीक्षण
Fri, Mar 15, 2024
मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था का लिया जायजा
ग्रामों में योजनाओं की जमीनी क्रियान्वयन का जाना हाल
पेयजल परियोजना का भी किया निरीक्षण
बहराइच। लोकसभा सामान्य निर्वाचन चुनावके दृष्टिगत मतदान केन्द्रों पर मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था, मतदाता सूची की तैयारी, मतदाता पहचान पत्र वितरण, मतदान प्रतिशत इत्यादि के साथ-साथ विद्यालयों की साफ-सफाई, शिक्षकों छात्रों की उपस्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता, एमडीएम तथा विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के जमीनी क्रियान्वयन का जायजा लेने के उद्देश्य से जिला अधिकारी मोनिका रानी ने विकास खण्ड चित्तौरा के मतदान केन्द्र धरसवां व बहादुर चक का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। डीएम ने ग्राम धरसवां मतदान केन्द्र पूर्व मा. विद्यालय पहुंचकर पाया कि मतदान केन्द्र पर विवरण अंकित नहीं किया गया है इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए खण्ड विकास अधिकारी सौरभ पाण्डेय को निर्देश दिया कि विकास खण्ड अन्तर्गत सभी मतदान केन्द्रों पर मतदान केन्द्र से सम्बन्धित विवरण अंकित कराने के साथ केन्द्र के सभी कक्षों में समुचित प्रकाश व्यवस्था के साथ-साथ मानक के अनुरूप अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराये। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति व एमडीएम की गुणवत्ता के लिए बनी तहड़ी को स्वयं चेक कर गुणवत्ता को भी परखा। शिक्षकों को निर्देश दिया कि तहड़ी में हरी सब्जियों का भी प्रयोग किया जाय इससे पोषण की मात्रा में इजाफा होगा। इस अवसर पर अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
: जनपद के गौरव घाटी की थाती है वृंदा शुक्ला!
Fri, Mar 15, 2024
बी.एस.परिहार/कुंवर दिवाकर सिंह
बहराइच। सामूहिक प्रगति के पथ पंथी एसपी वृंदा शुक्ला ने उन मीठंे जहर के सौदागारों को अपने रडार पर लिया। जो मादक पदार्थ के रूप में असमय मौत, कुपोषण तथा समाज में अपंगता परोस रहे है। जिसमें किसी वरवस मां के हृदय में लाल की लालसा। पिता का वात्सल्य। सुहागिन का सिंदूर और वाल्यकाल के सुनहरे सपने। चंद सिक्कों के विसात पर बलिवेदी पर बिछ रहे है। एसपी वृंदा शुक्ला के मर्मभेदी दृष्टि और उच्चाशायी संकल्प के परिणाम धरातल पर दिखाई देने लगे है। वृंदा के सत्त प्रयासों व उनके कार्यों के विविधि विषमताओं के बीच एक नई, ठोस और सांमजस्यात्मक शक्ति के रूप में उनके तस्कर उन्मूलन अभियान अंजाम की ओर अग्रसर है। बड़े धंधेबाज तो गिरफ्त में नहीं आये। यद्यपि धंधों में सेतु के भूमिका धर जरूर पुलिस के पकड़ में आने लगे। जिसमें अपमिश्रित मदिरा तथा दो चरस के कैरिंग कारोबारी है। यह आंशिक अभियान एसपी के चरम ध्येय और कर्तव्य की कड़ी है। एसपी साहिबा ने मादक पदार्थ के विष वमन से व्यथित परिणाम को नितान्त गंभीरता से लिया। जो उन परिजनों की मानसिक वेदना अपने आश्रितों के इर्द-गिर्द ममता के मनःभाव का घेरा होता है। फिर भी असहाय बेला को निरूपाय छोड़कर चल देता है। एसपी वृंदा शुक्ला ऐसे मौत के सौदागरों के लिए जेल के दरवाजे खुलवा दिए। जो जानलेवा नशे का विषपान परोसकर जीवन प्रलंयकारी कम्पी धक्कों से विनाश और विध्वंसक के नंगे नाच के गर्त में धकेलने के जिम्मेदार थे। एसपी वृंदा शुक्ला के इस प्रतिविम्वत मानवता को प्रणाम करते हुए इनके विराट मानवतावादी चेतना का पूरा समाज समर्थन करता है। वे इसके अतिरक्त लोकहितकारी अभियान के लिए भविष्य दृष्टा की संवाहक बन रही है। जिन यह पंक्तियां ’’जनपद की गौरव घाटी की थाती है वृंदा शुक्ला’’! पर फिट बैठती है।
तस्करों के दुर्ग में एसपी की सेंध
भारत-नेपाल की आलींगनवद्ध खुली सीमा। नेपाल से भारत में उद्गम भारत में उद्भव नदियों-नालों के डेल्टा और कछार। सरहद पर भारत के विशाल वानाच्छादित क्षेत्र। उसे पार करती अव्यवस्थित दुर्गम दुरूहतम पगड़ंडियां। मदिरा, मादक पदार्थो के तस्करों के लिए सदैव मुफीद रही। दोनों देशा में महफूज मादक पदार्थों के व्यवसायिक लम्बरदारान कैरियरो के जरिये अपना धंधा चला रहे है। जिसके पान के जद में हमारी युवा और पौढ़ पीढ़ी असमय मौत, कुपोषण तथा अपंगता का दारूण वरण कर रही है। एसपी वृदा शुक्ला तस्करों के कलिंजर किले को ध्वस्त करने के लिए व्यूह रचने के रण में मनसूबों की गांडीव टंकारती दिख रही है। जिसका आंशिक परिणाम में दरगाह और रूपईडीहा में दो पृथक-पृथक तिथियों में दो चरस तस्कर चरस खेप के साथ गिरफ्तार हुए। इन दोनों के पास से तीन किलो से अधिक मात्रा में चरस बरामद हुई। कहने-सुनने को यह तीन किलो चरस सामान्य लगता है। लेकिन इसके दुष्परिणाम पर आत्मिक दृष्टिपात करें तो अंजाम विकराल तथा भयावह है। अभ्यस्त नशाखोर के लिए एक ग्राम के चौथाई भाग में चार से पांच लोगों की तृप्ति हो जाती है। चूंकि यह सवा तीन किलो चरस यदि नशाखोरी बाजारों तक पहुंच जाती तो इसके कितने नये लोग शिकार होते। अंदाजा लगाना असम्भव। इस खेप की खपत से बची जिन्दिगियां अनजाने में ही सही वृंदा शुक्ला के ़ऋणी रहेगे। श्रृंखला की कड़ी में रूपईडीहा पुलिस 820 लीटर कच्ची अपमिश्रित दारू के साथ 9 लोगों को गिरफ्तार करने में सफल रही। जो इस दारू के साथ यूरिया खाद व नौसादर की बरामदगी की, जो शीघ्र तीव्रता इजाफा करने में काम आते है। नौसादर और यूरिया से इसके सेवनकर्ताओं की जाने, आंख व लीवर जाने का पूरी-पूरी सम्भावना रहती है। एसपी शुक्ला इन समाज राष्ट्रद्रोहियों के दुर्ग में संेध लगाने में फिलहाल सफल हुई।
एसपी की संतुष्टि जब, बड़े तस्कर जेल में हो तब
एसपी वृंदा शुक्ला ने दो चक्रों में बरामद चरस एवं उनमें हुई गिरफ्तारियों से पूर्ण संतुष्ट शायद नहीं है। इनके टारगेट पर बड़े मादक पदार्थों के कारोबारी है। जो कैरियरों को आगे कर पर्दे पीछे से जहर के सौदागर व्यवसायरत है। इनके चेन को हर हाल में तोड़ना वृंदा शुक्ला के लक्ष्य में है। एसपी शुक्ला के अर्जित जज्बे से तो यही लगता है कि वे अंतिम पडाव पर भले ही न पहुंचे लेकिन चेन को तोड़कर स्थिर ठहराव के मुकाम पर जरूर पहुंचेगी। ’’उनकी पूर्ण संतुष्टि जब, बड़े तस्कर जेल में तब’’। एसपी इस मुद्दे पर वेवाक टिप्पणी देती है कि जनपद में कई स्थानों पर नशाखोरी का धंधा चल रहा है। उन्हें स्थान भी पता है। रोकथाम के प्रयास किये जा रहे है। 20 से 30 प्रतिशत अभी सफलता मिली है। समय के साथ सब दुरूस्त हो जायेगा। वहीं आम जनमानस का मानना है कि मादक पदार्थ का धंधा स्थानीय स्तर पर पचास फीसदी से अधिक का ग्राफ गिरा है।
बलई गांव बना अवैध शराब निर्माण का कुटीर उद्योग
थाना मोतीपुर अन्तर्गत है एक गांव बलई गांव। बलई गांव कच्ची मानक विहीन शराब निर्माण एक कुटीर उद्योग बन गया है। बलई गांव नेपाल सीमा पर स्थित है। इस गांव में अवैध शराब निर्माण में कितनी भट्ठियां धधकती है अनुमान लगाना कठिन है। यहां की अवैध शराब गुड, यूरिया तथा नौसादर से तैयार की जाती है। जिसका न मानक न कोई डिग्री। इस मदिरा पान से जो बचे उसकी खुशकिस्मती ही। घरों में सुबह से शाम तक पियक्कड़ों की जमात ही जमात चहुंओर। 30 से 40 रूपये में पूरी की पूरी बोतल मिल जाती है। क्षेत्र में किसी के घर पियक्कड़ मेहमान आता है तो उसे बलई गांव ले जाते है। जरीकेन और मोटर के बड़ी टियूब में भरकर प्रतिदिन सैकड़ों से बहुत अधिक लीटर तक अवैध कच्ची दारू का निर्वाध व्यापार होता है। यहां से सस्ती दरो में खरीदकर दूर-दूर तक ले जाकर काफी मुनाफे में चोरी छिपे विक्री करते है। बलई गांव की अवैध दारू दौलतपुर, चौकसाहार, रायबोझा, जालिमनगर तक बिकती है। आश्चर्य का विषय तो यह है कि न तो इस धंधे पर अंकुश लगाने के लिए एसएसबी करती है और न ही मोतीपुर पुलिस। इसके पीछे जो भी वजह हो। लेकिन अभयदान के पीछे कोई न तो कोई हितार्थ कारण तो जरूर होगे। मोतीपुर क्षेत्र में बलई गांव के अवैध दारू निर्माण के चलते कई सरकारी देशी मदिरा की दुकाने घाटे में होने से ठेकेदार बीच में छोड़ दिए। ठेकेदार टेन्डर डालने से भी कतराते है।
: वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व बजट का सदुपयोग करें विभाग: जिलाधिकारी
Thu, Mar 14, 2024
आईजीआरएस संदर्भो का किया जाय गुणवत्तापरक निस्तारण
मुख्यमंत्री डैश बोर्ड की रैकिंग किसी भी दशा में होने न पाये कम
बहराइच। विभिन्न विभागों में उपलब्ध बजट का वित्तीय वर्ष 2023-24 से पूर्व सदुपयोग करने के दृष्टिगत जिलाधिकारी मोनिका रानी ने समस्त आहरण वितरण अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 01 सप्ताह के अन्दर सक्षम स्तर से अनुमोदन एवं स्वीकृति प्राप्त करते हुए प्राप्त आवंटन का सदुपयोग करना सुनिश्चित करें। डीएम ने कहा कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के उपरान्त समीक्षा में यदि पाया जाता है कि किसी विभाग द्वारा बिना किसी कारण के बजट का समर्पण किया गया है तो इस स्थिति का कड़ा संज्ञान लेते हुए सम्बन्धित के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी। आसन्न लोकसभा चुनाव को स्वतन्त्र, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्वक सकुशल सम्पन्न कराये जाने हेतु डीएम ने जिले के अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्वाचन के लिए सौपे गये दायित्वों के प्रति पूरी तरह से सजग रहें। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान डीएम ने निकायों के अधिशासी अधिकारियों एवं डीपीआरओ को निर्देश दिया कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित होर्डिंग्स, बैनर, स्टैण्डी, कटआउट इत्यादि को हटाने के टीमें बना लें ताकि निर्वाचन की घोषणा होते ही आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार होर्डिंग्स इत्यादि का निस्तारण हो सके। आईजीआरएस सन्दर्भों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सन्दर्भों का निस्तारण करते समय मात्र औपचारिताए न निभायी जाय बल्कि ऐसा निस्तारण करें जिससे फरियादी भी की गई कार्यवाही से संतुष्ट हो जाय। डीएम ने कहा कि सभी अधिकारी आख्या को प्रेषित करते समय निस्तारण की गुणवत्ता की परख खुद कर लें तथा गुणवत्ता के सम्बन्ध में फरियादी से भी बात की जाय। डीएम ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण निस्तारण होने से जिले में असंतुष्ट सन्दर्भों की संख्या कम होने से जिले की रैंकिंग में भी सुधार आयेगा। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आईजीआरएस अन्तर्गत प्राप्त सन्दर्भों का समय से निस्तारण करें ताकि सन्दर्भ डिफाल्टर की श्रेणी में न जाने पाये। आईजीआरएस के सन्दर्भाे के निस्तारण में विभाग द्वारा की गयी कार्यवाही से सम्बन्धित फोटो ग्राफ्स, साक्ष्य व अन्य अवश्यक अभिलेख भी आख्या के साथ पोर्टल पर अपलोड किये जाय ताकि असंतुष्ट की स्थिति कम से कम रहे। सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान डीएम ने निर्देश दिया कि जिन विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रगति की रैकिंग बी,सी,डी श्रेणी की है ऐसे विभाग विशेष प्रयास कर रैकिंग में सुधार लाये। किसी भी दशा में प्रदेश के अन्य जनपदों की अपेक्षा जनपद की रैकिंग कम न होने पाये। सभी विभाग फीड किये गये विभागीय प्रगति को पुनः स्वयं परीक्षण कर आवश्यकतानुसार फीडिंग में सुधार लाये ताकि जिले की रैकिंग अच्छी हो सके। उन्होनें अधिकारियों को सुझाव दिया कि समय-समय पर प्रदेश के अन्य जनपदों के रैकिंग का अवलोकन कर विभागीय प्रगति में अपेक्षित सुधार लाया जाय। उन्होनें कहा कि यदि प्रगति के अनुसार डैश बोर्ड पर रैंक नहीं प्राप्त होता है तो अपने विभाग के सम्बन्धित अधिकारी से अवगत कराकर रैंक में अपेक्षित सुधार लाने का प्रयास करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रम्या आर., मुख्य राजस्व अधिकारी डॉ देवेन्द्र पाल सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच संजय कुमार, जिला विकास अधिकारी महेन्द्र कुमार पाण्डेय, पीडीडीआरडीए राज कुमार, उप निदेशक कृषि टी.पी. शाही सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।