: साइबर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
Tue, Jun 11, 2024
साइबर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
फर्जी प्रमाण पत्र वं बैंक खातों के माध्यम से करते थे लाखों की साइबर ठगी
साइबर ठगों के पास से दो अदद फर्जी राष्ट्रीय व्यवसाय प्रमाण पत्र, फ्राड में प्रयुक्त आधार कार्ड, एटीएम कार्ड व मोबाइल बरामद
बहराइच। फर्जी प्रमाण पत्र एवं बैंक खातों के माध्यम से साइबर की लाखों की ठगी करने वाले गैंग के 02 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए साइबर ठगो ंके विरूद्ध मुअसं.13/2024 धआरा 419, 420, 467, 468, 471आईपीसी व 66डी आईटी एक्ट के तहत साइबर क्राइम पुलिस थाना में अभियोग पंजीकृत किया गया। जनपद में बढ़ते हुए साइबर फ्रॉड की घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु पुलिस अधीक्षक द्वारा अपर पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण में व क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। गठित टीम को मंगलवार मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई थी कि साइबर ठगों के गैंग के 02 सक्रिय सदस्यों को बगिया घाट बहद ग्राम रायपुर थाना रामगांव पर पकड़ लिया गया। पूछताछ में साइबर ठगों ने अपना नाम नागेन्द्र पुत्र राम आशीष निवासी सहनेबाजपुर थाना रिसिया व आमिर शाह पुत्र जहीरूद्दीन शाह निवासी ग्राम भगवानपुर थाना रामगांव बताया। साइबर ठगों के पास से दो अदद फर्जी राष्ट्रीय व्यवसाय प्रमाण पत्र, फ्राड में प्रयुक्त आधार कार्ड, फ्राड में प्रयुक्त एटीएम कार्ड, फ्राड में प्रयुक्त मोबाइल बरामद किया गया। पूछताछ पर बताया गया कि इन लोगों नें फर्जी राष्ट्रीय व्यवसाय प्रमाण पत्र बनवा रखे थे। यह लोग ऐसे लोगों को चिन्हित करते थे जो कम जानकार है फिर भी जिनके मोबाइल नम्बर खाते से लिंक है ऐसे लोगों को यह लोग बहला फुसलाकर उनसे नजदीकी बढ़ाकर उनका एटीएम, आधार, पासबुक आदि ले लेते थे इसके बाद इन खातों में ऑनलाइन फ्रॉड के पैसे आने शुरू हो जाते थे। खाता मालिक को इस फ्रॉड की जानकारी तब होती थी जब उसका खाता फ्रीज हो जाता था या खाते में-46 लाख जैसे बड़ी धनराशि का लीन लग जाता था। प्रत्येक धोखाधड़ी के पैसे आने पर इन्हे कमीशन मिलता था। इनका काम ज्यादा से ज्यादा बैंक खाते दिलवाने का था। गिरफ्तारी टीम में साइबर क्राइम प्रभारी संतोष कुमार सिंह, मु.आ. अमित यादव आरक्षी प्रदीप गंगवार, आरक्षी रचित यादवेन्द्र, आरक्षी प्रदीप कुमार, आरक्षी राहुल यादव शामिल रहे।
: क्रांतिकारी पं. राम प्रसाद बिस्मिल का 127वां जन्म दिवस मनाया गया
Tue, Jun 11, 2024
सेनानी उत्तराधिकारियों ने उनके क्रांतिकारी विचारों और वर्तमान में उसकी उपयोगिता पर की चर्चा
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में स्वतंत्रता आन्दोलन के सबसे मशहूर एवं मजबूत क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल का 127वां जन्म दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में सेनानी उत्तराधिकारियों ने उनके क्रांतिकारी विचारों और वर्तमान में उसकी उपयोगिता पर चर्चा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि अमर शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिलएक अच्छे कवि थे। उनके नेतृत्व में काकोरी काण्ड जैसी अंग्रेजी हुकूमत को हिला देने वाली घटना सम्पादित हुई। उनके साथ अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह को फांसी दी गई। वें हिन्दी से ज्यादा उर्दू भाषा के ज्ञाता थे। वर्ष 1921 में उन्होंने ‘‘सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजूए कातिल में है‘‘ नामक देशभक्ति कविता लिखी। जिसे अपने साथियों के साथ मुकदमे के दौरान अदालत में सामूहिक रूप से गाकर उसे अत्यधिक लोकप्रिय बनाया। संगठन संरक्षक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की क्रांतिकारी विचारधारा के राम प्रसाद बिस्मिल प्रमुख सेनानी थे। वें मैनपुरी षड्यंत्र व काकोरी काण्ड सहित तमाम घटनाओं में शामिल थे तथा हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के सदस्य थे। वें क्रांतिकारियों में सबसे वरिष्ठ और उनके मार्गदर्शक थे। अधिवक्ता दिनेश मिश्र ने कहा कि उनके आर्य समाजी क्रांतिकारी भाई परमानन्द को अंग्रेजों द्वारा षड्यंत्र पूर्वक फांसी की सजा सुनाए जाने पर उनका खून खौल उठा। स्वामी सोमदेव उनके गुरु थे। उनकी माता जी का उनके लिए सबसे बड़ा आदेश यह था कि‘‘उनके द्वारा किसी के भी प्राणों की हानि न हो ‘‘कई बार इस प्रतिज्ञा के चलते उन्हें दुश्मनों को बिना हानि पहुंचाए छोड़ना पड़ा। अन्त में सेनानी उत्तराधिकारियों ने उनके जीवन से देश प्रेम की सीख लेकर देश सेवा के संकल्प के साथ कार्यक्रम समाप्त किया। कार्यक्रम में अधिवक्ता राम रूप मिश्र, विनय तिवारी, अवनींद्र पाण्डेय, लल्ला वर्मा, संजय कुमार मिश्र सहित तमाम देश भक्त मौजूद रहे।
: अवैध कपड़ो के साथ तीन नेपाली महिला तस्कर गिरफ्तार
Mon, Jun 10, 2024
नेपाली महिलाओं के पास से 1368 मीटर कपड़ा बरामद
भारत से नेपाल ले जा रही थी कपड़ा
रुपईडीहा, बहराइच। 42 वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत के निर्देशन में सीमा चौकी रुपईडीहा के जवानों द्वारा गश्त निकाली गई। गश्त के दौरान लगभग 11ः55 बजे सीमा स्तम्भ संख्या 651/02 से लगभग 80 मीटर भारतीय क्षेत्र में तीन महिला सामान के साथ भारत से नेपाल जाती हुई दिखाई दी। गश्ती दल को सकिय हरकत होने पर तीनो महिलाओं को रोका गया तथा पूछ ताछ किया गया। पूछताछ के दौरान नेपाली महिलाओं की पहचान सोरु थापा मगर उम्र 30 वर्ष पुत्री कुल बहादुर निवासी-कोलपुर, वार्ड नं.-11, जनपद-बांके, (नेपाल), सीता कुमारी विस्ट उम्र-42वर्ष पुत्री राम हरी विष्ट निवासी-कोलपुर, वार्ड नं.-11, जनपद-बांके, (नेपाल) व विष्णु सुनार, उम्र-50 वर्ष पुत्री गिरी सुनार कोलपुर, वार्ड नं.-12, जनपद-बांके (नेपाल) के रूप में की गई। गश्ती दल द्वारा संदिग्ध सामान होने के कारण सामान की जाँच कराने को कहा गया। जिस पर महिलाओ ने डरते हुए बताया कि इसमें कपडा का थान है जो 57 पीस कुल-1368 मीटर है। जो भारत से नेपाल में किसी दुकान में देना है। जिसके बदले हमें कुछ पैसे मिलने वाले हैं। जिससे हम लोग अपना जीवन यापन करते है। बरामद कपडे व तीनो महिलओं को सर्वोच्च न्यायलय व मानवाधिकार के निर्देशों का पालन करते हुए गिरफ्तार किया गया तथा सभी आवश्यक औपचारिकता विधिवत रूप से पूर्ण करने के उपरांत अग्रिम कार्यवाही हेतु थाना रुपईडीहा को सुपुर्द किया गया। गश्ती दल में एसएसबी के निरीक्षक सामान्य (महिला) अनीता कुमारी, मुख्य आरक्षी/सामान्य- धरमेंदर कुमार आरक्षी/सामान्य-कमलेश कुमार गोनेकर, आरक्षी/सामान्य (महिला) श्वेता जैसवाल, आरक्षी/चालक-सुरेश कुमार शामिल रहे।