: कार की आमने सामने भिड़न्त, चालक समेत पांच शिक्षिकाएं घायल
Sat, Oct 26, 2024
जरवलरोड, बहराइच। स्कूल जा रही शिक्षिकाओं से भरी अर्टिगा कार सामने से आ रही एक अन्य कार से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज हुई कि शिक्षिकाओं से भरी अर्टिगा कार सड़क किनारे गड्ढे में जाकर पलट गई। जिससे ड्राइवर समेत पांच शिक्षिकाएं घायल हो गई हैं। एक अध्यापिका की हालत गंभीर होने पर सीएचसी से मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया है। वही जानकारी मिलने पर तत्काल बीएसए ने सीएचसी पहुंचकर सभी अध्यापिकाओं का हाल-चाल जाना है। शनिवार सुबह लखनऊ से अर्टिगा कार के द्वारा जरवल के उच्च माध्यमिक विद्यालय तपेसिपाह में तैनात अध्यापिका समसा कमर 38, प्राथमिक विद्यालय घाघरा घाट में तैनात अध्यापिका सीमा तिवारी 39 व तूलिका श्रीवास्तव 36, उच्च माध्यमिक विद्यालय अटवा में तैनात अंजलि श्रीवास्तव 37 व प्राथमिक विद्यालय झुकिया में तैनात अध्यापिका अमृता टोडरिया 36 व कार ड्राइवर भारत कुमार पाण्डेय 52 के साथ जरवलरोड क्षेत्र में अपने-अपने स्कूल की तरफ आ रही थी। तभी जरवलरोड थाना क्षेत्र में घाघरा घाट रेलवे स्टेशन के करीब बहराइच की तरफ से आ रही एक अन्य कार से टक्कर हो गई। जिससे शिक्षिकाओं से भरी अर्टिगा कार पलटते हुए सड़क किनारे गड्ढे में जाकर पलट गई। जिससे ड्राइवर समेत पांचों शिक्षिकाएं घायल हो गई हैं। सूचना पर तत्काल उप निरीक्षक अमित गौड़, हेड कांस्टेबल धीरेंद्र यादव, कांस्टेबल सारांश ने मौके पर पहुंच कर प्राथमिक विद्यालय घाघरा घाट के प्रधानाध्यापक सुरेश सरोज के सहयोग से सभी घायलों को निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुस्तफाबाद में भर्ती कराया। सीएचसी मुस्तफाबाद से शिक्षिका समसा कमर की हालत गंभीर होने पर मेडिकल कालेज बहराइच रेफर किया गया। जबकि अन्य सभी को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। वहीं क्षेत्र भ्रमण पर निकले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने घटना की सूचना मिलते ही सीएचसी मुस्तफाबाद पहुंच कर सभी घायल अध्यापिकाओं का हाल-चाल जाना।
: जयती पर याद किए गए गणेश शंकर विद्यार्थी
Sat, Oct 26, 2024
स्वतंत्रता सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी की 134वीं जयंती मनाई गई
सेनानी उत्तराधिकारियों ने देश की आजादी के आंदोलन में विद्यार्थी के योगदान की चर्चा
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में महान स्वतंत्रता सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी की 134वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर सेनानी उत्तराधिकारियों ने देश की आजादी के आंदोलन में उनके व्यापक योगदान की चर्चा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी ने प्रताप के माध्यम से ब्रिटिश सरकार द्वारा शोषण और अन्याय के खिलाफ उठाई। उन्होंने पीड़ित किसानों, मिल मजदूरों और दलित गरीबों की पीड़ा को उजागर किया। विद्यार्थी जी ताउम्र अपनी लेखनी के जरिए लोगों को धार्मिक उन्माद के प्रति जागरूक करते रहे। स्वतंत्रता सेनानी भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव द्वारा भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने के दो दिन बाद 25 मार्च 1931 को कानपुर में दंगाई भीड़ द्वारा गणेश शंकर विद्यार्थी की हत्या कर दी गई। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष एवं संगठन संरक्षक अनिल त्रिपाठी ने बताया कि विद्यार्थी जी का जन्म उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में हुआ था। उन्होंने अपना कैरियर क्लर्क और शिक्षक के रूप में शुरू किया। लेकिन जल्द ही वह पत्रकारिता से जुड़े। विद्यार्थी जी ने अपने तीन साथी शिव नारायण मिश्र, नारायण प्रसाद अरोड़ा और यशोदानंदन के साथ मिलकर 9 नवम्बर 1913 को उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में प्रताप समाचारपत्र की नींव डाली थी। प्रारम्भिक समय से ही प्रताप का दफ्तर क्रांतिकारियों की शरण स्थली था। समाज सेवी पवन सिंह ने कहा कि 41 वर्ष की उम्र में दंगा रोकने के दौरान उनकी हत्या ने देश में हिन्दू मुस्लिम एकता को झकझोर कर रख दिया। उनकी मौत पर गांधी जी ने कहा था कि काश ऐसी मौत मुझे नसीब होती। अन्त में सेनानी उत्तराधिकारियों ने दंगा शान्त कराने के प्रयासों में अपने जीवन की आहूति देने वाले गणेश शंकर विद्यार्थी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि देकर कार्यक्रम समाप्त किया। कार्यक्रम में संगठन के महामंत्री राजू मिश्र उर्फ मुन्ना भैया, उपाध्यक्ष विशेश्वर नाथ अवस्थी, रवि जायसवाल, संगठन के अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ मुकेश श्रीवास्तव, सूफियान एडवोकेट सहित तमाम देश भक्त मौजूद रहे।
: बाइकों की आमने सामने भिड़न्त, एक की मौत दूसरा घायल
Sat, Oct 26, 2024
बहराइच। बाइकों की आपसी भिड़न्त में एक की मौत हो गई। जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद लखनऊ ट्रामा सेंटर रिफर कर दिया गया। ज्ञातव्य हो कि मझारा तौकली के मुखियापुरवा निवासी लालता प्रसाद यादव पुत्र संगम लाल 24 वर्ष अपनी बाइक से कैसरगंज जा रहे थे। तभी सामने से आ रहे गोड़हिया नं. 1 निवासी जितेन्द्र कुमार मिश्र पुत्र भानु प्रसाद 22 वर्ष से आमने सामने टक्कर हो गई। जिसमें लालता प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दूसरे बाइक सवार जितेन्द्र कुमार मिश्र गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए सीएचसी कैसरगंज में भर्ती कराया गया। जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने ट्रामा सेंटर लखनऊ रिफर कर दिया। प्रभारी निरीक्षक कैसरगंज राजनाथ सिंह ने बताया कि अभी किसी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जायेगा। मृतक के शव को पीएम के लिए भेज दिया गया है।
भाजयुमो द्वारा राम गोपाल मिश्र के परिवार को दी गई आर्थिक सहायता
बहराइच। महराजगंज गोलीकाण्ड में मारे गए राम गोपाल मिश्र के परिजनों को भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा आर्थिक सहायता दी गई है। भाजपा जिला कार्यालय पर युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रान्सूदत्त द्विवेदी द्वारा परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की तथा परिवार को दो लाख ग्यारह हजार रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। उन्हांेंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पीड़ित परिवार के सुख दुख में सदैव खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी। इस दौरान महसी विधायक सुरेश्वर सिंह, जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय, जिला मंत्री जितेन्द्र त्रिपाठी, गौरव वर्मा सहित तमाम अन्य भाजपाई मौजूद रहे।
महराजगंज गोलीकाण्ड के मुख्य आरोपी अब्दुल हमीद के परिवारिक लाइसेंस होगे निरस्त
जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई जांच
बहराइच। बीते दिनों महराजगंज कस्बे में गोलीकाण्ड में मारे गए राम गोपाल मिश्र के हत्याकाण्ड के मुख्य आरोपी अब्दुल हमीद के परिवारिक सदस्यों के लाइसेंसी असलहों पर जिला प्रशासन की भृकुटि तन गई है। जिला प्रशासन द्वारा अब्दुल हमीद के परिवारों के लोगों को जारी शस्त्र लाइसेंसों की जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब्दुल हमीद के परिवार के पास चार लाइसेंसी असलहें है। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया कि अब्दुल हमीद के परिवार के सदस्यों को जारी लाइसेंसी असलहों के संबंध में विस्तृत रिपोट मांगी गई है। साथ ही अन्य मामले पर भी जांच की जा रही है। जिसमें समय से एम्बुलेंस न पहुंचने की बात भी कही गई थी। प्रशासन द्वारा यह भी जांच की जा रही है कि अब्दुल हमीद के परिवार में कब और किसने लाइसेंस जारी किए थे। ज्ञातव्य हो कि बीते 13 अक्टूबर को मूर्ति विसर्जन के बाद रामगोपाल की हत्या के बाद महराजगंज में दूसरे दिन साम्प्रदायिक हिंसा हुई थी। अब वहां की स्थिति सामान्य हो गई है। अभी भी वहां एहतियात के चलते पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। हालांकि दुकाने खुलने लगी है। आम लोगों की दिनचर्या पटरी पर लौटने लगी है।
हत्या कर छात्रा का फेंका शव, पुलिस ने शुरू की जांच
बहराइच। बीते दो दिनों से लापता एक छात्रा का शव नहर में पड़ा पाया गया। जिसके बाद हड़कम्प मच गया। छात्रा कक्षा 8 की छात्र थी। दो दिन पूर्व वह घास काटने गई थी। जिसके बाद वह घर नहंी लौटी। पिता द्वारा हत्या का आरोप लगाये जाने के बाद फोरेसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। गौरतलब हो कि थाना रूपईडीहा अन्तर्गत भगवानपुर निवासी 14 वर्षीय छात्रा गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय की छात्रा थी। दो दिन पूर्व वह घास काटने गई थी। जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिवार को उसका शव नहर में पड़ा पाया गया। बालिका के पिता दिल्ली में नौकरी करते है। प्रभारी निरीक्षक रूपईडीहा शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि पहले से ही बालिका की गुमशुदगी का केस दर्ज है। पीएम रिपोट के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।