बहराइच।
श्रावण मास के पहले सोमवार पर शिवभक्तों में उमड़ा भक्ति और श्रद्धा का सैलाब हिलोरे लेकर चरम पर पहुंच चुका है। पहले सोमवार पर शिवमंदिरों में जलाभिषेक के लिए जहां कांवरियों के जत्थे तड़के ही हर-हर, बम-बम, हर-हर महादेव और ऊं नमःशिवाय तथा शिव भक्ति गीतों की धुनों पर बैण्ड बाजों के साथ नाचते, झूमते, गाते हाथों में कमण्डल लिए भगवा वेश धारण किये पूरे रौ में दिखे वहीं शिवभक्त श्रद्धालुओं के काफिले भी जय-जय शिव शंकर कांटा लगे न कंकड़ तथा शिव चालीसा व हर-हर महादेव के जयघोष करते हुए शिवालयों और ऐतिहासिक शिवलिंगों पर रूद्राभिषेक के लिए दुग्ध, घृत, दधि, गंगाजल, बेलपत्र, भांग, धतूरा तथा कमल, मधु के साथ रूद्राभिषेक करते देखे गए। नेपाल सीमा से सटे जनपद में ऐतिहासिक शिवलिंग विभिन्न क्षेत्रों में चहुंओर स्थित प्रचलित और चर्चित है और पड़ोसी जनपद गोण्डा, बाराबंकी में भी शिवलिंगों की कमी नहीं है। जहां श्रावस्ती में विभूतिनाथ, गोण्डा सीमा में पृथ्वीनाथ, बाराबंकी सीमा में महादेवा मंदिर तथा नेपाल के काठमाण्डों स्थित पशुपतिनाथ जाने के लिए भक्तों का काफिला जिला मुख्यालय होते हुए पहुंचा। जिले में स्थित पाण्डवकालीन जंगलीनाथ मंदिर मटेरा, मंगलीनाथ मंदिर नवाबगंज, सागरनाथ मंदिर राजा रेहुआ, पारसनाथ मंदिर बभनौटी, भोलेशंकर मंदिर महसी, भंगड़नाथ मंदिर रेहुआ मंसूर, बुढऊ बाबा मंदिर किसानगंज, नगर स्थित सिद्धनाथ मंदिर जैसे दर्जनों ऐतिहासिक शिवलिंगों पर प्राचीनकाले से ही भक्तों का जमावड़ा लगता रहा। चाहे कजली तृतीया का पर्व हो या सोमवती अमावस्या, चाहे शिवरात्रि या पुरूपोत्तम मास या श्रावणमास का अवसर हो हर सोमवार को इन मंदिरों पर श्रद्धालुओं की कतार पूरा दिन जलाभिषेक के लिए पंक्तिवद्ध रहती है। द्वादश ज्योर्तिलिंग की स्थापना का दावा करने वाले हैदर सिसई स्थित द्वारिकाधीश मंदिर हाल ही में बारहो ज्योर्तिलिंगों की अलग-अलग प्रतिमा पर जलाभिषेक शुरू हो चुका है। श्रद्धालुओं के आने जाने तथा जलाभिषेक व रूकने तथा पूजन-अर्चन, जाप, पाठ, आरती, भजन, कीर्तन, कथा, पुराण आयोजन भी गाजे बाजे और ढोल नगाड़ों तथा शंख, मृदंग, झांझ, मंजीरा के साथ पूरा माहौल भक्तिमय रहा। इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं द्वारा नवान्ह पारायण और मास पारायण पाठों का आयोजन किया गया है जो माह भर चलता रहेगा। मंदिर मंे लगे संगमरमर के शिलालेखों पर वर्णित शिवताण्डव स्त्रोत, शिव मानस पूजा, शिव महिमा स्तुति, रूद्राष्टक, दारिद्रदहन स्त्रोत, शिव सहस्त्रनाम, शिव चालीसा, शिवाष्टक, द्वादश ज्योर्तिलिंग स्त्रोत, महामृत्यंुजय स्त्रोत और पशुपति की उपासना के मंत्रों से मंदिरों को एक बार सुसज्जित किया गया है। शिवलिंगों के चारों और परिक्रमा में उमड़े भक्तों का ताता थमने का नाम नहीं ले रहा है। सबके सिर माथे पर चंदन, तिलक और जटाजूजट तथा त्रिपुण्ड और हाथों में त्रिशूल से चौतरफा भोले के रूपों में उमड़े कावंरियें शिव बारात की तरह विभिन्न रूपों में अपने आप को सुसज्जित किये नजर आए। क्षेत्रीय थानों की पुलिस व मंदिरों के पुजारियों तथा संरक्षकों व समिति पदाधिकारियों द्वारा भक्तों को कोई असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
श्रावण माह के प्रथम सोमवार को भ्रमणशील रहे डीएम व एसपी
पौराणिक सिद्धनाथ मन्दिर पहुंचकर विधि-विधान के साथ किया जलाभिषेक
बहराइच। श्रावण के प्रथम सोमवार के अवसर पर कानून एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखने के दृष्टिगत जिलाधिकारी मोनिका रानी व पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह तथा जिले के अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी निरन्तर भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं का जायज़ा लेते रहे। नगर क्षेत्र के भ्रमण के दौरान डीएम व एसपी ने पौराणिक सिद्धनाथ मन्दिर पहुंचकर महामण्डलेश्वर रवि गिरि महाराज के नेतृत्व में जलाभिषेक कर विधिवत पूजा अर्चना भी की। डीएम ने बताया कि श्रावण के दृष्टिगत जिले के शिवालयों एवं घाटों पर साफ-सफाई एवं सुरक्षा के माकूल बन्दोबस्त किये गये है। इस अवसर पर डीएम व एसपी ने जनपदवासियों को पवित्र श्रावण मास की बधाई दी है।