: मुनाफा दिलवाकर जालसाजों ने झांसे में लिया बैंकमित्र को, ठगे 15.96 लाख
Tue, Aug 22, 2023
अज्ञात के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज
बहराइच। कोतवाली कैसरगंज अन्तर्गत गोडहिया नंबर एक गांव निवासी बैंक मित्र को जालसाजों ने दो दिन में 999 और तीन हजार रूपये का मुनाफा दिलवाकर झांसे में लिया। जिसके बाद खाते में 15.96 लाख रूपये डलवा लिया। इसके बाद नंबर बंद हो गया। पीड़ित ने कोतवाली में अज्ञात जालसाज के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। कैसरगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत गोडहिया नंबर एक के मजरा बभनपुरवा गांव निवासी अरविंद कुमार शर्मा पुत्र बृजेंद्र कुमार बैंक मित्र हैं। वह इंडियन बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र गांव में ही चलाते हैं। कोतवाली में तहरीर देकर अरविंद ने कहा है कि उनके नंबर पर एक व्यक्ति ने फोन कर रोजगार देने का झांसा दिया। जिस पर उन्हें घर बैठे पहले दिन 999 रूपये और दूसरे दिन तीन हजार रूपये उनके खाते में भेजे गए। इसके बाद उनका खाता बंद होने और धन कई गुना करने के लालच में 2.32 लाख जमा करने पर तीन लाख मिलने का लालच दिया गया। जिस पर उन्होंने अगस्त माह के पहले सप्ताह में 15.96 लाख रूपये संबंधित के खाते में जमा कर दिया। इसके बाद न फोन आया और न ही मोबाइल खुला। काफी प्रयास के बाद बैंक मित्र ने सोमवार को कोतवाली में तहरीर दी। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को जनता दर्शन में प्रार्थना पत्र देकर अपनी पूरी कहानी बताई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लोगों को जागरूक होने की जरूरत है कि किसी दूसरे के साथ ऐसी घटना ना हो। पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह ने मामले को संज्ञान लेकर तुरंत कार्रवाई कर अज्ञात के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। बैंक मित्र ने बताया कि उसने चार लोगों से उधार रूपये लेकर भी जमा किया, वह भी चला गया।
: दो बोरी सुपारी के साथ तस्कर गिरफ्तार
Tue, Aug 22, 2023
रूपईडीहा, बहराइच। 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के सीमा चौकी निविया द्वारा सोमवार को उप कमांडेंट अनिल कुमार यादव के निर्देशन में नियमित गश्ती के दौरान सीमा स्तम्भ संख्या 650/26 के समीप 50 मीटर भारत की ओर एक युवक नेपाल से भारत की तरफ साइकिल पर दो प्लास्टिक की भरी बोरी लादकर नेपाल से आते हुए दिखाई दिया। अचानक गश्ती दल को देखते ही युवक डर से साइकिल छोड़ कर भागने लगा। परन्तु गश्ती दल द्वारा युवक को पकड़ लिए गया।युवक से भागने का कारण और नाम पता पूछा गया। पूछताछ के दौरान युवक ने अपना नाम इरसाद राई पुत्र सज्जत राई निवासी जमुनहा रुपईडीहा बताया। तलासी के दौरान युवक ने बताया की दोनों बोरियो में 70 किलो सुपारी है। जो नेपाल से भारत, रुपईडीहा में किसी अंजान व्यापारी को देने जा रहा था। जिसके बदले कुछ अधिक पैसे मिलने वाले हैं। बरामद 70 किलो सुपारी, एक साइकिल तथा अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। सभी आवश्यक औपचारिकता विधिवत रूप से पूर्ण करने के उपरांत कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क कार्यालय रूपईडीहा के सुपुर्द किया गया।
: हर्षोल्लास के साथ मनाई गई नाग पंचमी, हुआ नाग देवता का पूजन
Mon, Aug 21, 2023
सर्पदेवता को दूध व चना चढ़ाकर मनाया गया पर्व
बहराइच। जनपद में नाग पंचमी का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। क्षेत्रीय भाषा में गुडिया कहे जाने वाले इस त्यौहार का हिन्दुओं में विशेष महत्व है। परम्परा के अनुसार इस दिन लड़कियां अपने ससुराल से मायके आती है। आज के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। वहीं बच्चों में इस त्यौहार को लेकर काफी उल्लास रहता है। आज के दिन शाम के समय घर की लड़कियां एक निश्चित स्थान पर कपड़े की गुडिया बनाकर डालती है। जिसे लड़के पीटते है। नाग पंचमी का त्यौहार यू ंतो हर वर्ष देश के विभिन्न भागों में मनाया जाता है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इसे मनाने का ढग कुछ अनूठा है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को इस त्यौहार पर गांवों में गुड़िया पीटने की अनोखी परम्परा है। नाग पंचमी पर महिलाएं घर के पुराने कपड़ों से गुड़िया बनाकर चौराहे पर डालती है और बच्चे उन्हें कोड़ों और डण्डों से पीटकर खुश होते है। इस दिन लोग अपने घरों की दीवारों पर नागों और सांपों की आकृति बनाकर उनकी पूजा करते है। नाग का दर्शन करना इस दिन शुभ मना जाता है। सपेरे नाग लेकर घर-घर जाते है और लोगों को उनके दर्शन करवाकर अच्छी खासी आमदनी करते है। हालांकि कुछ महिला संगठन द्वारा गुड़िया पीटने का विरोध किया जा रहा है। लेकिन गांवों में अभी भी यह प्रथा चालू है। शास़्त्रों के अनुसार इस परम्परा की शुरूआत के बारे में एक कथा प्रचलित है। तक्षक नाग के काटने से राजा परीक्षित की मौत हो गई थी। समय बीतने पर तक्षक की चौथी पीढ़ी की कन्या राजा परीक्षित की चौथी पीढ़ी में व्याही गई। उस कन्या ने ससुराल में एक महिला को यह रहस्य बताकर उससे इस बारे में किसी को भी नहीं बताने के लिए कहा गया। लेकिन उस महिला ने दूसरी महिला को यह बात बता दी और उसने भी उससे यह राज किसी से नहीं बताने के लिए कहा। लेकिन धीरे-धीरे यह बात पूरे नगर में फैल गई। तक्षक के तत्कालीन राजा ने इस रहस्य को उजागर करने पर नगर की सभी लड़कियों को चौराहे पर इक्ट्ठा करके कोड़ों से पिटवा कर मरवा दिया। तभी से नागपंचमी पर गुड़िया पीटने की परम्परा है।