: डीएम ने 50 बेडेड मेटरनिटी विंग कैसरगंज का किया निरीक्षण
Mon, Nov 6, 2023
बहराइच। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने 50 बेडेड मेटरनिटी विंग कैसरगंज का निरीक्षण कर चिकित्सकों व पैरा मेडिकल स्टाफ की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, भवन व परिसर की साफ-सफाई, कोल्ड चेन व्यवस्था, पेयजल तथा शौचालयों की व्यवस्था, ओ.पी.डी., ओ.टी., वार्ड, औषधि वितरण काउण्टर, प्रसव कक्ष, टेक्निशियन कक्ष इत्यादि का निरीक्षण कर मौके पर मौजूद चिकित्सकों तथा रोगियों एवं उनके तीमारदारों से आवश्यक जारी प्राप्त की। मेटरनिटी विंग की साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक न पाये जाने पर डीएम ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एन.के. सिंह को निर्देश दिया कि सफाई कर्मियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि चिकित्सालय में आने वाले मरीज़ों को शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुरूप चिकित्सकीय सेवाएं एवं सुविधा उपलब्ध करायी जाय। चिकित्सालय में स्वच्छता को बनाये रखें तथा मरीज़ों को नियमानुसार गुणवत्तायुक्त भोजन समय से उपलब्ध कराया जाय। प्रभारी चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टाफ समय से उपस्थित रहकर आने वाले मरीज़ों को उचित उपचार एवं परामर्श उपलब्ध करायें। मरीज़ों को बाहर की दवा न लिखी जाय। प्रभारी चिकित्साधिकारी को निर्देश सभी चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टाफ स्थानीय स्तर पर निवास करें। चिकित्सालय में दवाओं इत्यादि की उपलब्धता बनाई रखी जाय। पैथालॉजी तथा ब्लड बैंक का संचालन निर्धारित मानक के अनुसार किया जाय। चिकित्सालय में आने वाले मरीज़ों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। डीएम ने कहा कि प्रसव के उपरान्त धात्री माता को निर्धारित समय तक चिकित्सालय में रोका जाय इस दौरान उन्हें निर्धारित मेन्यू के अनुसार नाश्ता व भोजन उपलब्ध कराया जाय।
: कैम्प आयोजित कर यातायात नियमों के प्रति किया गया जागरूक
Mon, Nov 6, 2023
बहराइच। यातायात माह के अन्तर्गत पुलिस अधीक्षक प्रशान्त वर्मा के निर्देशन में व अपर पुलिस अधीक्षक नगर/यातायात के पर्यवेक्षण में रविवार को यातायात पुलिस द्वारा नानपारा बस स्टैंड पर कैम्प आयोजित कर वाहन चालकों को यातायात संकेतों, नियमों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जनपद में आम जनमानस को यातायात नियमों के प्रति जागरुक किये जाने के सम्बन्ध में विभिन्न स्थानों पर होर्डिंग, बैनर लगवाये गये। आम जनमानस को गोष्ठियाँ आयोजित कर यातायात नियमों के प्रति जागरुक किया गया। शीत ऋतु में ट्रैक्टर-ट्रालियों से घटित होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाये जाने हेतु ट्रैक्टर-ट्रालियों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप चिपकाया गया। रात्रि में भारी वाहनो के सड़क किनारे खड़े होने से घटित होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाये जाने हेतु हाइवे किनारे खड़े वाहनों को हटवाया गया। यातायात नियमों का उल्लंघन कर वाहन संचालन करने वाले कुल 148 वाहनों से कुल 198500 रूपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
: समय रहते पहचाने डेंगू के सामान्य और गंभीर लक्षण: सीएमओ
Mon, Nov 6, 2023
खुद से नहीं चिकित्सक की सलाह से कराएं इलाज
बहराइच । डेंगू सामान्य और गंभीर दो प्रकार का होता है। बीमारी के शुरुआती तीन से चार दिन के अंदर सामान्य और गंभीर डेंगू में अंतर नहीं किया जा सकता। बीमारी के तीन से पांच दिन बाद जैसे ही मरीज का बुखार कम या ख़त्म होता है उसी समय बीमारी की गंभीरता शुरू हो जाती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीश कुमार सिंह ने बताया इस समय के कुछ लक्षणों को ध्यानपूर्वक देखा जाय और समय रहते गंभीर डेंगू को पहचान कर उचित इलाज किया जाय तो खतरा टल जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रैपिड टेस्ट में पाये गए 31 संभावित डेंगू मरीजों का इलाज चल रहा है तथा 88 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जांच रिपोर्ट के अनुसार सभी को समुचित इलाज मुहैया कराया जाएगा।
उन्होनें डेंगू के गंभीर लक्षण के बारे में बताया कि शुरुआती खतरे के संकेतों में बेड से उठकर जाते समय आंखों के आगे अंधेरा छा जाना, जो मुख्य रूप से बीपी कम होने से होता है। इसके अलावा अन्य संकेत जैसे पेट में दर्द, यूरिन बहुत कम होना, बार-बार उल्टी होना, खड़े न हो पाना यह सभी डेंगू के गंभीर संकेत हैं। ऐसे में डेंगू मरीज को केवल चिकित्सक की देख रेख में ही इलाज लेना चाहिए। डेंगू के सामान्य लक्षणों में सिद दर्द, मिचली होना, उल्टी होना, मांसपेशियों, हड्डीयों और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों में सूजन व त्वचा पर लाल चकत्ते का संकेताक भी डेंगू लक्षण के प्रतीक है।
संचारी रोग के नोडल डॉ संजय सोलंकी ने बताया कि इस समय होने वाले बुखार में केवल चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही दवाओं का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा बुखार उतारने के लिए पूरे शरीर को सामान्य पानी से बार-बार पोछना चाहिए क्योंकि केवल सिर पर पट्टी लगाने से बुखार नहीं उतरेगा। उन्होंने बताया कि डेंगू मरीज को एसक्लोपैरा, इयूजेसिक या बूफेन जैसी दवाइयों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। इस दौरान पेय तरल पदार्थ का अधिक उपयोग करना चाहिए। डेंगू से बचाव के लिए सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें व मच्छरों के काटने से बचे, सप्ताह में एक बार कूलर को रगड़ कर साफ करें व सुखाने के उपरान्त फिर से उपयोग में लाएं, छत पर पानी की टंकी का ढक्कन खुला न रखें, समय-समय पर टंकी की सफाई का ध्यान रखें। घरों की छतों आस-पास टूटे फूटे बर्तन, खिलौने, प्लास्टिक कन्टेनर आदि को नष्ट कर दें या उनमें जमा पानी को निकाल दें। डेंगू का मच्छर अधिकतर दिन के समय ही काटता है इसलिए पूरी आस्तीन का कपड़ा (फुल शर्ट, फुल पैन्ट व जूता-मोजा) पहनें। इसके साथ-साथ डेंगू की जांच व इलाज सभी सरकारी चिकित्सालयों में मुफ्त उपलब्ध है अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य कर्मी/स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क करें।