: डीएम के निर्देश पर इंचार्ज प्रधानाध्यापक को मिली प्रतिकूल प्रविष्टि
Thu, Aug 1, 2024
मंगलवार को डीएम ने किया था विद्यालय का निरीक्षण
बहराइच। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षण कार्य की गुणवत्ता, शिक्षक-शिक्षिकाओं व छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क पुस्तक एवं ड्रेस वितरण, आधार फीडिंग, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई इत्यादि का जायज़ा लेने के उद्देश्य से बीते मंगलवार को जिलाधिकारी मोनिका रानी द्वारा पीएमश्री उच्च प्राथमिक विद्यालय गम्भीरवा का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं दुरूस्त न पाये जाने पर डीएम के निर्देश पर अपने पदीय उत्तरदायित्वों के प्रति उदासीन पाये जाने तथा शासकीय कार्यों में उदासीनता बरतने पर प्रभारी प्रधानाध्यापक रजनीश कुमार पाठक को प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान की गई है।
: सीएम डैशबोर्ड पर डाटा फीडिंग कार्य को अद्यतन रखें विभाग: डीएम
Thu, Aug 1, 2024
बहराइच। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड व आई.जी.आर.एस. सन्दर्भों की समीक्षा हेतु मंगलवार को देरशाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मोनिका रानी की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई। डीएम ने ऊर्जा, नेडा, कृषि, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, माध्यमिक व बेसिक शिक्षा, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास, मनरेगा, ग्रामीण अभियन्त्रण, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, दुग्ध विकास, सभी प्रकार की पेंशन, शोसल सेक्टर, सहकारिता, सिंचाई, उद्योग, गन्ना, श्रम, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राज्य कर, जल निगम, पंचायती राज, वन विभाग, पशुपालन, मत्स्य, आईसीडीएस एवं राजस्व इत्यादि विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि जिम्मेदार अधिकारी स्वयं अपनी देख-रेख में फीडिंग कार्य सम्पन्न करायें। जिन विभागों की प्रगति ‘ए’ श्रेणी से निम्न है उनके द्वारा प्रगति में सुधार के लिए प्रयास किया जाय। डीएम ने यह भी कहा कि जिन विभागों की श्रेणी ’ए’ है, ऐसे विभाग ‘ए’ प्लस श्रेणी में आने का प्रयास करें और ‘ए’ प्लस वाले यथास्थिति को बनाये रखें। आईजीआरएस सन्दर्भों के निस्तारण के दौरान डीएम ने निर्देश दिया कि डिफाल्टर व असंतुष्टि पर विशेष ध्यान दिया जाय। शिकायतों का निस्तारण इस तरह से किया जाय कि असंतुष्ट श्रेणी के सन्दर्भों की संख्या न्यून से न्यूनतम रहे। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आईजीआरएस अन्तर्गत प्राप्त होने वाले सन्दर्भ को समयबद्धता के साथ निस्तारित करें जिससे कोई भी प्रकरण डिफाल्टर की श्रेणी में न रहे। सन्दर्भों का निस्तारण करते समय सम्बन्धित शासनादेश का अनुपालन भी किया जाय। टोल फ्री नम्बर 1076 से प्राप्त सन्दर्भों के निस्तारण की समीक्षा में पाया गया कि इनमें असंतुष्टि की संख्या अधिक है। सभी अधिकारी 1076 से प्राप्त होने वाले सन्दर्भों के निस्तारण को गम्भीरता से लें और गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित कराएं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डे-बाई-डे फील्ड विज़िट कर विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन का जायज़ा लेने के साथ-साथ विभिन्न स्तर से प्राप्त होने वाले प्रार्थना-पत्रों के निस्तारण की गुणवत्ता को भी परखें। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के लिए नामित नोडल अधिकारियों को डीएम ने निर्देश दिया कि निरीक्षण कर जहां पर जैसी भी स्थिति हो आख्या उपलब्ध कराएं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अन्तर्गत विभिन्न शाखाओं पर लम्बित प्रार्थना-पत्रों के निस्तारण के लिए सीडीओ के माध्यम से बैंक प्रबन्धकों के साथ बैठक कराएं। इन बैठकों में विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों को भी आमंत्रित किया जाय। विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बिजली आपूर्ति के कारण कहीं पर भी कानून व्यवस्था की समस्या नहीं उत्पन्न होनी चाहिए। स्थानीय फाल्ट को समय से ठीक किया जाय। यदि किसी जगह पर शटडाउन लेना हो तो पहले से लोगों को अवश्य सूचित किया जाय। आवासरय योजना की समीक्षा के दौरान डीएम ने पीडी डीआरडीए को निर्देश दिया गया कि बाढ़ व कटान प्रभावित लोगों को मुख्यमंत्री आवास योजना में वरीयता प्रदान की जाय। आवास आवंटन के लिए तैयार सूची पर सम्बन्धित तहसीलदार के हस्ताक्षर भी कराये जायें। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस व सीटी सेवाओं को क्रियाशील रखने हेतु मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रभावी पर्यवेक्षण करते रहने के निर्देश दिये गये। ग्राम्य विकास विभाग को निर्देश दिया कि फीडिंग कार्य पर विशेष ध्यान दें ताकि जनपद की रैंकिंग टाप फाइव आ सके। डीएम ने सीडीओ, सीएमओ व डीपीआरओ को निर्देश दिया कि विगत 02 वर्षों में जारी हुए जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्रों का लेखपालों एवं ग्राम सचिवों के माध्यम सत्यापन करा कर 15 दिवस में ग्रामवार समीक्षा भी करें। सीडीओ को निर्देश दिया गया कि बीडीओ एवं एडीओ पंचायत के माध्यम से सैम व मैम बच्चों तथा टीकाकरण कार्य का रैण्डमली सत्यापन कराया जाय। एसडीएम को निर्देश दिया गया कि तहसील अन्तर्गत स्थापित कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर कार्मिकों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करायी जाय। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रम्या आर, मुख्य राजस्व अधिकारी देवेन्द्र पाल सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार शर्मा, उप जिलाधिकारी सदर राकेश कुमार मौर्या, नानपारा के अश्वनी पाण्डेय, कैसरगंज के पंकज दीक्षित, पयागपुर के दिनेश कुमार, मोतीपुर के संजय कुमार, जिला विकास अधिकारी राज कुमार, पीडी डीआरडीए अरूण कुमार सिंह, उप निदेशक कृषि टी.पी. शाही सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।
: नाबालिग बालिका से सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपियों को 20 वर्ष की सजा
Wed, Jul 31, 2024
बहराइच। नाबालिग को बहला फुसलाकर भगा ले जाने व उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के तीन आरोपियों को न्यायालय द्वारा 20 वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए 80 हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न अदा करने की स्थिति में सात माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। मामला बीते 22 अक्टूबर 2017 का है। थाना कैसरगंज के एक गांव निवासिनी महिला द्वारा गांव के गुड्डू सिंह उर्फ संजय सिंह, गजेन्द्र सिंह व शक्ति सिंह के विरूद्ध अपनी नाबालिग बालिका को भगा ले जाने का मामला पंजीकृत कराया गया था। विवेचना उपरान्त मुकदमें में धारा 376डी व 3/4 पाक्सो एक्ट की बढ़ोत्तरी करते हुए 14 अगस्त 2018 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। मामला न्यायालय पास्को एक्ट दीपकांत मणि की अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने बचाव पक्ष व आरोपी पक्ष की बहस सुनने के बाद गुड्डू उर्फ संजय सिंह पुत्र सुरेश सिंह, शक्ति सिंह उर्फ कौशलेन्द्र प्रताप सिंह पुत्र पवन कुमार सिंह व गजेन्द्र सिंह पुत्र दिलीप सिंह निवासीगण सरैया बगिया रसूलाबाद कोतवाली कैसरगंज को 20 वर्ष की सजा सुनाई गई है। वहीं एक अन्य अभियुक्त अरविन्द सिंह पुत्र दिलीप सिंह निवासी उपरोक्त को एक वर्ष की सजा व पांच हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं एनडीपीएस एक्ट के एक आरोपी आसिफ उर्फ मोघे निवासी तकिया थाना जरवलरोड को न्यायालय एसएसजे चतुर्थ एनडीपीएस एक्ट की अदालत द्वारा दोषी मानते हुए आठ माह का कठोर कारावास व दस हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया है।