: महसी क्षेत्र के 03 धान क्रय केन्द्रों को डीएम ने किया औचक निरीक्षण
Tue, Nov 7, 2023
बहराइच। खरीफ विपणन वर्ष में मूल्य समर्थन योजना अन्तर्गत संचालित धान क्रय का जायज़ा लेने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मोनिका रानी ने तहसील महसी अन्तर्गत धान क्रय एजेन्सी यू.पी.एस.एस., पी.सी.यू. एवं पी.सी.एफ. के 01-01 धान क्रय केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। डीएम ने क्रय केन्द्रों पर खरीद के लिए ज़रूरी संसाधनों, बोरों की उपलब्धता, धान की आवक, भुगतान तथा कृषकों की सुविधा हेतु की गई व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने क्रय एजेन्सी यू.पी.एस.एस. के धान क्रय केन्द्र ललईबाग के निरीक्षण के दौरान क्रय केन्द्र पर ग्राम रमवापुर के कृषक पवन कुमार के धान की खरीद की जा रही थी। केन्द्र प्रभारी अमरिका प्रसाद ने बताया कि क्रय केन्द्र पर आने वाले यह पहले कृषक हैं। इनकी उपज लगभग 50 कुन्तल है। केन्द्र प्रभारी ने यह भी बताया कि उनके द्वारा क्षेत्र के लगभग 20 कृषकों से वार्ता की गई है। क्रय एजेन्सी पी.सी.यू. के धान क्रय केन्द्र गोपचन्दपुर के निरीक्षण के दौरान ग्राम गोपचन्दपुर के कृषक विक्रम प्रसाद द्वारा लाये गये लगभग 75 कुण्टल धान की खरीद की जा रही थी। केन्द्र प्रभारी अमरचन्द बाजपेई ने बताया कि इससे पूर्व ग्राम वीर सहायपुर के कृषक श्यामरंग से 19.70 कुण्टल धान की खरीद की गई है। श्री बाजपेई ने बताया कि क्षेत्र के लगभग 15 कृषकों से वार्ता की गई है। पी.सी.एफ. के धान क्रय केन्द्र उमरी दहलो के निरीक्षण के समय ग्राम चन्दनापुर सिकड़िहा के किसान जगदीश प्रसाद जायसवाल द्वारा क्रय केन्द्र पर लाये गये लगभग 73 कुण्टल धान की खरीद हो रही थी। केन्द्र प्रभारी योगेश कुमार यादव ने बताया कि क्रय केन्द्र पर आने वाले श्री जायसवाल प्रथम कृषक हैं। क्रय केन्द्र प्रभारी ने डीएम को बताया कि क्षेत्र के लगभग 20 कृषकों से वार्ता की गई है। डीएम मोनिका रानी ने क्रय केन्द्र प्रभारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र के कृषकों के साथ निरन्तर सम्पर्क बनाये रखें ताकि अधिक से अधिक धान की खरीद की जा सके। सभी क्रय केन्द्र धान खरीद हेतु शासन द्वारा भुगतान के सम्बन्ध में जारी 48 घण्टे की गाइडलाइन का कड़ाई के साथ अनुपालन करें। डीएम ने सचेत किया कि किसी भी क्रय केन्द्र पर किसानों का शोषण जैसी शिकायत के संज्ञान में आने पर क्रय केन्द्र प्रभारी के साथ-साथ जनपद के प्रभारी अधिकारी के विरूद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी।
: महिलाओं को किया गया जागरूक
Tue, Nov 7, 2023
बहराइच। थानाध्यक्ष बौंडी व दीदी शक्ति अभियान द्वारा थाना बौंडी मे मंगलवार को एंटीरोमियो के तहत उच्चाधिकारियो द्वारा दिए गए आदेशों, निर्देशो के क्रम मे महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्यायो को मद्देनजर रखते हुए महिलाओ पर हो रहे अपराध के प्रति उन्हें जागरूक किया गया। महिला संबंधित घटित अपराध की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1090, 1098, 1076, 112, 181, 108 व साइबर संबंधित अपराध शिकायत के लिए टोल फ्री नं. 1930 व सरकारी योजनाये (कन्या सुमंगला योजना, मातृ वंदना योजना, बृद्धा पेंशन योजना की जानकारी दी गई। महिलाओं से उनकी समस्याओ के बारे में पूछते हुए जानकारी दी गई व यातायात माह नवम्बर के दृष्टिगत यातायात नियमों के बारे जानकारी व यातायत संबंधी नियमों के पालन करने हेतु सुझाव दिए गए।
: समय रहते पहचाने डेंगू के सामान्य और गंभीर लक्षण: सीएमओ
Mon, Nov 6, 2023
खुद से नहीं चिकित्सक की सलाह से कराएं इलाज
बहराइच। डेंगू सामान्य और गंभीर दो प्रकार का होता है। बीमारी के शुरुआती तीन से चार दिन के अंदर सामान्य और गंभीर डेंगू में अंतर नहीं किया जा सकता। बीमारी के तीन से पांच दिन बाद जैसे ही मरीज का बुखार कम या ख़त्म होता है उसी समय बीमारी की गंभीरता शुरू हो जाती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीश कुमार सिंह ने बताया इस समय के कुछ लक्षणों को ध्यानपूर्वक देखा जाय और समय रहते गंभीर डेंगू को पहचान कर उचित इलाज किया जाय तो खतरा टल जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रैपिड टेस्ट में पाये गए 31 संभावित डेंगू मरीजों का इलाज चल रहा है तथा 88 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जांच रिपोर्ट के अनुसार सभी को समुचित इलाज मुहैया कराया जाएगा।
उन्होनें डेंगू के गंभीर लक्षण के बारे में बताया कि शुरुआती खतरे के संकेतों में बेड से उठकर जाते समय आंखों के आगे अंधेरा छा जाना, जो मुख्य रूप से बीपी कम होने से होता है। इसके अलावा अन्य संकेत जैसे पेट में दर्द, यूरिन बहुत कम होना, बार-बार उल्टी होना, खड़े न हो पाना यह सभी डेंगू के गंभीर संकेत हैं। ऐसे में डेंगू मरीज को केवल चिकित्सक की देख रेख में ही इलाज लेना चाहिए। डेंगू के सामान्य लक्षणों में सिद दर्द, मिचली होना, उल्टी होना, मांसपेशियों, हड्डीयों और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों में सूजन व त्वचा पर लाल चकत्ते का संकेताक भी डेंगू लक्षण के प्रतीक है।
संचारी रोग के नोडल डॉ संजय सोलंकी ने बताया कि इस समय होने वाले बुखार में केवल चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही दवाओं का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा बुखार उतारने के लिए पूरे शरीर को सामान्य पानी से बार-बार पोछना चाहिए क्योंकि केवल सिर पर पट्टी लगाने से बुखार नहीं उतरेगा। उन्होंने बताया कि डेंगू मरीज को एसक्लोपैरा, इयूजेसिक या बूफेन जैसी दवाइयों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। इस दौरान पेय तरल पदार्थ का अधिक उपयोग करना चाहिए। डेंगू से बचाव के लिए सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें व मच्छरों के काटने से बचे, सप्ताह में एक बार कूलर को रगड़ कर साफ करें व सुखाने के उपरान्त फिर से उपयोग में लाएं, छत पर पानी की टंकी का ढक्कन खुला न रखें, समय-समय पर टंकी की सफाई का ध्यान रखें। घरों की छतों आस-पास टूटे फूटे बर्तन, खिलौने, प्लास्टिक कन्टेनर आदि को नष्ट कर दें या उनमें जमा पानी को निकाल दें। डेंगू का मच्छर अधिकतर दिन के समय ही काटता है इसलिए पूरी आस्तीन का कपड़ा (फुल शर्ट, फुल पैन्ट व जूता-मोजा) पहनें। इसके साथ-साथ डेंगू की जांच व इलाज सभी सरकारी चिकित्सालयों में मुफ्त उपलब्ध है अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य कर्मी/स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क करें।