: स्थानान्तरण पर हेड कांस्टेबिल को दी गई भावभीनी विदाई
Wed, Jul 26, 2023
बहराइच। हेड कांस्टेबिल के स्थानान्तरण पर मित्रों व अन्य साथी स्टाफ द्वारा विदाई समारोह आयोजित कर भावभीनी विदाई दी गई। गौरतलब हो कि हेड कास्टेबिल उमेश यादव जिले में 2017 से तैनात थे। वर्तमान में उनकी तैनाती कोतवाली नगर में थी। उनका स्थानान्तरण मुख्यालय लखनऊ बिजलेस में हुआ है। उनके स्थानान्तरण पर बुधवार को साथी स्टाफ व अन्य मित्रों द्वारा फूल मालाओं से लादकर विदाई दी गई व उन्हें भविष्य के कार्यकाल की शुभकामनाएं दी गई। इस दौरान वी.पी.सिंह सहित अन्य पुलिस स्टाफ व मित्रगण मौजूद रहे।
: मुख्य सेविका पद पर पदोन्नत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बांटे गए नियुक्ति पत्र
Wed, Jul 26, 2023
बहराइच। जनपद में आांगनबाड़ी कार्यकत्री के पद से मुख्य सेविका के पद से मुख्य सेविका के पद पदोन्नत हुई अभ्यर्थियों को विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एम.एल.सी. डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी व मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना द्वारा पदोन्नत हुई कार्मिकों को नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया। उल्लेखनीय है कि बाल विकास परियोजना चित्तौरा अनतर्गत छावनी सरकार में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकत्री श्रीमती मुक्ता देवी तथा बाल विकास परियोजना फखरपुर के तहत अकबरपुर बुजुर्ग-प्रथम में ऑगनाबाड़ी कार्यकत्री श्रीमती मंजू शुक्ला का प्रमोशन मुख्य सेविका के पद पर किया गया है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए एम.एल.सी. डॉ. त्रिपाठी ने मुख्य सेविका के पद पर चयनित होने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बधाई देते हुए कहा कि पूर्व की भांति ही अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करती रहें। सीडीओ कविता मीना ने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण में आंगनबाड़ी केन्द्रों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहॉ कि केन्द्र पर आने वाले लक्षित बच्चों व महिलाओ को सुपोषित बनाएं। श्रीमती मीना ने कहा कि गर्भवती एवं धात्री महिलाओं एवं लक्षित बच्चों को स्वस्थ व पोषित रखने में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं केन्द्रों की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। सीडीओ ने कार्यक्रम में मौजूद कार्यकत्रियों का आहवान किया पदोन्नति का लाभ प्राप्त करने वाली कार्यकत्रियों से प्रेरणा प्राप्त कर अच्छा कार्य कर स्वयं भी प्रमोट होने का प्रयास करें। सीडीओ ने पदोन्नत मुख्य सेविकाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बधाई दी। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी राजकपूर, बाल विकास परियोजना अधिकारी पयागपुर, महसी, फखरपुर, चित्तौरा, मिंहीपुरवा, रिसिया एवं नगर के साथ मुख्य सेविका पद पर चयनित ऑगनाबाड़ी कार्यकत्रियों के परिजन सहित अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
: निपुण भारत मिशन के अन्तर्गत प्रशिक्षित होगें संकुल प्रभारी
Wed, Jul 26, 2023
तीन दिवसीय शिक्षक संकुल कार्यशाला का जिलाधिकारी ने किया शुभारम्भ
शिक्षक के अवतार में नजर आयी डीएम, मार्मिक सम्बोधन से शिक्षकों को किया प्रेरित
मौजूद शिक्षकों को डीएम ने दिलायी निपुण शपथ
बहराइच। निपुण भारत मिशन के अन्तर्गत शिक्षक संकुलों की क्षमता संवर्द्धन के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पयागपुर के तत्वावधान में विकास खण्ड चित्तौरा के सभागार में आयोजित तीन दिवसीय शिक्षक संकुल कार्यशाला का मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मोनिका रानी ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया तथा मौजूद संकुल प्रभारियों को निपुण शपथ भी दिलाई। कार्यशाला के प्रथम दिन विकास खण्ड पयागपुर, विशेश्वरगंज, चित्तौरा, हुज़ूरपुर व तेजवापुर के शिक्षकों का निपुण विद्यालय बनाने हेतु क्षमता संवर्द्धन किया गया। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी मोनिका रानी ने कहा कि आप सबके बीच आकर मुझे घर आने जैसा एहसास हो रहा है। डीएम ने कहा कि उन्होंने स्वयं सरकारी विद्यालयों के माध्यम से शिक्षा ग्रहण की है और उनका शुरूआती कैरियर भी शिक्षक के रूप में रहा है। डीएम ने कहा कि उन्होंने दिल्ली के शिक्षण संस्था में कमोबेश 06 वर्षों तक शिक्षण का कार्य किया है। डीएम ने कहा कि विद्यालय एक स्कूल नहीं बल्कि पूजा स्थल के समान है। इस स्थान की पवित्रता को बनाएं रखें। विद्या के मन्दिर को हमेशा साफ-सुथरा रखें इससे नकारात्मक ऊर्जा के स्थान पर बच्चों में पॉज़ीटिव एनर्जी का संचार होगा। डीएम ने कहा कि परीषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के समक्ष एक अलग तरह की चुनौती है। क्योंकि देखने में यह आता है कि गरीब परिवार के बच्चे ही सरकारी स्कूलों में आते हैं। क्षमता संवर्द्धन कार्यशाला के माध्यम से आपको यह सिखाया जाएगा कि विद्यालय आने वाले बच्चों को आपके माध्यम से उच्च गुणवत्ता की शिक्षा दिलाई जाए ताकि योग्यता के आधार पर परीषदीय विद्यालयों के बच्चे कान्वेन्ट स्कूलों के बच्चों से किसी मायनों में पीछे न रहे। डीएम ने कहा कि शिक्षक का कार्य मात्र शिक्षा देने तक ही सीमित नहीं है। एक शिक्षक कुम्हार की चाक और बच्चे उस पर रखी गीली मिट्टी के समान है। अब यह शिक्षक की जिम्मेदारी है कि वह गुरू और अभिभावक की भूमिका का निर्वहन करते हुए बच्चे के बौद्धिक विकास के साथ-साथ उसके चरित्र का भी निर्माण करें। डीएम ने शिक्षकों का आहवान किया कि आप अपने कैरियर को एक अवसर के रूप में लें। समाज में शिक्षकों का वह सम्मान है जो दूसरे कैरियर में शीर्ष पर बैठे लोगों को भी नसीब में नहीं है। बच्चों को अपने बच्चे समझते हुए उन्हें गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करें ताकि जब वहीं बच्चें समाज में ऊंचा मकाम हासिल करेंगे तो आपको ऐसा एहसास होगा जैसे आपके बेटे या बेटी ने सफलता अर्जित की है। डीएम मोनिका रानी ने शिक्षकों का आहवान किया कि शिक्षा प्रदान करने में डिजिटल क्रांति का भरपूर उपयोग करें ताकि कम समय में आप अधिक प्रभावी ढंग से बच्चों को ज्ञान दें सके और आप द्वारा दिया गया ज्ञान बच्चे की अस्थाई मेमोरी में सेफ हो सके। डीएम ने शिक्षकों से कहा कि निजी क्षेत्र के विद्यालयों में दी जा रही शिक्षा पर भी आप निगाह रखें, अगर वहॉं पर कोई अच्छी चीज़ बच्चों को सिखाई जा रही है तो उसे नवाचार के रूप में अपने विद्यालय में भी लागू करें। लेकिन आपका एक मात्र उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा देना होना चाहिए। इससे पूर्व उप शिक्षा निदेशक/प्राचार्य डायट उदय राज ने मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए क्षमता संवर्द्धन कार्यशाला के उद्देश्यों एवं उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कार्यशाला में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों, जिला समन्वयक, अकादमिक रिसोर्स पर्सन, स्टेट रिसोर्स पर्सन, स्टेट रिसोर्स ग्रुप एवं ब्लाक में कार्यरत शिक्षक संकुल, ए.आर.पी., एस.आर.जी. को आमंत्रित किया गया। कार्यशाला को बी.एस.ए.अव्यक्त राम तिवारी, जिला समन्वयक श्रवण मिश्रा, स्टेट रिसोर्स ग्रुप के सदस्यों व अन्य शिक्षकों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए मौजूद लोगों को उपयोगी सुझाव दिये। कार्यक्रम के अन्त में उप शिक्षा निदेशक/प्राचार्य डायट उदय राज ने डीएम को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर बीडीओ चित्तौरा संदीप कुमार त्रिपाठी भी मौजूद रहे।